गौरैया की विलुप्त होती जनजाति को वापस लाने के लिए उन्हें एक मुट्ठी बाजरा और एक कटोरी पानी उपलब्ध कराएं : डॉ. राजीव चव्हाण द्वारा अनुरोध
पुणे, मार्च (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (अफसर) (र ले प्र नि (अ)) कार्यालय में रविवार दिनांक 20/03/2022 को कार्यालय के प्रवेश द्वार के सामने के लॉन में ‘विश्व गोरैया दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस’ मनाया गया। इस आयोजन के मुख्य अतिथि डॉ. राजीव चव्हाण, भा र ले से, एनडीसी, र ले प्र नि (अ) थे। कार्यालय के अन्य अधिकारीगण श्री लहना सिंह, भा र ले से, उपनियंत्रक, श्री पी. पी. पाठक, लेखा अधिकारी, श्री नीरज निधि, लेखा अधिकारी, श्री कैलाश कुमार सिंह, सहायक लेखा अधिकारी और श्री एस रामबाबू, सहायक लेखा अधिकारी भी इस अवसर पर शामिल थे।
श्री लहना सिंह, भा र ले से, उप नियंत्रक, ने कार्यक्रम के सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पर्यावरण और प्रकृति के प्रति उनके प्रेम की प्रशंसा की। इसके बाद मुख्य अतिथि डॉ. राजीव चव्हाण, भा र ले से, एनडीसी, र ले प्र नि (अ) की गरिमामयी उपस्थिति के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें बीज उद्बोधन के लिए आमंत्रित किया। मुख्य अतिथि डॉ. राजीव चव्हाण, भा र ले से, एनडीसी, र ले प्र नि (अ) ने अपने बीज उद्बोधन में कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण जलवायु परिवर्तन, मोबाइल टावरों की स्थापना, मोबाइल का अधिक उपयोग, ऊंची इमारतों और शहर के कंक्रीट के जंगल में तब्दील होने के कारण गौरैया की आबादी में बड़ी गिरावट देखी जा रही है।
उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि वे गौरैया को जीवित रखने और उसकी घटती आबादी को रोकने के लिए ठोस प्रयास करें। उन्होंने सभा से कहा कि वे गौरैया की विलुप्त होती जनजाति को वापस लाने के लिए उन्हें एक मुट्ठी बाजरा और एक कटोरी पानी उपलब्ध कराएं।
आज अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस होने के कारण उन्होंने उपस्थित कार्मिकों से कहा कि कोविड-19 महामारी के परिणामस्वरूप लोग तनावग्रस्त और परेशान हैं। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि उनके पास जो कुछ भी है उसमें खुश रहें क्योंकि खुशी एक निरंतर यात्रा है मंज़िल नहीं। अंत में उन्होंने कहा कि खुश वह नहीं जिसके पास सबसे बेहतर वस्तु है, बल्कि खुश वह इंसान है जो कुछ नहीं में भी सब कुछ ढूंढ लेता है।
यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।
रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (अफसर) (र ले प्र नि (अ)) कार्यालय में रविवार दिनांक 20/03/2022 को कार्यालय के प्रवेश द्वार के सामने के लॉन में ‘विश्व गोरैया दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस’ मनाया गया। इस आयोजन के मुख्य अतिथि डॉ. राजीव चव्हाण, भा र ले से, एनडीसी, र ले प्र नि (अ) थे। कार्यालय के अन्य अधिकारीगण श्री लहना सिंह, भा र ले से, उपनियंत्रक, श्री पी. पी. पाठक, लेखा अधिकारी, श्री नीरज निधि, लेखा अधिकारी, श्री कैलाश कुमार सिंह, सहायक लेखा अधिकारी और श्री एस रामबाबू, सहायक लेखा अधिकारी भी इस अवसर पर शामिल थे।
श्री लहना सिंह, भा र ले से, उप नियंत्रक, ने कार्यक्रम के सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पर्यावरण और प्रकृति के प्रति उनके प्रेम की प्रशंसा की। इसके बाद मुख्य अतिथि डॉ. राजीव चव्हाण, भा र ले से, एनडीसी, र ले प्र नि (अ) की गरिमामयी उपस्थिति के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें बीज उद्बोधन के लिए आमंत्रित किया। मुख्य अतिथि डॉ. राजीव चव्हाण, भा र ले से, एनडीसी, र ले प्र नि (अ) ने अपने बीज उद्बोधन में कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण जलवायु परिवर्तन, मोबाइल टावरों की स्थापना, मोबाइल का अधिक उपयोग, ऊंची इमारतों और शहर के कंक्रीट के जंगल में तब्दील होने के कारण गौरैया की आबादी में बड़ी गिरावट देखी जा रही है।
उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि वे गौरैया को जीवित रखने और उसकी घटती आबादी को रोकने के लिए ठोस प्रयास करें। उन्होंने सभा से कहा कि वे गौरैया की विलुप्त होती जनजाति को वापस लाने के लिए उन्हें एक मुट्ठी बाजरा और एक कटोरी पानी उपलब्ध कराएं।
आज अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस होने के कारण उन्होंने उपस्थित कार्मिकों से कहा कि कोविड-19 महामारी के परिणामस्वरूप लोग तनावग्रस्त और परेशान हैं। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि उनके पास जो कुछ भी है उसमें खुश रहें क्योंकि खुशी एक निरंतर यात्रा है मंज़िल नहीं। अंत में उन्होंने कहा कि खुश वह नहीं जिसके पास सबसे बेहतर वस्तु है, बल्कि खुश वह इंसान है जो कुछ नहीं में भी सब कुछ ढूंढ लेता है।
यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।
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