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राज्य के हजारों पुलिसकर्मियों को अधिकारी होने का मिलेगा प्रमोशन का मौका : मुख्यमंत्री का फैसला पूरा करेगा पुलिस उपनिरीक्षक बनने का सपना

मुंबई, फरवरी (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)

राज्य में हजारों पुलिस कांस्टेबलों के पुलिस सब-इंस्पेक्टर बनने के सपने को साकार करने का सरकार का फैसला मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अंतिम मंजूरी के बाद आज सामने आया है। राज्य में सभी अधिकारी वर्षों की सेवा के बाद भी पुलिस उप-निरीक्षक के पद तक नहीं पहुंच पाए हैं, लेकिन अब पदोन्नति के अवसर बढ़ाने के निर्णय से हजारों भावी पुलिस कांस्टेबल, कांस्टेबल और सहायक उप-निरीक्षकों को सीधे लाभ होगा। इस निर्णय से पुलिस कांस्टेबल अपने कार्यकाल के दौरान पदोन्नति के 3 अवसरों के साथ पद से सेवानिवृत्त हो सकेगा। इस फैसले को लागू करने के लिए पुलिस महानिदेशक के स्तर पर एक संचालन समिति का गठन किया जाएगा।
इसके अलावा पुलिस चपरासी से सहायक पुलिस उप निरीक्षक तक पदोन्नति श्रृंखला में पुलिस नायक की श्रेणी में 38,169 पद भरे गए हैं और उन्हें पुलिस चपरासी, कांस्टेबल और सहायक पुलिस उप-निरीक्षक में वर्गीकृत किया जा रहा है। नतीजतन, पुनर्गठन के बाद, पुलिस कांस्टेबल के पद 1 लाख 8 हजार 58, पुलिस कांस्टेबल के पद 51 हजार 210 और सहायक पुलिस उप निरीक्षक के पद 17 हजार 71 हो जाएंगे।
इस निर्णय से पुलिस बल में पुलिस कांस्टेबलों और सहायक उप निरीक्षकों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे जांच अधिकारियों की कुल संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और पुलिस अधिकारियों पर तनाव कम होगा।
इसके अलावा, पुलिस बल में कम से कम 30 साल की सेवा और सहायक पुलिस उप-निरीक्षक के पद पर 3 साल की सेवा के साथ-साथ पुलिस उप-निरीक्षक के वेतन के तीन मानदंडों को पूरा करने वाले अधिकारी  सब-इंस्पेक्टर (ग्रेड पीएसआई)भी शामिल हैं। इन अधिकारियों को नासिक में महाराष्ट्र पुलिस अकादमी में 12 सप्ताह का प्रशिक्षण लेना होगा।
प्रमोशन का लंबा इंतजार अब खत्म
वर्तमान में, पुलिस बल में पुलिस कर्मियों को तीन पदोन्नति के अवसर मिलते हैं, अर्थात् पुलिस नायक-पुलिस कांस्टेबल-सहायक पुलिस उप-निरीक्षक। साथ ही, पदोन्नति पदों की अपेक्षाकृत कम संख्या के कारण, पदोन्नति में अपेक्षा से अधिक समय लगता है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल कम हो सकता है और दक्षता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कुछ सहायक पुलिस उप निरीक्षक के रूप में 3 वर्ष की सेवा पूरी होने से पहले सेवानिवृत्त हो जाते हैं या कुछ अधिकारी पुलिस कांस्टेबल के पद से सेवानिवृत्त हो जाते हैं। ऐसे अधिकारियों को पुलिस उपनिरीक्षक के पद पर पदोन्नत होने का मौका नहीं मिलता। हालांकि इस फैसले से पुलिस बल के अधिकारियों को काफी फायदा होगा।
अपराध की रोकथाम में बड़ी मदद
इस निर्णय से जांच अधिकारियों की कुल संख्या में वृद्धि होगी, जिससे उनके लिए अपराधों को सुलझाने के साथ-साथ आम नागरिकों की मदद करना आसान हो जाएगा। इससे पुलिस बल की छवि सुधारने में मदद मिलेगी। साथ ही, वास्तविक कार्य के लिए पुलिस बल के लिए उपलब्ध दिनों की संख्या में भारी वृद्धि होगी और अपराध का पता लगाने और रोकथाम में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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