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राजीव गांधी छात्र दुर्घटना सानुग्रह अनुदान योजना के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी गठित

मुंबई, जनवरी (महासंवाद)

राजीव गांधी छात्र दुर्घटना सानुग्रह अनुदान योजना राज्य में वर्ष 2012-13 से कक्षा एक से बारहवीं तक के छात्रों के लिए लागू की जा रही है। राज्य प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने यह जानकारी दी है कि इस संशोधित योजना के तहत प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रत्येक जिले में एक समिति का गठन किया गया है।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पुलिस अधीक्षक या पुलिस उपायुक्त (प्रशासन), शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) इस समिति के सदस्य होंगे और शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक / निरीक्षक) सदस्य सचिव होंगे। इस योजना के तहत किसी छात्र की आकस्मिक मृत्यु होने पर 75 हजार रुपये, दुर्घटना के कारण हमेशा अपंगत्व (दो अवयव/दो आंखें या एक अवयव या एक आंख चली जाने पर) होने पर 50 हजार रुपये और दुर्घटना के कारण एक अवयव या एक आंख चली जाने पर 30 हजार रुपये सानुग्रह अदा किए जाएंगे।
यह शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) की जिम्मेदारी है कि वह कक्षा एक से आठवीं तक के छात्रों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करे, जबकि नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) की जिम्मेदारी है और ग्रेटर मुंबई के लिए शिक्षा निरीक्षक की जिम्मेदारी है। इस योजना के तहत अनुदान राशि का भुगतान छात्र की माता, पिता के जीवित न होने पर तथा छात्र के माता/पिता के जीवित न होने पर 18 वर्ष से अधिक आयु के भाई या अविवाहित बहन या माता-पिता को प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है।
राजीव गांधी विद्यार्थी दुर्घटना सानुग्रह अनुदान योजना के तहत वर्ष 2018-19 में 1190 छात्रों के लिए 8 करोड़ 78 लाख 65 हजार रुपये, वर्ष 2019-20 में 483 छात्रों के लिए 3 करोड़ 56 लाख 16 हजार रुपये और 2020-21 में 476 छात्रों के लिए 3 करोड़ 58 लाख 50 हजार रुपये खर्च किए गए। यह जानकारी शिक्षा निदेशक (प्राथमिक) महेश पालकर ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है।

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