पुणे, जून (जिमाका)
पिछड़ा वर्ग के जिन छात्रों ने शैक्षणिक वर्ष 2022-23 में राज्य सामान्य प्रवेश परीक्षा के माध्यम से व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए आरक्षित सीटों में जाति वैधता प्रमाण पत्र के लिए आवेदन नहीं किया है, उनसे आग्रह है कि वे जिला जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति के पास तत्काल आवेदन करें।
व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए आरक्षित स्थान पर प्रवेश के लिए जाति वैधता प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है। जाति वैधता प्रमाण पत्र सत्यापन नियमों के अनुसार, समिति आमतौर पर समिति को आवेदन करने के बाद 3 महीने के भीतर वैधता प्रमाण पत्र पर निर्णय लेती है।
पुणे जिला जाति प्रमाण पत्र सत्यापन के माध्यम से अपील की गई है कि जिस जिले में जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया है, उस जिले की जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति को तुरंत आवेदन करें ताकि पिछड़ा वर्ग के छात्र जाति वैधता की कमी के कारण व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश से वंचित न हों।
पिछड़ा वर्ग के जिन छात्रों ने शैक्षणिक वर्ष 2022-23 में राज्य सामान्य प्रवेश परीक्षा के माध्यम से व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए आरक्षित सीटों में जाति वैधता प्रमाण पत्र के लिए आवेदन नहीं किया है, उनसे आग्रह है कि वे जिला जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति के पास तत्काल आवेदन करें।
व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए आरक्षित स्थान पर प्रवेश के लिए जाति वैधता प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है। जाति वैधता प्रमाण पत्र सत्यापन नियमों के अनुसार, समिति आमतौर पर समिति को आवेदन करने के बाद 3 महीने के भीतर वैधता प्रमाण पत्र पर निर्णय लेती है।
पुणे जिला जाति प्रमाण पत्र सत्यापन के माध्यम से अपील की गई है कि जिस जिले में जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया है, उस जिले की जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति को तुरंत आवेदन करें ताकि पिछड़ा वर्ग के छात्र जाति वैधता की कमी के कारण व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश से वंचित न हों।

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