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राज्य के 16 शहरों में बिजली वितरण सहित महावितरण, महापारेषण व महानिर्मिती कंपनियों का निजीकरण नहीं होगा : केन्द्र के बिजली संशोधन बिल का भी विरोध

कर्मचारी संघटन 28 व 29 को घोषित हड़ताल वापस लें : प्रधान सचिव (ऊर्जा) दिनेश वाघमारे द्वारा अपील
मुंबई, मार्च (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)

राज्य के 16 शहरों में बिजली वितरण सहित महावितरण, महापारेषण व महानिर्मिती कंपनियों को निजीकरण करने का राज्य सरकार को कोई विचार नहीं है। इस बारे में शुरू चर्चाएं तथ्यहीन हैं, इसलिए बिजली कामगार, कर्मचारी संघटनों द्वारा घोषित 28 व 29 मार्च की हड़ताल वापस ले लेनी चाहिए। यह अपील राज्य के प्रधान सचिव (ऊर्जा) श्री दिनेश वाघमारे द्वारा की गई है।
साथ ही केंद्र सरकार के विद्युत संशोधन विधेयक-2021 के मसौदे में कुछ संशोधनों के संबंध में राज्य के ऊर्जा मंत्री डॉ. नितिन राऊत ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री आर. आर. सिंह से महाराष्ट्र सरकार की भूमिका के बारे में बताया। इसे श्री वाघमारे ने संघटन के पदाधिकारियों के संज्ञान में लाया है।
महाराष्ट्र राज्य बिजली कर्मचारी, अधिकारी, अभियंता संघर्ष समिति की 26 व महाराष्ट्र राज्य बिजली अनुबंध (ठेका) कामगार संघटना संयुक्त कृति समिति के 12 संघटनों ने बिजली कंपनियों के निजीकरण के विरोध व विभिन्न मांगों के लिए 28 व 29 मार्च को हड़ताल करने की चेतावनी दी है। इसी पृष्ठभूमि पर शुक्रवार 25 मार्च को सभी संघटनों के प्रतिनिधियों से प्रधान सचिव (ऊर्जा) तथा महापारेषण के अध्यक्ष व व्यवस्थापकीय संचालक श्री दिनेश वाघमारे ने वीडियों कांफ्रेंसिंग द्वारा चर्चा की। बैठक में महावितरण के अध्यक्ष व व्यवस्थापकीय संचालक श्री विजय सिंघल, महानिर्मिती के अध्यक्ष व व्यवस्थापकीय संचालक श्री संजय खंदारे सहित तीनों कंपनियों के संचालक (मानव संसाधन) उपस्थित थे।
इस समय श्री वाघमारे ने तीनों बिजली कंपनियों के निजीकरण की किसी भी संभावना से इनकार किया और उन्होंने स्पष्ट किया कि 16 शहरों में बिजली वितरण के निजीकरण के बारे में मीडिया में चर्चा में कोई तथ्य नहीं है। राज्य सरकार के पास ऐसा कोई भी प्रस्ताव नहीं है। केन्द्र सरकार के विद्युत संशोधन अधिनियम का राज्य सरकार ने विरोध किया है।
यूनियनों की विभिन्न जायज मांगों, विशेषत: रिक्त जगहों को युद्धस्तर पर भरने और ठेका श्रमिकों के मुद्दों को कानूनी सलाह के माध्यम से सकारात्मक तरीके से संबोधित किया जाएगा, इसलिए सभी संघटनों को घोषित 28 व 29 मार्च की हड़ताल वापस लेकर सरकार को सहयोग प्रदान करें। यह अपील प्रधान सचिव (ऊर्जा) श्री दिनेश वाघमारे द्वारा की गई है।
    यह जानकारी पुणे महावितरण कंपनी के मुख्य अभियंता कार्यालय, पुणे परिमंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री निशिकांत राऊत द्वारा दी गई है।

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