पुणे, जून (जिमाका)
‘ईट राइट चैलेंज’ प्रतियोगिता में पुणे जिले को देश में 10वां और सोलापुर जिले को 21वां स्थान मिला है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन पुणे विभाग के तहत खाद्य प्रशासन ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण द्वारा ‘ईट राइट चैलेंज’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। प्रतियोगिता में देश भर के 75 जिलों को खाद्य सुरक्षा और मानक कानून प्रवर्तन और उपभोक्ता जागरूकता, खाद्य पेशेवरों के प्रशिक्षण, ‘ईट राइट कैंपस’, धार्मिक स्थलों में प्रसाद की सफाई और सुरक्षा, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता आश्वासन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चुना गया था। फुटपाथ इसमें पुणे और सोलापुर जिलों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। 7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर दिल्ली में आयोजित एक समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा इन जिलों को सम्मानित किया गया।
इस प्रतियोगिता में पुणे डिवीजन फूड एडमिनिस्ट्रेशन टीम ने सभी स्तरों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। दैनिक कार्यान्वयन के साथ, पुणे में जंगली महाराज (जेएम) कॉर्नर को ‘क्लीन स्ट्रीट फूड हब’ का दर्जा दिया गया है। आलंदी में संत ज्ञानेश्वर मंदिर और नर्हे में स्वामी नारायण मंदिर में खाद्य छत्र को स्वच्छ प्रसाद के उत्पादन और वितरण के लिए प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है। जिला कलेक्टर कार्यालय, यशदा, येरवडा जेल, सिरम संस्थान के रेस्तरां को ‘ईट राइट कैंपस’ का दर्जा मिला है। पुणे अकुर्डी, कैंप, बारामती, देहू-1 व 2, चाकण, चिंचवड़ और लोनावला को फल एवं सब्जी मंडी के लिए ‘स्वच्छ एवं ताजे फल एवं सब्जी मंडी’ का दर्जा प्राप्त हुआ है। साथ ही पुणे जिले के 116 होटलों को हाइजिन रेटिंग का दर्जा मिला है।
खाद्य प्रशासन पुणे के सह आयुक्त शिवाजी देसाई के मार्गदर्शन में सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय नीरगुडे, अर्जुन भुजबल, बालू ठाकुर, साहेबराव देसाई, श्रीकांत करकाले और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पुणे जिले को यह सम्मान दिलाने में उल्लेखनीय काम किया है।
‘ईट राइट चैलेंज’ प्रतियोगिता में पुणे जिले को देश में 10वां और सोलापुर जिले को 21वां स्थान मिला है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन पुणे विभाग के तहत खाद्य प्रशासन ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण द्वारा ‘ईट राइट चैलेंज’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। प्रतियोगिता में देश भर के 75 जिलों को खाद्य सुरक्षा और मानक कानून प्रवर्तन और उपभोक्ता जागरूकता, खाद्य पेशेवरों के प्रशिक्षण, ‘ईट राइट कैंपस’, धार्मिक स्थलों में प्रसाद की सफाई और सुरक्षा, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता आश्वासन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चुना गया था। फुटपाथ इसमें पुणे और सोलापुर जिलों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। 7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर दिल्ली में आयोजित एक समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा इन जिलों को सम्मानित किया गया।
इस प्रतियोगिता में पुणे डिवीजन फूड एडमिनिस्ट्रेशन टीम ने सभी स्तरों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। दैनिक कार्यान्वयन के साथ, पुणे में जंगली महाराज (जेएम) कॉर्नर को ‘क्लीन स्ट्रीट फूड हब’ का दर्जा दिया गया है। आलंदी में संत ज्ञानेश्वर मंदिर और नर्हे में स्वामी नारायण मंदिर में खाद्य छत्र को स्वच्छ प्रसाद के उत्पादन और वितरण के लिए प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है। जिला कलेक्टर कार्यालय, यशदा, येरवडा जेल, सिरम संस्थान के रेस्तरां को ‘ईट राइट कैंपस’ का दर्जा मिला है। पुणे अकुर्डी, कैंप, बारामती, देहू-1 व 2, चाकण, चिंचवड़ और लोनावला को फल एवं सब्जी मंडी के लिए ‘स्वच्छ एवं ताजे फल एवं सब्जी मंडी’ का दर्जा प्राप्त हुआ है। साथ ही पुणे जिले के 116 होटलों को हाइजिन रेटिंग का दर्जा मिला है।
खाद्य प्रशासन पुणे के सह आयुक्त शिवाजी देसाई के मार्गदर्शन में सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय नीरगुडे, अर्जुन भुजबल, बालू ठाकुर, साहेबराव देसाई, श्रीकांत करकाले और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पुणे जिले को यह सम्मान दिलाने में उल्लेखनीय काम किया है।

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