आज का दिन
है नेताजी का जन्मदिन
सुभाष बाबू का जन्मदिन
जिन्हें
नेताजी बनाया/पुकारा
वह था बर्लिन/जर्मन
विगत सवा सौ साल
सुभाष का है इतिहास
समृद्ध बंगाली परिवार
उड़ीसा में बसा/जहाँ
सुभाष ने लिया अवतार
उच्च शिक्षा अंग्रेजी परीक्षा
प्रशासन की सर्वोच्च परीक्षा
मानसिक गुलाम न बना पाई
और सुभाष ने ली
आजाद अंगड़ाई
देश लौटे/गांधी से मिले
मगर विचार न मिले
छोड़ दिया अध्यक्ष पद
पहरे में हुए कैद
पर सब हैरान परेशान
देश से कैसे किया प्रयाण
सीमाओं को पार कर
कई देशों को पार कर
पहुंच गए जर्मनी
हिटलर से बनी/ठनी
पहुंच गए जापान
पूरे किए अरमान
स्वयं में एक फौज थे
फिर भी बनाई
आईएनए
आईएनए के अफसर
उनके दिमाग थे
सिपाही थे भुजाएं
कर्मचारी थे शिराएं
बस एक उद्देश्य सभी का
देश को आजाद कराएं
आजादी का ध्वज फहराएँ
अंडमान में फहराया
पर किसी को रास न आया
घर में दुशमन
देश में दुशमन
विदेश में दुशमन
व्यक्ति दुश्मन
दल भी दुश्मन
कई देश तक दुश्मन
सबके थे प्रयत्न
सुभाष बाबू का अंत
पर सुभाष चंद्र बोस
पैदा नहीं होते
मृत्यु को प्राप्त नहीं होते
अवतरित होते हैं
अंतर्ध्यान होते हैं
आओ नेताजी
खून हमने नहीं दिया
पर आज आजाद हैं हम
आपको
प्रणाम करते हैं
सलाम करते हैं
और
जिंदाबाद बोलते हैं।
-सत्येंद्र सिंह
सेवानिवृत्त वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी
स. नं. 51/1, ‘रामेश्वरी सदन’ सप्तगिरी सोसाइटी,
जांभुलवाडी रोड, आंबेगांव खुर्द, पुणे-411046
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