मुंबई, अक्टूबर (महासंवाद)
एकनाथ शिंदे ने आश्वासन दिया कि राज्य में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और इस फैसले को सख्ती से लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री उस समय बोल रहे थे जब उन्होंने स्कूली छात्रों के साथ मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की शपथ ली।
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव हर जगह महसूस किया जा रहा है। इसी को देखते हुए सरकार ने पर्यावरण को बचाने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की पहल की है। इसी के अनुरूप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रदूषण मुक्त दीपावली संकल्प अभियान 2022 के तहत प्रदूषण मुक्त दीपावली का संकल्प लिया। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर, सहकारिता मंत्री अतुल सावे, राज्य के आबकारी मंत्री शंभूराज देसाई, मुख्य सचिव मनुकमार श्रीवास्तव, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव प्रवीण दराडे, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष अबासाहेब जरहाद के साथ मुंबई नगर निगम के घाटकोपर और कोलाबा स्कूल, कमला मेहता अंध विद्यालय के विकलांग छात्र भी प्रतिनिधि रूप में इस अवसर पर मौजूद रहे। यह कार्यक्रम महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सरकार के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था।
मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा कि कोरोना प्रकोप के कारण लगी पाबंदियां खत्म होने के बाद अब सभी त्यौहार उत्साह के साथ मनाए जा रहे हैं। दीपावली पर्व को उत्साह के साथ मनाते हुए पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। पिछले कुछ सालों से महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से इसके लिए जनजागरूकता पैदा की जा रही है। उन्होंने ध्वनि और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए बोर्ड की सराहना की।
छात्रों के माध्यम से घर-घर जाकर संदेश जाता है, इसलिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हर साल विद्यार्थियों को प्रदूषण मुक्त शपथ दिलाने की पहल करता है। इसी तरह पर्यावरण विभाग के सचिव प्रवीण दराडे ने कहा कि पूरे साल जागरूकता फैलाई जा रही है।
कार्यक्रम में मौजूद विकलांग छात्र सिद्धि निकम ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि हम वसुंधरा के रक्षक बनें और पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली अपनाएं। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि यदि सरकार को एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना चाहिए, तो नागरिकों को दैनिक उपयोग में प्लास्टिक के उपयोग से बचना चाहिए।
एकनाथ शिंदे ने आश्वासन दिया कि राज्य में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और इस फैसले को सख्ती से लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री उस समय बोल रहे थे जब उन्होंने स्कूली छात्रों के साथ मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की शपथ ली।
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव हर जगह महसूस किया जा रहा है। इसी को देखते हुए सरकार ने पर्यावरण को बचाने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की पहल की है। इसी के अनुरूप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रदूषण मुक्त दीपावली संकल्प अभियान 2022 के तहत प्रदूषण मुक्त दीपावली का संकल्प लिया। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर, सहकारिता मंत्री अतुल सावे, राज्य के आबकारी मंत्री शंभूराज देसाई, मुख्य सचिव मनुकमार श्रीवास्तव, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव प्रवीण दराडे, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष अबासाहेब जरहाद के साथ मुंबई नगर निगम के घाटकोपर और कोलाबा स्कूल, कमला मेहता अंध विद्यालय के विकलांग छात्र भी प्रतिनिधि रूप में इस अवसर पर मौजूद रहे। यह कार्यक्रम महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सरकार के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था।
मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा कि कोरोना प्रकोप के कारण लगी पाबंदियां खत्म होने के बाद अब सभी त्यौहार उत्साह के साथ मनाए जा रहे हैं। दीपावली पर्व को उत्साह के साथ मनाते हुए पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। पिछले कुछ सालों से महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से इसके लिए जनजागरूकता पैदा की जा रही है। उन्होंने ध्वनि और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए बोर्ड की सराहना की।
छात्रों के माध्यम से घर-घर जाकर संदेश जाता है, इसलिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हर साल विद्यार्थियों को प्रदूषण मुक्त शपथ दिलाने की पहल करता है। इसी तरह पर्यावरण विभाग के सचिव प्रवीण दराडे ने कहा कि पूरे साल जागरूकता फैलाई जा रही है।
कार्यक्रम में मौजूद विकलांग छात्र सिद्धि निकम ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि हम वसुंधरा के रक्षक बनें और पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली अपनाएं। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि यदि सरकार को एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना चाहिए, तो नागरिकों को दैनिक उपयोग में प्लास्टिक के उपयोग से बचना चाहिए।
स्कूली छात्रों के लिए पर्यावरण सुरक्षा की शपथ
भारतीय परंपरा में सभी त्यौहारों और समारोहों का प्रकृति के साथ अटूट संबंध है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारे द्वारा मनाया जाने वाला त्यौहार पर्यावरण को खराब न करे और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखे।
हम सभी ने एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के उपयोग से बचने का भी संकल्प लिया है जो हमारे दैनिक जीवन में प्रदूषण का कारण बनता है। हम अपने जन्मदिन पर कम से कम एक पेड़ लगाने और समृद्ध पर्यावरण की रक्षा के लिए इसे नियमित रूप से पोषित करने का भी संकल्प लेते हैं।
दीपावली का अर्थ है लक्ष लक्ष दीयों की तेज रोशनी, इस दिवाली हम बिना पटाखों के प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने का संकल्प ले रहे हैं ताकि पटाखों से वायु प्रदूषण न हो।
हम, भारत के भावी सक्षम नागरिकों के रूप में, सभी छात्र शपथ लेते हैं कि हम पूरे वर्ष सभी त्यौहारों और समारोहों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे।
भारतीय परंपरा में सभी त्यौहारों और समारोहों का प्रकृति के साथ अटूट संबंध है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारे द्वारा मनाया जाने वाला त्यौहार पर्यावरण को खराब न करे और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखे।
हम सभी ने एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के उपयोग से बचने का भी संकल्प लिया है जो हमारे दैनिक जीवन में प्रदूषण का कारण बनता है। हम अपने जन्मदिन पर कम से कम एक पेड़ लगाने और समृद्ध पर्यावरण की रक्षा के लिए इसे नियमित रूप से पोषित करने का भी संकल्प लेते हैं।
दीपावली का अर्थ है लक्ष लक्ष दीयों की तेज रोशनी, इस दिवाली हम बिना पटाखों के प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने का संकल्प ले रहे हैं ताकि पटाखों से वायु प्रदूषण न हो।
हम, भारत के भावी सक्षम नागरिकों के रूप में, सभी छात्र शपथ लेते हैं कि हम पूरे वर्ष सभी त्यौहारों और समारोहों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे।
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