नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वर्ष 2030 तक भारत को ड्रोन निर्माण का केन्द्र बनाने के लिए नवाचार की आवश्कता पर बल दिया है। नीति आयोग के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें ड्रोन के क्षेत्र में बौद्धिक सम्पदा तैयार करने के लिए कार्य करना चाहिए।
श्री सिंधिया ने कहा कि ड्रोन उद्योग में भारत को मजबूत बनाने के लिए हार्डवेयर के साथ-साथ साफ्टवेयर पर भी काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की ड्रोन शक्ति पहल विभिन्न उद्योगों में ड्रोन के वाणिज्यिक उपयोग में सहायता करेगी। श्री सिंधिया ने विश्वास प्रकट किया कि किसान ड्रोन पहल फसलों के निर्धारण, कीटनाशकों और दवाओं के छिडकाव के साथ ही भूमि से जुडे दस्तावेजों का रिकार्ड रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि ड्रोन उद्योग और सरकार के सक्रिय सहयोग से ये क्षेत्र देश के विकास का मार्ग प्रशस्त कर रहा है तथा आने वाले वर्षों में इसकी उपयोगिता और बढेगी। श्री सिंधिया ने कहा कि ड्रोन के इस्तेमाल से उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार देश में ड्रोन को बढावा देने के लिए नीति और प्रोत्साहन योजनाओं पर काम कर रही है।

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