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अंगूर की गुणवत्ता और विपणन के मुद्दों पर की गई पैनल चर्चा

मांजरी, जून (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
अंगूर की गुणवत्ता और विपणन के मुद्दों पर पैनल चर्चा का आयोजन सोसाइटी फॉर एडवांसमेंट ऑफ विटिकल्चर एंड एनोलॉजी तथा कृषि-व्यवसाय उद्भवन केंद्र, भाकृअनुप-राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान केंद्र, पुणे द्वारा संयुक्त रूप से 09/06/2022 को किया गया। बागवानी और कृषि विभाग, महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी; महाराष्ट्र राज्य द्राक्ष बगाईतदार संघ (एमआरडीबीएस), पुणे; भारतीय अंगूर निर्यात प्राधिकरण (जीईएआई); महाराष्ट्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एमएसएएमबी), भारतीय अंगूर उत्पादक संघ और महाराष्ट्र और कर्नाटक के प्रगतिशील अंगूर उत्पादकों ने भाग लिया। 
भाकृअनुप-राअंअनुकें, पुणे के निदेशक डॉ. आर. जी. सोमकुवर ने अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम की उत्पत्ति के बारे में सदन को जानकारी दी। उन्होंने वर्तमान वर्ष में  अनिश्चित बाजार और विशेष रूप से मई और जून के दौरान तोड़ी गई फसल में अंगूर की गुणवत्ता न होने के कारण कम मूल्य प्राप्ति पर प्रकाश डाला। 
डॉ. कैलाश मोटे, निदेशक (बागवानी), महाराष्ट्र सरकार, ने अंगूर के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं पर जानकारी दी। उन्होंने निर्यात और क्लस्टर विकास के लिए भंडारण सुविधाओं में वृद्धि की आवश्यकता को व्यक्त किया। 
अंगूर उत्पादक श्री अभिषेक कांचन ने अंगूर की गुणवत्ता और विपणन चुनौतियों पर प्रकाश डाला। इसी तरह, श्री राहुल रसाल, अंगूर उत्पादक ने जलवायु परिवर्तन के कारण अंगूर में अजैविक तनाव प्रबंधन पर अपनी बात केंद्रित की। चूंकि भारत कुल अंगूर के उत्पादन का केवल7-8% निर्यात कर रहा है और शेष की घरेलू बाजार में खपत हो रही है, इसलिए हमें घरेलू बाजार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिसका सुझाव एमआरडीबीएसके श्री कैलास भोसले ने दिया है। उन्होंने विभिन्न घरेलू बाजारों में मौसम विशिष्ट किस्म और गुणवत्ता आवश्यकताओं पर आंकड़े विकसित करने का सुझाव दिया। खुली चर्चा का समन्वय एमआरडीबीएसके अध्यक्ष श्री शिवाजी पवार ने किया। श्री अनिल म्हेर, श्री राजाराम सांगले, श्री सोपान कांचन, श्री अशोक गायकवाड़, श्री संजय बरगाले, श्री जगन्नाथ खापरे, श्री लांडगे, श्री झांबरे, श्री अरुण मोरे आदि ने चर्चा में बातचीत की। केन्द्र के वैज्ञानिकों डॉ. ए. के. उपाध्याय, डॉ. के. बनर्जी, डॉ. एस. डी. रामटेके, डॉ. अजय कुमार शर्मा, डॉ. सुजॉय साहा, डॉ. निशांत देशमुख, डॉ. प्रशांत निकुंभे, डॉ. सोमनाथ होल्कर आदि ने भी विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की।

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