मुख्य समाचार

6/recent/ticker-posts

महावितरण द्वारा तालुकास्तर पर बिजली बिल ठीक कराने के लिए शिविर का आयोजन

मुंबई, मार्च (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं के बिजली बिलों के संबंध में प्रश्नों और शिकायतों के समाधान के लिए महावितरण अधिसूचना जारी कर दी है। 10 मार्च यानी आज से राज्य के प्रत्येक तालुका में बिजली बिल दुरुस्ती शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
10 मार्च से 31 मार्च, 2022 तक राज्य के प्रत्येक तालुका में कृषि ग्राहकों के बिजली बिल ठीक कराने के लिए शिविरों का आयोजन किया जाएगा। महावितरण की कम्प्यूटरीकृत प्रणाली के माध्यम से कृषि ग्राहकों के बिजली बिलों की दुरुस्ती और अनुमोदन के प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी।
महावितरण के कुल बकाया में से सितंबर 2020 के अंत में कृषि उपभोक्ताओं के पास 45,802 करोड़ रुपये बकाया है, इसलिए कृषि उपभोक्ताओं के लाभ के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक सर्व समावेशी कृषि पंप बिजली कनेक्शन नीति 2020 की घोषणा की थी। इस नीति के तहत ब्याज और विलंब शुल्क में 10,420 करोड़ रुपये की छूट, ब्याज व विलंब आकार में 4,676 करोड़ रुपये की छूट देने के बाद सुधारित बकाया 30,706 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसमें से मात्र 2,378 करोड़ रुपये का भुगतान कृषि उपभोक्ताओं ने किया है। वर्तमान बिजली बिलों का बकाया भी सितंबर 2020 से काफी बढ़ गया है और आज कुल बकाया 39,993 करोड़ रुपये हो गया है।
गलत कृषि भुगतान का मुद्दा अक्सर जनप्रतिनिधियों, उपभोक्ता प्रतिनिधियों और मीडिया द्वारा उठाया जाता है। इस संबंध में कृषि ग्राहकों के भुगतान को सत्यापित करने और सही करने के लिए महावितरण द्वारा तालुका वार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। महावितरण ने इस शिविर का लाभ उठाते हुए कृषि उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिजली बिलों को तुरंत ठीक करवाएं।
यह जानकारी पुणे महावितरण कंपनी के मुख्य अभियंता कार्यालय, पुणे परिमंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री निशिकांत राऊत द्वारा दी गई है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ