अब सामान्य मोबाइल फोन उपयोगकर्ता कर सकेंगे सुरक्षित तरीके से डिजिटल भुगतान
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मंगलवार को एक नई सेवा शुरू की, जिसके जरिए 40 करोड़ से अधिक फीचर फोन या सामान्य मोबाइल फोन उपयोगकर्ता सुरक्षित तरीके से डिजिटल भुगतान कर सकेंगे।
जिन लोगों के पास इंटरनेट कनेक्शन नहीं है, वे यूपीआई ‘123पे’ नाम से शुरू की गई इस सेवा के जरिए डिजिटल भुगतान कर सकते हैं और यह सेवा साधारण फोन पर काम करेगी।
गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अब तक यूपीआई की सेवाएं मुख्य रूप से स्मार्टफोन पर ही उपलब्ध हैं, जिसके चलते समाज के निचले तबके के लोग इनका इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में अब तक यूपीआई लेनदेन 76 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 41 लाख करोड़ रुपये था।
उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं है, जब कुल लेनदेन का आंकड़ा 100 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक देश में 40 करोड़ मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं के पास सामान्य फीचर फोन हैं।
डिप्टी गवर्नर टी. रविशंकर ने कहा कि इस समय यूपीआई सेवाएं यूएसएसडी-आधारित सेवाओं के जरिए ऐसे उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन यह काफी बोझिल है और सभी मोबाइल परिचालक ऐसी सेवाओं की अनुमति नहीं देते हैं।
आरबीआई ने कहा कि फीचर फोन उपयोगकर्ता अब चार तकनीकी विकल्पों के आधार पर कई तरह के लेनदेन कर सकते हैं। इनमें 1) आईवीआर (इंटरैक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स) नंबर पर कॉल करना, 2) फीचर फोन में ऐप की कार्यक्षमता, 3) मिस्ड कॉल आधारित विधि और 4) सामिप्य ध्वनि आधारित भुगतान शामिल हैं।
इस सेवा के जरिए उपयोगकर्ता दोस्तों और परिवार को धन भेज सकते हैं, विभिन्न उपयोगिता बिलों का भुगतान कर सकते हैं और वाहनों के फास्ट टैग को रिचार्ज करने तथा मोबाइल बिलों का भुगतान करने की सुविधा भी इसमें मिलेगी। दास ने मंगलवार को डिजिटल भुगतान के लिए एक हेल्पलाइन भी शुरू की गई, जिसे भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने तैयार किया है।
‘डिजीसाथी’ नाम की इस हेल्पलाइन की मदद वेबसाइट - ‘डिजीसाथी डॉट कॉम’ और फोन नंबर - ‘14431’ और ‘1800 891 3333’ के जरिए ली जा सकती है।
जिन लोगों के पास इंटरनेट कनेक्शन नहीं है, वे यूपीआई ‘123पे’ नाम से शुरू की गई इस सेवा के जरिए डिजिटल भुगतान कर सकते हैं और यह सेवा साधारण फोन पर काम करेगी।
गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अब तक यूपीआई की सेवाएं मुख्य रूप से स्मार्टफोन पर ही उपलब्ध हैं, जिसके चलते समाज के निचले तबके के लोग इनका इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में अब तक यूपीआई लेनदेन 76 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 41 लाख करोड़ रुपये था।
उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं है, जब कुल लेनदेन का आंकड़ा 100 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक देश में 40 करोड़ मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं के पास सामान्य फीचर फोन हैं।
डिप्टी गवर्नर टी. रविशंकर ने कहा कि इस समय यूपीआई सेवाएं यूएसएसडी-आधारित सेवाओं के जरिए ऐसे उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन यह काफी बोझिल है और सभी मोबाइल परिचालक ऐसी सेवाओं की अनुमति नहीं देते हैं।
आरबीआई ने कहा कि फीचर फोन उपयोगकर्ता अब चार तकनीकी विकल्पों के आधार पर कई तरह के लेनदेन कर सकते हैं। इनमें 1) आईवीआर (इंटरैक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स) नंबर पर कॉल करना, 2) फीचर फोन में ऐप की कार्यक्षमता, 3) मिस्ड कॉल आधारित विधि और 4) सामिप्य ध्वनि आधारित भुगतान शामिल हैं।
इस सेवा के जरिए उपयोगकर्ता दोस्तों और परिवार को धन भेज सकते हैं, विभिन्न उपयोगिता बिलों का भुगतान कर सकते हैं और वाहनों के फास्ट टैग को रिचार्ज करने तथा मोबाइल बिलों का भुगतान करने की सुविधा भी इसमें मिलेगी। दास ने मंगलवार को डिजिटल भुगतान के लिए एक हेल्पलाइन भी शुरू की गई, जिसे भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने तैयार किया है।
‘डिजीसाथी’ नाम की इस हेल्पलाइन की मदद वेबसाइट - ‘डिजीसाथी डॉट कॉम’ और फोन नंबर - ‘14431’ और ‘1800 891 3333’ के जरिए ली जा सकती है।
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