नई दिल्ली, केन्द्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान का पहला परीक्षण वर्ष 2023 के अंत तक या 2024 की शुरुआत में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहली परीक्षण उड़ान के बाद व्योम मित्र- रोबोट को भेजा जाएगा। रोबोट यह सुनिश्चित करेगा कि गगनयान मिशन की उड़ान बाधा रहित हो। डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने कहा कि इन दो मिशन के आधार पर हमारे अंतरिक्ष यात्री तीसरे मिशन में जाएंगे।
हमारा प्रयास है कि इस साल के अंत तक नहीं तो अगले साल के आरंभ पहला ट्रायल, फिर दूसरा जो ट्रायल होगा, उसमें एक रोबो जाएगा। वायो मित्र, एक फीमेल वो भी जाएगी, क्योंकि इसमें हमें यह भी सुनिश्चित करना कि जब फाइनल गगनयान जाता है, तो उसकी प्रक्रिया पूरी तरह से फुल प्रूफ रहे और उसकी वापसी भी उसी तरह से अन इवेंट फुल सामान्य तौर पर हो जैसे कि हमने उसकी योजना बनाई है। इसलिए असल गगनयान से पहले दो और ट्रायल, शायद अगले वर्ष में कर लेंगे और विलंब हुआ है कोविड के कारण। अगले साल के अंत तक, जो शायद संभव न हो, लेकिन 2024 को प्रयास रहेगा। अंतरिक्ष में गगनयान भेजने के साथ ही भारत- अमरीका, रूस और चीन के बाद अंतरिक्ष में मानव भेजने वाला चौथा देश बन जाएगा।
हमारा प्रयास है कि इस साल के अंत तक नहीं तो अगले साल के आरंभ पहला ट्रायल, फिर दूसरा जो ट्रायल होगा, उसमें एक रोबो जाएगा। वायो मित्र, एक फीमेल वो भी जाएगी, क्योंकि इसमें हमें यह भी सुनिश्चित करना कि जब फाइनल गगनयान जाता है, तो उसकी प्रक्रिया पूरी तरह से फुल प्रूफ रहे और उसकी वापसी भी उसी तरह से अन इवेंट फुल सामान्य तौर पर हो जैसे कि हमने उसकी योजना बनाई है। इसलिए असल गगनयान से पहले दो और ट्रायल, शायद अगले वर्ष में कर लेंगे और विलंब हुआ है कोविड के कारण। अगले साल के अंत तक, जो शायद संभव न हो, लेकिन 2024 को प्रयास रहेगा। अंतरिक्ष में गगनयान भेजने के साथ ही भारत- अमरीका, रूस और चीन के बाद अंतरिक्ष में मानव भेजने वाला चौथा देश बन जाएगा।

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