ईरान में हिजाब विरोधी व्यापक प्रदर्शन जारी है। पुलिस हिरासत में 22 वर्षीय महिला म्हासा अमीनी की मौत के बाद ये प्रदर्शन हो रहे हैं। कल पुलिस के साथ झड़प में दो लोगों के मारे जाने की ख़बर है। वीडियो फुटेज में महिला प्रदर्शनकारियों को अपने बाल काटते और हिजाब जलाते दिखाया गया है। स्त्री-पुरुष भेदभाव के खिलाफ एकजुट महिलायें अपने बुनियादी अधिकारों की मांग कर रही हैं। तेहरान के पुलिस प्रमुख ने कहा कि हिरासत में महिला की मृत्यु दुखद है और ऐसी घटना फिर नहीं होनी चाहिए। पिछले मंगलवार को पुलिस ने हिजाब नहीं पहनने के कारण सुश्री अमीनी को तेहरान के एक मैट्रो स्टेशन के बाहर हिरासत में लिया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस वैन में महिला को बुरी तरह पीटा गया।
ज्ञातव्य हो ईरान में हिजाब नियमों का उल्लंधन करने के कारण पुलिस द्वारा कथित तौर पर पीटे जाने से एक 22 वर्षीय लड़की की मौत को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पुलिस की पिटाई के कारण युवती महसा अमिनी कोमा में चली गई थी और बाद में शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोगों ने बडे पैमाने पर नाराजगी जताई जिसके बाद कई जगहों पर उग्र प्रदर्शन शुरू हो गए ।
प्रदर्शनकारी तेहरान विश्वविद्यालय के पास जमा हो गए और उन्होंने "नारी, जीवन, स्वतंत्रता" जैसे नारे लगाए। कई महिलाओं को विरोध में अपने हिजाब हटाते देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि महसा अमिनी को पुलिस वैन में पीटा गया था जबकि पुलिस का कहना है कि युवती को दिल की बीमारी थी।
महसा अमिनी को महिलाओं के ड्रेस कोड का उल्लंघन करने के आरोप में उस समय गिरफ्तार किया गया था जब वह पश्चिमी कुर्दिस्तान प्रांत से अपने परिवार के साथ अपने रिश्तेदारों से मिलने तेहरान जा रही थी। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने महिलाओं के ड्रेस कोड को सख्ती से लागू करने और इसका उल्लंघन करने वालों के लिए कठोर दंड का आदेश दे रखा है।
महसा अमिनी को महिलाओं के ड्रेस कोड का उल्लंघन करने के आरोप में उस समय गिरफ्तार किया गया था जब वह पश्चिमी कुर्दिस्तान प्रांत से अपने परिवार के साथ अपने रिश्तेदारों से मिलने तेहरान जा रही थी। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने महिलाओं के ड्रेस कोड को सख्ती से लागू करने और इसका उल्लंघन करने वालों के लिए कठोर दंड का आदेश दे रखा है।

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