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घोरपड़ी कोचिंग डिपो में स्थापित स्वचलित कोच वाशिंग प्लांट में पानी को दोबारा कोचों की धुलाई करने हेतु ‘एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट’ लगाया गया

आधुनिक स्वचलित कोच वाशिंग प्लांट से पर्यावरण संवर्धन
पुणे, जून (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
पुणे रेल मंडल पर्यावरण संवर्धन के क्षेत्र में सतत प्रयासरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुणे के घोरपड़ी कोचिंग डिपो में स्वचलित कोच वाशिंग प्लांट लगाया गया है, जो पर्यावरण और हरित पहल की दिशा में एक और सकारात्मक कदम है।
मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती रेणु शर्मा के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर विजयसिंह दडस के नेतृत्व में घोरपड़ी कोचिंग डिपो में स्थापित स्वचलित कोच वाशिंग प्लांट में उन्नत तथा आधुनिक तकनीक का उपयोग कर पानी को दोबारा कोचों की धुलाई योग्य करने हेतु एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (एषषर्श्रीशपीं ढीशरीांशपीं झश्ररपीं) लगाया गया है, जिससे कोचों की सफाई हेतु पानी की खपत प्रति कोच 1500 लीटर से घटकर 230 लीटर हो गई है तथा वाशिंग लाइन (पिट लाइन) में  रेक प्लेसिंग करते समय 24 डिब्बों की गाड़ी की सफाई लगभग 07 मिनट में पूर्ण हो जाती है, जिससे समय के साथ मानव शक्ति की भी बचत हो रही है। इस प्लांट की यह विशेषता है कि गाड़ी के रेक को धुलाई क्षेत्र से 5 से 8 किमी/घंटा से चला कर सफाई की जाती है, जिससे कर्मचारियों की भी सेफ्टी सुनिश्चित होती है।
अगर यही कार्य मानव संसाधन के साथ किया जाता तो उसे पूरा करने में 4 घंटे लगते तथा पानी का भी अधिक अपव्यय होता। स्वचलित कोच वाशिंग प्लांट के चलते इस कार्य में पानी की खपत काफी कम हो रही है तथा कोचों की धुलाई के बाद निकले हुए  दूषित पानी को रिसाइकल करके दोबारा पानी उपयोग में लिया जाता है, जिससे लगभग 80% ताजे पानी की बचत संभव हुई है। प्लांट क्षेत्र में पहले दूषित पानी के चलते वहां की मिट्टी का होनेवाला प्रदूषण भी अब रुक गया है।
इस तरह इस स्वचलित कोच वाशिंग प्लांट के लग जाने से समय, श्रम, ऊर्जा, पानी की बचत के साथ प्रदूषण भी कम हो गया है।
यह जानकारी पुणे रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मनोज झंवर द्वारा दी गई है।




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