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छत्रपति शिवाजी महाराज के कार्यों से नई पीढ़ी को परिचित कराने के लिए किया जा रहा है किलों का विकास : उपमुख्यमंत्री अजीत पवार

 शिवनेरी किले पर उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मौजूदगी में मनाया गया शिवजन्मोत्स

पुणे, फरवरी (जिमाका)

छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और महान कार्यों से नई पीढ़ी को परिचित कराने के लिए सरकार द्वारा महाराष्ट्र में किलों का विकास किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मौजूदगी में शिवनेरी किले पर शिवजन्मोत्सव उत्साह के साथ मनाया गया, तब श्री पवार बोल रहे थे। यहां राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात, गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल, पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे, सूचना एवं जनसंपर्क राज्य मंत्री अदिति तटकरे, सांसद छत्रपति संभाजी राजे, जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला पानसरे, विधायक अतुल बेनके, मराठा सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय घोगरे, पूर्व विधायक शरद सोनवणे आदि उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज युग निर्माता थे, जिन्होंने रयत राज्य की स्थापना की। उन्होंने अठरापगढ़ जातियों को साथ लेकर रयत राज्य की स्थापना की। यह हमारा सौभाग्य है कि महाराज जैसे युग निर्माता का जन्म महाराष्ट्र में हुआ। 400 साल बाद भी नई पीढ़ी के मन में अभी भी शिवाजी महाराज के लिए सम्मान और गौरव है। महाराज के नाम ने हर पीढ़ी को बहादुरी और कल्याण के लिए प्रेरित किया है।
छत्रपति शिवाजी महाराज के काम से नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए किलों के संरक्षण करने की मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार की भूमिका है। इसके लिए पुरातत्व, पर्यावरण, वन और अन्य विभागों का उपयोग पुरानी वास्तुकला को प्रभावित किए बिना इन विरासत स्थलों को संरक्षित करने का जतन किया जाएगा। राज्य में गठबंधन सरकार बनने के बाद शिवनेरी किले के संवर्धन के लिए 23 करोड़ रुपये दिए गए। किला क्षेत्र में विकास कार्य चल रहा है। रायगढ़ किला संरक्षण के लिए बड़ी धनराशि भी उपलब्ध कराई गई है और वहां कई विकास कार्य चल रहे हैं।
शिव जयंती मराठी लोगों के सपनों की पूर्ति की जयंती है। इस वर्ष राज्याभिषेक के कारण किले पर कोरोना प्रतिबंधों के साथ जयंती मनानी पड़ी। कोरोना कम होने के बाद सभी प्रतिबंध हटाने पर विचार किया जाएगा।
शिवाजी महाराज ने जुन्नर में हापुस आम रखा। इस आम को संरक्षित करने का काम यहां के किसान करीब साढ़े तीन सौ साल से करते आ रहे हैं। जिला योजना समिति के माध्यम से दी गई 27 लाख रुपये की राशि से उसे भौगोलिक रेटिंग (जीआई) दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
राज्य सरकार की भूमिका हमेशा मराठा समुदाय को आरक्षण दिलाने की रही है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि संवैधानिक प्रावधानों के कारण आरक्षण की सीमा को 50 प्रतिशत से ऊपर नहीं बढ़ाई जा सकती है। इससे निजात पाने के लिए सरकार द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। किसी भी समुदाय के आरक्षण को प्रभावित किए बिना आरक्षण देना सरकार की भूमिका है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री से कानून में बदलाव और आरक्षण की सीमा बढ़ाने का भी अनुरोध किया है। हम सभी को बिना किसी राजनीति के साथ लेकर इसका कोई रास्ता निकालना चाहते हैं।
प्रारंभ में छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्मस्थान पर पारंपरिक पोशाक में महिलाओं ने शिवराया के महत्व के बारे में एक पालकी गाई। उसके बाद पुलिस दस्ते ने तीन राउंड तोपों की सलामी दी और छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की। जुन्नर की महिला मंडली ने पारंपरिक ढोल और लेज़िम का प्रदर्शन किया। उसके बाद उपमुख्यमंत्री श्री पवार ने बालशिवाजी और जीजाऊ की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उपमुख्यमंत्री छत्रपति शिवाजी महाराज की पालकी को लेकर चले।
उपमुख्यमंत्री ने भारतीय डाक विभाग द्वारा बनाए गए पोस्टकार्ड सेट ‘जुन्नर रत्न’ का भी अनावरण किया। 15 सचित्र पोस्टकार्डों के इस सेट में किले, जैव विविधता, पर्यटन स्थल, मंदिर आदि शामिल हैं। इसके पीछे पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. सचिन पुनेकर का कॉन्सेप्ट था।
कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया। छत्रपति शिवाजी महाराज गौरव पुरस्कार स्वर्गीय अनिल अवचट को घोषित किया गया था। यह पुरस्कार उनकी बेटी मुक्ता पुंटंबेकर ने स्वीकार किया। साथ ही शिवनेर भूषण पुरस्कार प्रा. विनायक खोत को प्रदान किया गया।
विभागीय आयुक्त सौरभ राव, जिला कलेक्टर डॉ. राजेश देशमुख, कोल्हापुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक मनोज लोहिया, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आयुष प्रसाद, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिनव देशमुख, प्रांताधिकारी सारंग कोडोलकर, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष देवराम लांडे, मराठा सेवा महासंघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र डुबे और शिव भक्त उपस्थित थे।







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