वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर हाल के घटनाक्रम किसी भी चुनौती से निपटने के लिए मजबूत सैन्य क्षमता की आवश्यकता रेखांकित करते हैं। इस महीने की 8 तारीख को मनाये जाने वाले वायुसेना दिवस के बारे में आज नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भविष्य में युद्धों के अधिक प्रौदयोगिकी संचालित होने के कारण भारतीय वायुसेना नवाचारी प्रयोगों से और सशक्त होने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने देशवासियों को आश्वासन दिया कि वायुसेना भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। एयर चीफ मार्शल ने कहा कि चीन की वायुसेना की गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जा रही है और वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगे क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वायु क्षेत्र के किसी भी उल्लंघन की स्थिति में तुरन्त चीनी पक्ष से सम्पर्क किया जायेगा। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि राफेल, हल्के लड़ाकू विमान और एस-400 सहित हाल में शामिल प्रणालियों के संचालन में तेजी लाई जा रही है। हल्के लडाकू विमान एम के-1 ए, स्वदेश में निर्मित हथियार और विभिन्न प्रकार के राडार भी वायुसेना में शामिल किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि कल शामिल किया गया लड़ाकू हेलीकॉप्टर वायुसेना की मारक क्षमता बढायेगा।
इस वर्ष भारतीय वायुसेना दिवस चंडीगढ़ में मनाया जायेगा जिसमें एकल इंजन, मिग-21 विमान, लड़ाकू और परिवहन विमान सहित 74 विमान वायुसेना की क्षमता प्रदर्शित करेंगे। पहली बार वायुसेना दिवस गाजियाबाद के हिंडन एयर बेस से बाहर मनाया जा रहा है।
इस वर्ष भारतीय वायुसेना दिवस चंडीगढ़ में मनाया जायेगा जिसमें एकल इंजन, मिग-21 विमान, लड़ाकू और परिवहन विमान सहित 74 विमान वायुसेना की क्षमता प्रदर्शित करेंगे। पहली बार वायुसेना दिवस गाजियाबाद के हिंडन एयर बेस से बाहर मनाया जा रहा है।

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