राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष ने यात्रा के बाद मेट्रो के अधिकारियों से मुलाकात भी की और प्रोजेक्ट की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने इस पूरे प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन भी देखा। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि कैसे इसे तय समय से पहले रेडी किया गया। निर्माण के दौरान आने वाली चुनौतियों के बारे में भी बताया गया। श्री पवार ने मेट्रो के निर्माण की तकनीक को भी प्रेजेंटेशन के माध्यम से समझा।
श्री शरद पवार ने मेट्रो ट्रेन से फुगेवाड़ी से पिंपरी के संत तुकाराम नगर स्टेशन तक यात्रा की है। ट्रेन में वे अपने समर्थकों के साथ खड़े नजर आए। इस दौरान मेट्रो के अधिकारियों ने उनके साथ सेल्फी भी ली। हालांकि, श्री पवार की मेट्रो यात्रा की जानकारी एनसीपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पहले से मिल गई थी, यही कारण है कि भारी संख्या में लोग मेट्रो स्टेशन पर पहुंचे। हालांकि, सभी ने मास्क लगाया हुआ था, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग के बाकी नियम लगभग सभी समर्थक तोड़ रहे थे।
फुगेवाड़ी स्टेशन जहां से श्री शरद पवार ने मेट्रो से यात्रा की थी। वहां का काम 90 से 95 फीसदी तक पूरा हो चुका है। श्री पवार ने इसकी जानकारी भी ली है। संत तुकाराम नगर स्टेशन का सेफ्टी ऑडिट बाकी है, इसके बाद माना जा रहा है कि पुणे और पिंपरी चिंचवड मेट्रो की यात्रा आम लोग कर सकेंगे। इस रूट का हाल ही में ट्रायल किया गया था।
पुणे मेट्रो के वनाज और रेंज हिल्स पर डिपो स्थापित करने का काम भी प्रगति पर है। पहला परीक्षण पीसीएमसी से संत तुकारामनगर तक 1 किमी के मार्ग पर किया गया था। दूसरा परीक्षण 3 जनवरी को हुआ था। दूसरे टेस्ट के लिए मेट्रो ट्रेन पीसीएमसी से फुगेवाड़ी तक 6 किमी के रूट पर दौड़ी थी। टेस्टिंग के दौरान तीन कोच का इस्तेमाल किया गया था।
फुगेवाड़ी स्टेशन जहां से श्री शरद पवार ने मेट्रो से यात्रा की थी। वहां का काम 90 से 95 फीसदी तक पूरा हो चुका है। श्री पवार ने इसकी जानकारी भी ली है। संत तुकाराम नगर स्टेशन का सेफ्टी ऑडिट बाकी है, इसके बाद माना जा रहा है कि पुणे और पिंपरी चिंचवड मेट्रो की यात्रा आम लोग कर सकेंगे। इस रूट का हाल ही में ट्रायल किया गया था।
पुणे मेट्रो के वनाज और रेंज हिल्स पर डिपो स्थापित करने का काम भी प्रगति पर है। पहला परीक्षण पीसीएमसी से संत तुकारामनगर तक 1 किमी के मार्ग पर किया गया था। दूसरा परीक्षण 3 जनवरी को हुआ था। दूसरे टेस्ट के लिए मेट्रो ट्रेन पीसीएमसी से फुगेवाड़ी तक 6 किमी के रूट पर दौड़ी थी। टेस्टिंग के दौरान तीन कोच का इस्तेमाल किया गया था।
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