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सावधान बिजली उपभोक्ताओं : व्यक्तिगत नंबर से आए संदेश का जवाब न दें : महावितरण द्वारा उपभोक्ताओं से अपील

पुणे, दिसंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
पिछले कुछ दिनों में व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों से ‘एसएमएस’, ‘व्हाट्सएप’ के माध्यम से नागरिकों को फर्जी संदेश भेजने के प्रकारों में भारी वृद्धि हुई है। नागरिकों को किसी भी परिस्थिति में फर्जी संदेशों या व्यक्तिगत नंबरों से कॉल पर भरोसा नहीं करना चाहिए। महावितरण ने व्यक्तिगत नंबर से राशि का भुगतान करने के लिए भेजे गए किसी भी ऑनलाइन लिंक को न खोलने या किसी सॉफ्टवेयर को डाउनलोड न करने की भी अपील की है। महाडिस्कॉम मोबाइल ऐप और www.mahadiscom.in ग्राहकों के लिए सुरक्षित रूप से बिजली बिलों का भुगतान करने के लिए यह वेबसाइट उपलब्ध है।
पिछले कुछ दिनों से नागरिकों के व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों से ‘एसएमएस’, ‘व्हाट्सएप’ के माध्यम से फर्जी संदेश और सीधे कॉल आ रहे हैं। कल्याणीनगर, धानोरी, विश्रांतवाड़ी, नगर रोड आदि क्षेत्रों में कई नागरिकों को फर्जी संदेश मिले हैं। पिछले माह का बिजली बिल अपडेट नहीं होने से आज रात साढ़े नौ बजे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। फर्जी ‘एसएमएस’ या ‘व्हाट्सएप’ संदेश भेजे जा रहे हैं जैसे ‘दिए गए व्यक्तिगत मोबाइल नंबर पर तुरंत संपर्क करें।’ मोबाइल कॉल भी किए जा रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि यह फर्जी संदेश उन नागरिकों को भेजा जा रहा है, जिनका बिजली के बिल से कोई लेना-देना नहीं है या उन बिजली उपभोक्ताओं को भेजा जा रहा है, जिनके बिजली बिल का भुगतान पहले ही किया जा चुका है। असावधान नागरिक इन फर्जी संदेशों या कॉलों का जवाब देने के बाद केवल ‘ऑनलाइन’ के माध्यम से बिजली बिलों का भुगतान करने के लिए कहते हैं, अपने व्यक्तिगत मोबाइल नंबर से ऑनलाइन भुगतान के लिए एक लिंक भेजते हैं या सॉफ्टवेयर डाउनलोड करते हैं (जो मोबाइल या कंप्यूटर को हैक करते हैं)। यदि नागरिक इन फर्जी संदेशों का जवाब देते हैं, तो मोबाइल या कंप्यूटर को हैक करके संबंधित बैंक खाते में शेष राशि लूट ली जा रही है।
ऐसे ‘एसएमएस’ और ‘व्हाट्सएप’ संदेश महावितरण द्वारा किसी व्यक्तिगत मोबाइल नंबर से नहीं भेजे जाते हैं। जबकि ‘एसएमएस’ कम्प्यूटरीकृत प्रणाली के माध्यम से केवल उन उपभोक्ताओं को भेजा जाता है, जिन्होंने ग्राहक संख्या के साथ अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत किया है। इस संदेश की प्रेषक आईडी वीएम-एमएसईडीसीएल, वीके-एमएसईडीसीएल, एएम-एमएसईडीसीएल, जेएम-एमएसईडीसीएल है। साथ ही इस आधिकारिक संदेश के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं को किसी व्यक्तिगत मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की सूचना नहीं दी जाती है। इसमें बैंक का ओटीपी शेयर करने या किसी तरह का सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने के लिए नहीं कहा जाता है। साथ ही महावितरण की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि ‘व्हाट्सएप’ संदेश व्यक्तिगत नंबरों से नहीं भेजे जाते हैं।
महावितरण द्वारा अधिकृत प्रेषक आईडी के माध्यम से केवल ‘एसएमएस’ भेजे जाते हैं। इनमें पूर्व नियोजित रखरखाव और मरम्मत, तकनीकी या अन्य कारणों से बिजली की आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में बहाल होने की संभावित अवधि, साथ ही प्रति माह बिजली बिलों की राशि, ग्राहकों से खुद मीटर रीडिंग भेजने की अपील, तारीख आदि शामिल हैं। मीटर रीडिंग और उपयोग की गई इकाइयों की कुल संख्या, बिजली बिल की राशि, देय तिथि, बिजली आपूर्ति बाधित होने की सूचना आदि विधिवत भेजी जाती है।
हालांकि, वर्तमान में व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों से नागरिकों को भेजे जाने वाले ‘एसएमएस’, ‘व्हाट्सएप’ संदेश और मोबाइल कॉल फर्जी हैं। इसका कोई जवाब नहीं दिया जाना चाहिए। बिल भुगतान के लिए किसी भी लिंक को न खोलें और न ही कोई सॉफ्टवेयर डाउनलोड करें। फर्जी संदेश में उल्लिखित व्यक्तिगत मोबाइल नंबर पर संपर्क न करें। किसी भी तरह की शंका या शिकायत होने पर बिजली उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1912, 18002123435 या 18002333435 या नजदीकी कार्यालय, जो 24 घंटे खुला रहता है, से संपर्क करें।
यह जानकारी पुणे महावितरण कंपनी के मुख्य अभियंता कार्यालय, पुणे परिमंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री निशिकांत राऊत द्वारा दी गई है।

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