पुणे, सितंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
रेलवे ने केवल आपातकालीन उपयोग के लिए ट्रेनों में अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी)का विकल्प प्रदान किया है। हाल ही में यह देखा गया है कि यात्री देर से स्टेशन पहुंचने, मध्यवर्ती स्टेशनों पर उतरने/बोर्डिंग आदि जैसे छोटे कारणों से एसीपी का सहारा ले रहे हैं। ट्रेन में एसीपी का कार्य न केवल उस ट्रेन विशेष के चलने को प्रभावित करता है बल्कि पीछे चलने वाली अन्य ट्रेनों पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ता है। एसीपी के दुरूपयोग के कारण ट्रेनें देरी से चलती हैं, जिससे इसके समय पालन में बाधा आती है। इसके अलावा एक या कुछ यात्रियों की सुविधा के लिए एसीपी का दुरुपयोग अन्य सभी यात्रियों को असुविधा का कारण बनता है।
पुणे रेल मंडल इस तरह की अनुचित एसीपी घटनाओं पर कड़ी नजर रखे हुए है। यात्रियों को अनावश्यक रूप से अलार्म चेन नहीं खींचने के लिए निरंतर उद्घोषणाएं तथा रेलगाड़ियों में सूचना बोर्ड लगाकर दुरुपयोग रोकने हेतु आगाह कर सजग भी किया जाता है। जनवरी से अगस्त 2022 तक की अवधि में पुणे रेल मंडल पर अनुचित एसीपी के 960 मामले दर्ज किए गए तथा 773 लोगों को गिरफ्तार किया गया। ऐसे लोगों पर एक लाख 42 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि वे अनावश्यक / मामूली कारणों से एसीपी का सहारा न लें, जिससे बाकी यात्रियों को असुविधा होती है। अनावश्यक कारण से एसीपी का सहारा लेना रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत दंडनीय अपराध है।
कृपया किसी भी असुविधा से बचने के लिए यात्री अपनी गाड़ी के प्रस्थान समय से कम से कम 30 मिनट पहले स्टेशन पर पहुंचें।
यह जानकारी पुणे रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मनोज झंवर द्वारा दी गई है।
रेलवे ने केवल आपातकालीन उपयोग के लिए ट्रेनों में अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी)का विकल्प प्रदान किया है। हाल ही में यह देखा गया है कि यात्री देर से स्टेशन पहुंचने, मध्यवर्ती स्टेशनों पर उतरने/बोर्डिंग आदि जैसे छोटे कारणों से एसीपी का सहारा ले रहे हैं। ट्रेन में एसीपी का कार्य न केवल उस ट्रेन विशेष के चलने को प्रभावित करता है बल्कि पीछे चलने वाली अन्य ट्रेनों पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ता है। एसीपी के दुरूपयोग के कारण ट्रेनें देरी से चलती हैं, जिससे इसके समय पालन में बाधा आती है। इसके अलावा एक या कुछ यात्रियों की सुविधा के लिए एसीपी का दुरुपयोग अन्य सभी यात्रियों को असुविधा का कारण बनता है।
पुणे रेल मंडल इस तरह की अनुचित एसीपी घटनाओं पर कड़ी नजर रखे हुए है। यात्रियों को अनावश्यक रूप से अलार्म चेन नहीं खींचने के लिए निरंतर उद्घोषणाएं तथा रेलगाड़ियों में सूचना बोर्ड लगाकर दुरुपयोग रोकने हेतु आगाह कर सजग भी किया जाता है। जनवरी से अगस्त 2022 तक की अवधि में पुणे रेल मंडल पर अनुचित एसीपी के 960 मामले दर्ज किए गए तथा 773 लोगों को गिरफ्तार किया गया। ऐसे लोगों पर एक लाख 42 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि वे अनावश्यक / मामूली कारणों से एसीपी का सहारा न लें, जिससे बाकी यात्रियों को असुविधा होती है। अनावश्यक कारण से एसीपी का सहारा लेना रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत दंडनीय अपराध है।
कृपया किसी भी असुविधा से बचने के लिए यात्री अपनी गाड़ी के प्रस्थान समय से कम से कम 30 मिनट पहले स्टेशन पर पहुंचें।
यह जानकारी पुणे रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मनोज झंवर द्वारा दी गई है।

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