उच्चतम न्यायालय ने शिवसेना के दो विरोधी गुटों की याचिका पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ को भेज दी है। मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमणा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि याचिकाओं में विधायकों की अयोग्यता, विधानसभा अध्यक्ष और राज्यपाल के अधिकार तथा न्यायिक समीक्षा के संबंध में, संविधान की दसवीं अनुसूची से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं। संविधान की दसवीं अनुसूची में राजनीतिक दलों के चुने गए और नामित सदस्यों के दल-बदल रोकथाम के प्रावधान हैं और इसमें दल-बदल के खिलाफ कड़े नियम हैं। पीठ ने एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे गुटों की याचिका संविधान पीठ के समक्ष कल प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। उच्चतम न्यायालय ने निर्वाचन आयोग से कहा है कि वह शिंदे गुट को वास्तविक शिवसेना घोषित करने और चुनाव निशान धनुष तथा तीर आवंटित करने की याचिका पर अगली सुनवाई होने तक कोई आदेश ना पारित करे।

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