जिला परिषद उत्कृष्ट शिक्षक एवं अध्यक्ष कप पुरस्कारों का किया गया वितरण
पुणे, सितंबर (विमाका)
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने अपील की कि शिक्षकों को जो काम उन्होंने स्वीकार किया है, वह पेशेवर भावना के बजाय सेवा की भावना से करें।
मंत्री श्री पाटिल जिला परिषद द्वारा दिए जाने वाले सर्वश्रेष्ठ शिक्षक और अध्यक्ष कप पुरस्कार वितरण के अवसर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री बालासाहेब भगड़े, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आयुष प्रसाद, उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलाकर रणदिवे, शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) सुनंदा वाखारे, शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) संध्या गायकवाड़ आदि उपस्थित थे।
मंत्री श्री पाटिल ने कहा कि अंग्रेजों ने शिक्षा प्रणाली को इस तरह से डिजाइन किया, जो उनके लिए सुविधाजनक थी। नई शिक्षा नीति के तहत एक बार फिर देश के नागरिकों में शिक्षा के मूल भाव को बिठाने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चे कम उम्र में बनने वाले संस्कारों के साथ आगे बढ़ते हैं। पहले गुरुकुल में छात्र कई विषयों में पारंगत थे। नई शिक्षा नीति के अनुसार लागू की गई शिक्षा व्यवस्था से आज के छात्र भी कई विषयों में पारंगत होंगे।
नई शिक्षा नीति में शिक्षा के स्तर में बदलाव किया जाएगा। सरकार शिक्षा पर भारी खर्च करती है। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों का सर्वांगीण विकास के साथ संस्कारी बनाने के लिए कड़ी मेहनत करें।
चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में व्यक्तियों को खुद को समय पर बाध्य किए बिना अधिक घंटे काम करने की आवश्यकता होती है। सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से शैक्षिक विकास के लिए अधिक से अधिक धनराशि उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाना चाहिए, इसमें सरकार पूरा सहयोग करेगी। श्री पाटिल ने कहा कि इस फंड का उपयोग स्कूल में लड़कियों के लिए शौचालय, खेल सुविधाओं, ई-लर्निंग, स्कूल के लिए सुरक्षात्मक दीवार के निर्माण के लिए किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर मंत्री श्री चंद्रकांत पाटिल ने सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्राप्त करने वाले केंद्र के प्राचार्य, शिक्षक व केंद्र प्रमुख को मेडल व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
प्रास्ताविक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी आयुष प्रसाद ने जिला परिषद के शिक्षा विभाग के माध्यम से चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में जिला समूह शिक्षा अधिकारी, विस्तार अधिकारी, प्राचार्य, केंद्र प्रमुख, शिक्षक मौजूद थे।
इस अवसर पर मंत्री श्री चंद्रकांत पाटिल ने सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्राप्त करने वाले केंद्र के प्राचार्य, शिक्षक व केंद्र प्रमुख को मेडल व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
प्रास्ताविक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी आयुष प्रसाद ने जिला परिषद के शिक्षा विभाग के माध्यम से चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में जिला समूह शिक्षा अधिकारी, विस्तार अधिकारी, प्राचार्य, केंद्र प्रमुख, शिक्षक मौजूद थे।






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