प्रगतिशील किसान, उद्यमी व हवेली तालुका के प्रसिद्ध पहलवान अप्पासाहेब खुटवड की बैलजोड़ी को मिला इस साल मान
ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी रथ को ले जानेवाले सोन्या व माऊली बैलजोड़ी के साथ प्रगतिशील किसान, उद्यमी और हवेली तालुका के एक प्रसिद्ध पहलवान अप्पासाहेब खुटवड उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
हड़पसर, मई (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर महाराज के पालकी रथ की सोन्या और माऊली बैलजोड़ी चालक बनी है। फुरसुंगी के खुटवड परिवार की बैलजोड़ी को इस साल की आषाढ़ी वारी के रथ का मान प्राप्त हुआ है। गुरुवार 2 जून को इस बैलजोड़ी को विधिवत पूजन करके देवस्थान समिति को सुपूर्द कर दिया जाएगा। यह जानकारी पृथ्वीराज खुटवड व उनके परिजनों ने दी है।
इस बारे में अधिक जानकारी देते खुटवड बंधुओं ने बताया कि पालखी रथ को बैलजोड़ी देने का मान कुर्हाडे, वरकडे, गुंडरे, रानवडे व वहिले इन पांच परिवारों में से किसी एक परिवार को दिया जाता है। इस साल का यह मान पांडुरंग वरकडे परिवार को प्राप्त हुआ है। इनकी ओर से सोन्या व माऊली बैलजोड़ी पालकी रथ को जोड़ी जाएगी। आषाढी वारी के अवसर पर आलंदी से पंढरपुर व वापसी यात्रा पंढरपुर से आलंदी यात्रा में यह बैलजोड़ी ज्ञानेश्वर महाराज की पालखी रथ को लेकर चलेगी।
आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि तक़रीबन 15 साल पहले वडकी विश्राम स्थान पर ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी रथ का बैल बीमार हो गया था, तब हमारे खुटवड परिवार से विनती की गई थी कि आपके पास से बैल मिल सकता है। तब हमारे परिवार ने हां कहते हुए ज्ञानेश्वर महाराज की पालखी रथ के लिए बैल दिया गया था। तब से अभी तक वडकी विश्राम स्थान से दिवे घाट के कठिन घाट का रास्ता तय करने के लिए हमारे खुटवड परिवार की बैल जोड़ी ज्ञानेश्वर महाराज की पालखी रथ को जोड़ी जाती है। इस साल हम बेहद खुशी महसूस कर रहे हैं कि इस साल की आषाढ़ी वारी की इस यात्रा में हमारे सोन्या व माऊली की बैलजोड़ी ज्ञानेश्वर महाराज की पालखी रथ को लेकर चलेंगे।
पालकी के रथ ले जाने में सक्षम बैलों के एक जोड़े का चयन करते समय कई मानदंड लागू होते हैं। इन सभी मानदंडों को सोन्या और माऊली ने पूरा किया है। करीब 25 बैल जो़ड़ियों का निरीक्षण किया गया, जिसमे से हमारे सोन्या व माऊली बैल जोड़ी का चयन किया गया है। सभी जरूरी वैद्यकीय परीक्षण किए जा चुके हैं। हमें माऊली की सेवा करने का एक और मौका मिला। इसे हम हमारा सौभाग्य ही मानते हैं। यह कृतज्ञता प्रगतिशील किसान अप्पासाहेब खुटवड ने व्यक्त की।
इस अवसर पर खुटवड परिवार के सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर महाराज के पालकी रथ की सोन्या और माऊली बैलजोड़ी चालक बनी है। फुरसुंगी के खुटवड परिवार की बैलजोड़ी को इस साल की आषाढ़ी वारी के रथ का मान प्राप्त हुआ है। गुरुवार 2 जून को इस बैलजोड़ी को विधिवत पूजन करके देवस्थान समिति को सुपूर्द कर दिया जाएगा। यह जानकारी पृथ्वीराज खुटवड व उनके परिजनों ने दी है।
इस बारे में अधिक जानकारी देते खुटवड बंधुओं ने बताया कि पालखी रथ को बैलजोड़ी देने का मान कुर्हाडे, वरकडे, गुंडरे, रानवडे व वहिले इन पांच परिवारों में से किसी एक परिवार को दिया जाता है। इस साल का यह मान पांडुरंग वरकडे परिवार को प्राप्त हुआ है। इनकी ओर से सोन्या व माऊली बैलजोड़ी पालकी रथ को जोड़ी जाएगी। आषाढी वारी के अवसर पर आलंदी से पंढरपुर व वापसी यात्रा पंढरपुर से आलंदी यात्रा में यह बैलजोड़ी ज्ञानेश्वर महाराज की पालखी रथ को लेकर चलेगी।
आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि तक़रीबन 15 साल पहले वडकी विश्राम स्थान पर ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी रथ का बैल बीमार हो गया था, तब हमारे खुटवड परिवार से विनती की गई थी कि आपके पास से बैल मिल सकता है। तब हमारे परिवार ने हां कहते हुए ज्ञानेश्वर महाराज की पालखी रथ के लिए बैल दिया गया था। तब से अभी तक वडकी विश्राम स्थान से दिवे घाट के कठिन घाट का रास्ता तय करने के लिए हमारे खुटवड परिवार की बैल जोड़ी ज्ञानेश्वर महाराज की पालखी रथ को जोड़ी जाती है। इस साल हम बेहद खुशी महसूस कर रहे हैं कि इस साल की आषाढ़ी वारी की इस यात्रा में हमारे सोन्या व माऊली की बैलजोड़ी ज्ञानेश्वर महाराज की पालखी रथ को लेकर चलेंगे।
पालकी के रथ ले जाने में सक्षम बैलों के एक जोड़े का चयन करते समय कई मानदंड लागू होते हैं। इन सभी मानदंडों को सोन्या और माऊली ने पूरा किया है। करीब 25 बैल जो़ड़ियों का निरीक्षण किया गया, जिसमे से हमारे सोन्या व माऊली बैल जोड़ी का चयन किया गया है। सभी जरूरी वैद्यकीय परीक्षण किए जा चुके हैं। हमें माऊली की सेवा करने का एक और मौका मिला। इसे हम हमारा सौभाग्य ही मानते हैं। यह कृतज्ञता प्रगतिशील किसान अप्पासाहेब खुटवड ने व्यक्त की।
इस अवसर पर खुटवड परिवार के सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

0 टिप्पणियाँ