यूक्रेन में रूसी सैन्य अभियान के कारण आपूर्ति की कमी की चिंता की वजह से कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें आज एक सौ 15 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड ऑयल पांच प्रतिशत से अधिक बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया जो कि साप्ताहिक आधार पर लगभग 20 प्रतिशत अधिक है।
निवेशकों ने कच्चे तेल की बढती कीमतों की वजह से दुनिया भर में मुद्रास्फीति बढ जाने की आशंका व्यक्त की है। कई देशों में मुद्रास्फीति की दर पहले ही पिछले कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंच गई है।
रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन में अपना सैन्य अभियान शुरू किया था जो अब भी जारी है। पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर कडे प्रतिबंध लगाए जाने की वजह से कोयला, प्राकृतिक गैस और एल्युमीनियम के मूल्यों में भी तेजी से वृद्धि हो सकती है।
एक प्रमुख भारतीय बैंक की रिपोर्ट के अनुसार रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध वित्तीय बाजारों और विनिमय दरों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि इसका भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोई स्थायी प्रभाव नहीं पड़ेगा।
निवेशकों ने कच्चे तेल की बढती कीमतों की वजह से दुनिया भर में मुद्रास्फीति बढ जाने की आशंका व्यक्त की है। कई देशों में मुद्रास्फीति की दर पहले ही पिछले कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंच गई है।
रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन में अपना सैन्य अभियान शुरू किया था जो अब भी जारी है। पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर कडे प्रतिबंध लगाए जाने की वजह से कोयला, प्राकृतिक गैस और एल्युमीनियम के मूल्यों में भी तेजी से वृद्धि हो सकती है।
एक प्रमुख भारतीय बैंक की रिपोर्ट के अनुसार रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध वित्तीय बाजारों और विनिमय दरों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि इसका भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोई स्थायी प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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