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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों के लिए वर्धित आवास मान - 2022 को मंजूरी दी

    रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 12 मई 2022 को रक्षा सेवाओं के लिए वर्धित आवास मान 2022 (एसओए) को मंजूरी दे दी है। यह कदम भविष्य की परियोजनाओं में समकालीन विशिष्टताएं और सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करेगा। वर्धित आवास मान- 2022 का कार्यान्वयन समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप निर्मित सुविधाओं / बुनियादी ढांचे और विशिष्टताओं में जबरदस्त सुधार होगा। बहु-मंजिला निर्माण के माध्यम से रक्षा भूमि के अधिकाधिक उपयोग एवं कॉमन सुविधाओं को जोड़कर खर्च बचाने के उपायों पर जोर दिया गया है। ये रक्षा नागरिकों सहित रक्षा कर्मियों के लिए काम करने और रहने की बेहतर स्थिति सुनिश्चित करेंगे। विकलांग व्यक्तियों के लिए सभी सार्वजनिक भवनों में सुविधाएं शुरू की गई हैं और सभी सुविधाओं में लैंगिक समानता सुनिश्चित की गई है। वर्धित आवास मान (एसओए) रक्षा सेवाओं के लिए सैन्य अभियानगतकार्यात्मकप्रशिक्षणप्रशासनिकरहने और मनोरंजन सुविधाओं का निर्माण परिभाषित करता है। ये स्केल तीनों रक्षा सेवाओं और भारतीय तटरक्षक बल के लिए लागू हैं। पिछले एसओए को अक्टूबर 2009 में सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया था। नई इकाइयोंउन्नत तकनीकी सुविधाओं और उपकरण संबंधी सुविधाओंअभियानगत तत्परता संबंधी आवश्यकताओंख़तरे की बढ़ी हुई धारणासमकालीन मानकों समेत सतत विकास की अवधारणा और बेहतर जीवन स्तर के लिए सैन्यकर्मियों की बढ़ी हुई आकांक्षाओं को देखते हुएएसओए 2009 में संशोधन की आवश्यकता अपरिहार्य थी।
    आवास के पैमानों में संशोधन से बुनियादी ढांचे के विकास में बढ़ोतरी होगीआधुनिक तकनीक का उपयोग संभव होगाअधिकारियों को अधिक आज़ादी मिलेगी और उपयोगकर्ताओं की आकांक्षाएं पूरी होंगी। वर्धित आवास मान सरकार के दृष्टिकोण जैसे स्वच्छ भारतसुगम भारतडिजिटल इंडियाहरित भवनसतत विकासनवीकरणीय ऊर्जाकार्बन फुटप्रिंट में कमी आदि जैसे कार्यक्रमों के अनुरूप होंगे।
मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (एमईएस) एक प्रमुख निर्माण एजेंसी है और भारतीय सेना के कोर ऑफ इंजीनियर्स के स्तंभों में से एक है जो सशस्त्र बलों और रक्षा मंत्रालय (एमओडी) के संबद्ध संगठनों को रियर लाइन इंजीनियरिंग सहायता प्रदान करती है। एमईएस सीमावर्ती क्षेत्रों सहित देश भर में सैन्य स्टेशनों/ छावनियों के लिए आवासीय और कार्यालय भवनोंअस्पतालोंसड़कोंरनवे और समुद्री संरचनाओं जैसे विविध निर्माण गतिविधियों को अंजाम देती है। पारंपरिक भवनों के अलावाएमईएस जटिल प्रयोगशालाओंकारखानोंकार्यशालाओंहैंगरगोला-बारूद भंडारण सुविधाओंडॉकयार्डघाटों तथा अन्य जटिल / विशेष संरचनाओं के निर्माण में भी शामिल है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर रक्षा मंत्री ने सभी रक्षा सेवाओं को बधाई दी और एमईएस से सशस्त्र बलों को बेहतर बुनियादी ढांचा सेवाएं प्रदान करके राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान जारी रखने का आग्रह किया।

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