मुख्य समाचार

6/recent/ticker-posts

9वीं आर्मी टू आर्मी स्टाफ चर्चा (एएएसटी) : पुणे में भारत और श्रीलंका सेना के बीच वार्ता

पुणे, फरवरी (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)

श्रीलंका के सशस्त्र दल के 6 अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल 10 से 12 फरवरी के दौरान उभय सेना चर्चा में भाग लेने के लिए तीन दिन के भारत दौर पर आया। पुणे स्थित दक्षिण कमांड के मुख्यालय के अंतर्गत अग्निबाज विभाग द्वारा दोनों देशों की सेना में अधिक अच्छे समन्वय बढ़ाने के उद्देश्य से 9 वीं आर्मी टू आर्मी स्टाफ चर्चा का आयोजन किया गया।
इस परिषद का नेतृत्व भारतीय सेना के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख प्रमुख मेजर जनरल अनिल कुमार काशीद, एवीएसएम, वीएसएम, अंतरराष्ट्रीय सहयोग अतिरिक्त महासंचालक,  और श्रीलंका सेना के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख मेजर जनरल एचपी रणसिंघे आरडब्ल्यूपी, आरएसपी  ने किया। दोनों देशों ने प्रशिक्षण, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय अभ्यास का आयोजन, कला, क्रीड़ा और सांस्कृतिक  अदला-बदली क्षेत्र के संबंध में बढ़ाने प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। कार्यान्वित मामलों की प्रगति पर और आने वाले वर्षों के लिए नियोजित कार्य योजना पर चर्चा के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।
भारत आए अतिथि प्रतिनिधिमंडल ने 11 फरवरी 2022 को सैन्य प्रौद्योगिकी संस्थान (एमआईएलआईटी) और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), खडकवासला का दौरा किया। इस दल ने कमांडेंट और शिक्षक प्रशिक्षण पद्धति और एमआईएलआईटी में आश्रित सर्वोत्तम पद्धति के बारे में चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल को एमआईएलआईटी में शुरू सशस्त्र दल से संबंधित तकनीक अभ्यास के बारे में जानकारी दी गई और एमआईएलआईटी में डीएसटीएससी अभ्यासक्रम सीखनेवाले श्रीलंका सेना के सिखानेवाले अधिकारियों से चर्चा की।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की यात्रा का उद्देश्य ‘प्रशिक्षण विनिमय कार्यक्रम’ के हिस्से के रूप में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाना था। यह भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय रक्षा सहयोग का सबसे मजबूत और सबसे स्थायी स्तंभ है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को एनडीए में प्रशिक्षण प्रथाओं और संबंधित बुनियादी ढांचे के बारे में जानकारी दी गई। एनडीए में प्रशिक्षण ले रहे श्रीलंकाई कैडेटों ने कैडेट मेस में प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने एयर मार्शल संजीव कपूर, एवीएसएम, वीएम, कमांडेंट, एनडीए से मुलाकात की।
श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल ने कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (सीएमई), पुणे का भी दौरा किया। यहां उन्हें कॉलेज के प्रशिक्षण संबंधी बुनियादी ढांचे के बारे में बताया गया, जिसका उपयोग युद्ध से संबंधित क्षेत्रों में उभरती सुरक्षा चुनौतियों के सभी प्रासंगिक इंजीनियरिंग पहलुओं में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए किया जाता है। प्रतिनिधिमंडल के लिए एक लड़ाकू अभियंता का प्रदर्शन भी आयोजित किया गया था। इसके अलावा, प्रतिनिधियों के लिए भारत की समृद्ध विरासत और संस्कृति के बारे में जानने के लिए एक सांस्कृतिक दौरे का भी आयोजन किया गया था।
यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ