
ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) ने “आजादी का अमृत महोत्सव” के तहत प्रतिष्ठित सप्ताह के रूप में "राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण सप्ताह: 8-14 दिसंबर 2021" के दौरान 8 दिसंबर, 2021 को वर्चुअल माध्यम से"घरेलू ऊर्जा ऑडिट (एचईए) पर प्रमाणन पाठ्यक्रम" को शुरू किया।
घरेलू ऊर्जा ऑडिट (एचईए) एक घर में विभिन्न ऊर्जा-खपत वस्तुओं और उपकरणों के ऊर्जा उपयोग के उचित लेखांकन, परिमाणीकरण, सत्यापन, निगरानी और विश्लेषण को सक्षम बनाता है। इसके अलावा यह ऊर्जा खपत को कम करने के लिए लागत-लाभ विश्लेषण व कार्य योजना के साथ ऊर्जा दक्षता में सुधार के लिए संगत समाधान और सिफारिशों की एक तकनीकी रिपोर्ट पेश करता है। इससे आखिर में उपभोक्ता के ऊर्जा खर्चों और कार्बन फुटप्रिंट में कमी आएगी।
यह प्रमाणन कार्यक्रम इंजीनियरिंग/डिप्लोमा कॉलेजों के छात्रों के बीच ऊर्जा ऑडिट, ऊर्जा दक्षता और संरक्षण के महत्व और लाभों के बारे में जागरूकता पैदा करेगा। इसके अलावा इससे ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, जलवायु परिवर्तन शमन और स्थिरता में बढ़ोतरी होगी।
यह प्रमाणन पाठ्यक्रम सक्षम करेगा :
ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के सचिव श्री आर के रायऔर ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के संयुक्त निदेशक श्री अभिषेक शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। साथ ही, इस कार्यक्रम का सारांश भीप्रस्तुत किया। इसके बाद ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के महानिदेशक श्री अभय बकरे नेउद्घाटन भाषण दिया।
केरल स्थित ऊर्जा प्रबंधन केंद्र के निदेशक डॉ. आर. हरिकुमार ने "घरेलू ऊर्जा ऑडिट पर प्रमाणन पाठ्यक्रम के लिए अवलोकन और आगे की राह" पर एक प्रस्तुति दी। इस समारोह में पूरे देश के विभिन्न इंजीनियरिंग/डिप्लोमा कॉलेजों के कुलपति, अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक, शिक्षक व छात्रों और सभी राज्य मनोनीत एजेंसियों (एसडीए) के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। इस वेबीनार में देशभर के 50 कॉलेजों/संस्थानों के 300 से अधिक छात्रों ने भाग लिया।
घरेलू ऊर्जा ऑडिट (एचईए) एक घर में विभिन्न ऊर्जा-खपत वस्तुओं और उपकरणों के ऊर्जा उपयोग के उचित लेखांकन, परिमाणीकरण, सत्यापन, निगरानी और विश्लेषण को सक्षम बनाता है। इसके अलावा यह ऊर्जा खपत को कम करने के लिए लागत-लाभ विश्लेषण व कार्य योजना के साथ ऊर्जा दक्षता में सुधार के लिए संगत समाधान और सिफारिशों की एक तकनीकी रिपोर्ट पेश करता है। इससे आखिर में उपभोक्ता के ऊर्जा खर्चों और कार्बन फुटप्रिंट में कमी आएगी।
यह प्रमाणन कार्यक्रम इंजीनियरिंग/डिप्लोमा कॉलेजों के छात्रों के बीच ऊर्जा ऑडिट, ऊर्जा दक्षता और संरक्षण के महत्व और लाभों के बारे में जागरूकता पैदा करेगा। इसके अलावा इससे ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, जलवायु परिवर्तन शमन और स्थिरता में बढ़ोतरी होगी।
यह प्रमाणन पाठ्यक्रम सक्षम करेगा :
- -उपभोक्ताओं की जरूरतों के आधार पर घरेलू ऊर्जा ऑडिट करने के लिए पेशेवरों के एक पूल का निर्माण;
- -संबंधित एसडीए प्रमाणित घरेलू ऊर्जा ऑडिटरों से उपभोक्ताओं के घरेलू उर्जा का लेखा परीक्षण;
- -ऊर्जा का लेखा परीक्षण, ऊर्जा दक्षता व संरक्षण के महत्व और लाभों के बारे में इंजीनियरिंग/डिप्लोमा/आईटीआई के छात्रों, ऊर्जा पेशेवरों और उद्योग साझेदारों के बीच सूचना का प्रचार-प्रसार व जागरूकता बढ़ाना।
ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के सचिव श्री आर के रायऔर ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के संयुक्त निदेशक श्री अभिषेक शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। साथ ही, इस कार्यक्रम का सारांश भीप्रस्तुत किया। इसके बाद ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के महानिदेशक श्री अभय बकरे नेउद्घाटन भाषण दिया।
केरल स्थित ऊर्जा प्रबंधन केंद्र के निदेशक डॉ. आर. हरिकुमार ने "घरेलू ऊर्जा ऑडिट पर प्रमाणन पाठ्यक्रम के लिए अवलोकन और आगे की राह" पर एक प्रस्तुति दी। इस समारोह में पूरे देश के विभिन्न इंजीनियरिंग/डिप्लोमा कॉलेजों के कुलपति, अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक, शिक्षक व छात्रों और सभी राज्य मनोनीत एजेंसियों (एसडीए) के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। इस वेबीनार में देशभर के 50 कॉलेजों/संस्थानों के 300 से अधिक छात्रों ने भाग लिया।

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