पुणे, अगस्त (विमाका)
भारतीय स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने पर 13 से 15 अगस्त 2022 तक केन्द्र शासन की सूचनानुसार ‘हर घर तिरंगा’ (घरोघरी तिरंगा) उपक्रम शुरू किया जा रहा है। राष्ट्रध्वज फहराते समय प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रध्वज का सम्मान करते हुए ध्वजसंहिता का पालन करना चाहिए। यह अपील पुणे विभागीय आयुक्त सौरभ राव द्वारा की गई है।
क्या करना है?
-हर घर तिरंगा उपक्रम के अंतर्गत राष्ट्रध्वज फहराते समय हाथ से काटा हुआ, सिला हुआ, मशीन द्वारा सूत, पॉलिस्टर, सिल्क, खादी से तैयार किया हुआ उपयोग करें।
-राष्ट्रध्वज 3:2 अनुपात का हो। केशरी रंग ऊपर और हरा रंग नीचे होना चाहिए।
-राष्ट्रध्वज उतारते समय सावधानी व सम्मानपूर्वक उतारकर सुरक्षित जगह रखें।
-राष्ट्रध्वज किसी भी हालत में फटना नहीं चाहिए, इसका ख्याल रखें।
राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय निम्नलिखित बातों से सख्ती से बचना चाहिए।
-प्लास्टिक या कागज का ध्वज उपयोग न करें। कोई भी सजावट न करें।
-राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय फूल की पंखुड़ियां नहीं रखनी चाहिए
-राष्ट्रध्वज पर कोई अक्षर या चिन्ह नहीं खींचा जाना चाहिए।
-राष्ट्रीय ध्वज को फटा, मुड़ा हुआ या सुकड़ा हुआ नहीं लगाना चाहिए।
-राष्ट्रध्वज को एक ही खम्भे पर एक साथ अन्य झण्डों के साथ नहीं फहराना चाहिए
साथ ही तोरण, गुच्छ अथवा पताका के रूप में अन्य किसी भी प्रकार की शोभा के लिए राष्ट्रध्वज का उपयोग न करें। यह अपील विभागीय प्रशासन द्वारा की गई है।
भारतीय स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने पर 13 से 15 अगस्त 2022 तक केन्द्र शासन की सूचनानुसार ‘हर घर तिरंगा’ (घरोघरी तिरंगा) उपक्रम शुरू किया जा रहा है। राष्ट्रध्वज फहराते समय प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रध्वज का सम्मान करते हुए ध्वजसंहिता का पालन करना चाहिए। यह अपील पुणे विभागीय आयुक्त सौरभ राव द्वारा की गई है।
क्या करना है?
-हर घर तिरंगा उपक्रम के अंतर्गत राष्ट्रध्वज फहराते समय हाथ से काटा हुआ, सिला हुआ, मशीन द्वारा सूत, पॉलिस्टर, सिल्क, खादी से तैयार किया हुआ उपयोग करें।
-राष्ट्रध्वज 3:2 अनुपात का हो। केशरी रंग ऊपर और हरा रंग नीचे होना चाहिए।
-राष्ट्रध्वज उतारते समय सावधानी व सम्मानपूर्वक उतारकर सुरक्षित जगह रखें।
-राष्ट्रध्वज किसी भी हालत में फटना नहीं चाहिए, इसका ख्याल रखें।
राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय निम्नलिखित बातों से सख्ती से बचना चाहिए।
-प्लास्टिक या कागज का ध्वज उपयोग न करें। कोई भी सजावट न करें।
-राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय फूल की पंखुड़ियां नहीं रखनी चाहिए
-राष्ट्रध्वज पर कोई अक्षर या चिन्ह नहीं खींचा जाना चाहिए।
-राष्ट्रीय ध्वज को फटा, मुड़ा हुआ या सुकड़ा हुआ नहीं लगाना चाहिए।
-राष्ट्रध्वज को एक ही खम्भे पर एक साथ अन्य झण्डों के साथ नहीं फहराना चाहिए
साथ ही तोरण, गुच्छ अथवा पताका के रूप में अन्य किसी भी प्रकार की शोभा के लिए राष्ट्रध्वज का उपयोग न करें। यह अपील विभागीय प्रशासन द्वारा की गई है।

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