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विधानमंडल के दोनों सदनों में मराठी भाषा विधेयक पारित

मुंबई, मार्च (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
राज्य में स्थानीय प्राधिकारियों के कार्यालयीन कामकाज तथा जनसंपर्क एवं जनहित से संबंधित मामलों में मराठी भाषा के प्रयोग का प्रावधान किया जाए। तदनुसार, महाराष्ट्र स्थानीय प्राधिकरण (राजभाषा) अधिनियम, 2022 को मराठी भाषा मंत्री सुभाष देसाई ने पहले विधानसभा और फिर विधान परिषद में पेश किया था। विधेयक को दोनों सदनों में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
स्कूलों में मराठी भाषा के प्रयोग को लेकर स्कूली शिक्षा विभाग और मराठी भाषा विभाग के बीच बैठकें हो रही हैं और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। पूर्व में 10 से कम कर्मचारियों वाली प्रतिष्ठान की दुकानों में मराठी चिन्ह लगाने की शर्त थी, इसलिए इस खामी का इस्तेमाल करते हुए मराठी का इस्तेमाल नहीं किया गया। मराठी भाषा के मंत्री सुभाष देसाई ने मराठी भाषा विधेयक पेश करते हुए आश्वासन दिया कि अब इस खामी पर प्रतिबंध है और भविष्य में सभी दुकानों पर मराठी संकेत दिखाई देंगे।
मंत्री श्री देसाई ने बताया कि जैसा कि मराठी व्यवसाय में कुछ शब्द जटिल हैं, मराठी भाषा का आसान कोष बनाने का काम चल रहा है। आज 1 लाख मराठी सीखने वाले बच्चे 33 हजार तक पहुंच गए हैं, इसलिए सभी को आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता है। बहरहाल, तमाम बातों की जांच के बाद यह परफेक्ट महाराष्ट्र स्थानीय प्राधिकरण अधिनियम 2022 बिल लाया गया है।
अब स्थानीय प्राधिकरण में महानगरपालिका, नगर परिषद, नगर पंचायत, औद्योगिक शहर, जिला परिषद, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत, कोई अन्य स्थानीय स्वराज्य निकाय, नियोजना प्राधिकरण, राज्य सरकार के स्वामित्व, इस पर नियंत्रण रखने सरकारी कंपनियों या किसी प्राधिकरण के स्वामित्व या नियंत्रण वाले वैधानिक निगम शामिल हैं। मंत्री देसाई ने यह भी कहा कि अधिनियम के तहत अपने कार्यालय के काम, जनसंपर्क और जनहित से जुड़े मामलों में मराठी भाषा का प्रयोग अनिवार्य किया गया है।

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