महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ईंधन के मूल्य पर वैट कम करने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आग्रह अस्वीकार कर दिया है। श्री ठाकरे ने एक बयान में दावा किया कि महाराष्ट्र के 26 हजार पांच सौ करोड़ रुपए जीएसटी बकाया के रूप में केंद्र के पास हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष करों में राज्य का योगदान 38 दशमलव तीन प्रतिशत और जीएसटी संग्रह में 15 प्रतिशत है। श्री ठाकरे ने कहा कि प्रत्यक्ष करों और जीएसटी संग्रह को मिलाकर महाराष्ट्र देश का नंबर एक राज्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रति लीटर डीजल पर केंद्र 24 दशमलव तीन आठ प्रतिशत जबकि राज्य 22 दशमलव तीन सात प्रतिशत कर लगाता है। प्रति लीटर पेट्रोल पर केंद्र 31 दशमलव पांच आठ प्रतिशत जबकि राज्य 32 दशमलव पांच पांच प्रतिशत कर लगाता है।
तमिलनाडु के वित्तमंत्री ने केन्द्र से पेट्रोल और डीजल पर अधिभार और उपकर कम करने का अनुरोध किया
तमिलनाडु के वित्तमंत्री पलनीवेल त्यागराजन ने केन्द्र से पेट्रोल और डीजल पर अधिभार और उपकर कम करने तथा उनके मूल कर दरों के साथ जोडने का अनुरोध किया है। आज चेन्नई में एक बयान में उन्होंने कहा कि इससे राज्यों को केन्द्रीय कर के लाभ का अपना हिस्सा मिलने में मदद मिलेगी। उन्होंने जीएसटी क्षतिपूर्ति व्यवस्था जारी रखने की अपनी मांग एक बार फिर दोहराई।

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