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मध्य रेल आरपीएफ ने 4 महीने में 504 बच्चों को बचाया

मुंबई, मई (हडपसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
     रेलवे सुरक्षा बल को रेलवे संपत्ति, यात्री क्षेत्र और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रेल मंत्रालय द्वारा जारी किए एसओपी के अनुसार   बच्चों को बचाने की अनिवार्य जिम्मेदारी का निर्वहन भी कर रहा है और "ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते" के तहत बच्चों को बचाने के लिए अन्य हितधारकों के साथ काम कर रहा है।
     मध्य रेल के रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने जीआरपी  के साथ समन्वय में 504 बच्चों को बचाया है।  "ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते" के तहत पिछले 4 महीनों में यानी जनवरी-2022 से अप्रैल - 2022 तक मध्य रेल के रेलवे स्टेशन प्लेटफार्मों से जीआरपी और अन्य फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारियों ने सहयोग किया, इनमें 330 लड़के और 174 लड़कियां शामिल हैं और चाइल्डलाइन जैसे गैर सरकारी संगठनों की मदद से अपने माता-पिता के पास पहुंच गए हैं।
     जो बच्चे अपने परिवार को बिना बताए किसी लड़ाई या किसी पारिवारिक समस्या के चलते या बेहतर जीवन की तलाश में या शहर के ग्लैमर की तलाश में रेलवे स्टेशन आते हैं, जो प्रशिक्षित आरपीएफ कर्मियों को मिल जाते हैं।  ये प्रशिक्षित आरपीएफ कर्मी बच्चों से जुड़ते हैं, उनकी समस्याओं को समझते हैं और उन्हें अपने माता-पिता के साथ फिर से जुड़ने की सलाह देते हैं।  कई माता-पिता रेलवे की इस नेक सेवा के लिए अपनी गहरी कृतज्ञता और आभार व्यक्त करते हैं।
    मध्य रेल पर जनवरी से अप्रैल 2022 तक बचाए गए बच्चों का मंडल-वार विवरण निम्नानुसार है :
 मध्य रेल के मुंबई मंडल ने वर्ष 2022 के दौरान जनवरी से अप्रैल तक बाल बचाव के सबसे अधिक 285 मामले दर्ज किए, जिसमें 206 लड़के और 79 लड़कियां शामिल हैं।
 -पुणे मंडल ने 71 बच्चों के बचाव के मामले दर्ज किए, जिनमें 50 लड़के और 21 लड़कियां शामिल हैं
 -भुसावल मंडल ने बच्चों के बचाव के 92 मामले दर्ज किए, जिनमें 47 लड़के और 45 लड़कियां शामिल हैं
 -नागपुर मंडल ने बच्चों के बचाव के 32 मामले दर्ज किए, जिनमें 12 लड़के और 20 लड़कियां शामिल हैं
 -सोलापुर मंडल ने बच्चों के बचाव के 24 मामले दर्ज किए, जिनमें 15 लड़के और 9 लड़कियां शामिल हैं

      पिछले साल यानी 2021 के दौरान जनवरी से दिसंबर तक, मध्य रेल आरपीएफ ने जीआरपी और अन्य फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारियों के समन्वय से 603 लड़कों और 368 लड़कियों सहित 971 बच्चों को बचाया है।
      इसके अलावा रेलवे ने हाल ही में देश में रेलवे के माध्यम से मानव तस्करी को समाप्त करने के लिए परियोजना पर काम करने के लिए एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।  इस एसोसिएशन को बचपन बचाओ आंदोलन के नाम से भी जाना जाता है, जो नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के चिल्ड्रन फाउंडेशन से जुड़ा है।  रेल के माध्यम से मानव तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए आरपीएफ ने "ऑपरेशन एएएचटी" (मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई) शुरू किया है और मानव तस्करी के शिकार लोगों को तस्करों के चंगुल से छुड़ा रहा है।
    यह प्रेस विज्ञप्ति जनसंपर्क विभाग, मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई द्वारा जारी की गई है।

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