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गढ़किले, पर्यटन क्षेत्र परिसर में 17 जुलाई तक प्रतिबंधात्मक आदेश लागू

पुणे, जुलाई (जिमाका)
मौसम विभाग ने पुणे जिला के लिए भारी बारिश की चेतावनी देने से पर्यटकों की सुरक्षा के लिए एवं किसी संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए फौजदारी दंड संहिता की धारा 144 के अनुसार जिले के गढ़किले, जलाशय, तलाब, झरने आदि पर्यटन क्षेत्र परिसर में जिला दंडाधिकारी तथा जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने 17 जुलाई तक प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं।
हवेली तालुका में सिंहगढ़ किला, आतकारवाड़ी से सिंहगढ़ ट्रेक, मावल तालुका के लोहगढ़ किला, विसापुर किला, तिकोना किला, तुंग किला , ड्यूक्स नोज, भाजे गुफाएं, भाजे झरना, दुधिवरे खिंड, पावना क्षेत्र, राजमाची ट्रेक, किला कातलदरा झरना, कोंढेश्वर से ढाकबेहरी किला, एकविरा लेणी क्षेत्र, मुलशी तालुका में अंधारबन ट्रेक , प्लस वैली , कुंडलिका घाटी , दीपदरा , कोराईगढ़, भोर तालुका में रायरेश्वर किला, वेल्हा तालुका में राजगढ़ किला, किला तोरणा, पाणशेत बांध क्षेत्र, मढेघाट, जुन्नर तालुका में जीवधन किला भीमाशंकर ट्रेक (बैलघाट, शिडीघाट , गणवती के रास्ते) पर किलों, झरनों, झीलों या बांधों के आसपास एक किलोमीटर के क्षेत्र में 17 जुलाई की रात 12 बजे तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी। इन स्थानों पर बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने दुर्घटनाओं के संभावित खतरे से बचने के लिए आपराधिक दंड संहिता की धारा 144 लागू करने की भी सिफारिश की है।
ऊपर बताए गए स्थानों पर पांच या अधिक व्यक्तियों को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं होगी। बारिश के कारण तेज बहते पानी में उतरना, गहरे पानी में उतरना और उसमें तैरना, झरने पर जाना या पानी की धारा के नीचे बैठना, बारिश के कारण हुई खतरनाक जगह, झरने, घाटियों की बाउंड्री, खतरनाक मोड़ आदि जैसी जगहों पर सेल्फी लेना और किसी भी तरह की तस्वीरें लेने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
बारिश के कारण प्राकृतिक झरनों के आसपास शराब पीना, शराब ढोना, शराब का परिवहन करना, अनधिकृत शराब बेचना और खुले में शराब पीना, यातायात सड़कों और खतरनाक स्थानों पर रुकना, लापरवाही से गाड़ी चलाना और खतरनाक परिस्थितियों में ओवरटेक करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
सार्वजनिक स्थानों और अन्य जगहों पर भोजन, कचरा, कांच एवं प्लास्टिक की बोतलें और थर्मोकोल और प्लास्टिक सामग्री को डंप करने, तेज संगीत बजाने, डीजे सिस्टम बजाना व ध्वनि प्रदूषण करना, शोर, वायु और जल प्रदूषण का कारण बनने वाली किसी भी कृति पर प्रतिबंध लगाया गया है। झरने के एक किलोमीटर परिसर में आवश्यक सेवा करने वाले वाहनों को छोड़कर सभी दोपहिया, तिपहिया, चौपहिया और छह पहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि आदेश  का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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