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राज्य के सरकारी कार्यालयों में एक अप्रैल से ‘ई-ऑफिस’ प्रणाली शुरू हो जाएगी : मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

मुंबई, दिसंबर (महासंवाद)
प्रशासनिक कार्य को और अधिक गतिशील एवं पेपरलेस बनाने के लिए एक अप्रैल से राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में ‘ई-ऑफिस’ प्रणाली शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसकी घोषणा की है। इस बीच मुख्यमंत्री ने केंद्र की तर्ज पर राज्य में भी निर्णय के लिए सरकारी कामकाज की फाइलें चार स्तरों पर भेजने के निर्देश प्रशासन को दिए हैं। 
केंद्रीय प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से ‘वर्षा’ आवास पर मुलाकात की। मुख्य सचिव मनुकुमार श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव श्रीमती सुजाता सौनिक के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे। 
प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने श्री श्रीनिवास ने प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में विभिन्न पहलों के सफल क्रियान्वयन के लिए उनका स्वागत किया और उनकी सराहना की। राज्य में सुप्रशासन विषयक मार्गदर्शिका (गुड गर्नन्स मैन्यूअल) तैयार करने के लिए प्रशासन को सहयोग करने का निर्देश देते हुए सुप्रशासन निर्देशांक में द्वितीय क्रमांक पर रहनेवाले महाराष्ट्र को प्रथम क्रमांक पर लाने के लिए प्रयास करने के निर्देश मुख्यमंत्री  श्री शिंदे ने दिए।
राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में ‘ई-आफिस’ प्रणाली का प्रयोग शुरू कर दिया जाए तो काम में तेजी आएगी। साथ ही काम पूरी तरह पेपरलेस होने से काम में भी आसानी होगी, इसलिए मुख्यमंत्री ने एक अप्रैल से राज्य के सभी कार्यालयों में ‘ई-ऑफिस’ व्यवस्था शुरू करने की घोषणा की। एक बार जब सभी कार्यालय ‘ई-ऑफिस’ का उपयोग करना शुरू कर देते हैं, तो कार्यशील फाइलें और दस्तावेज मोबाइल फोन पर भी देखे और स्वीकृत किए जा सकते हैं।
फाइलों का प्रवास कम होगा
फिलहाल मुख्यमंत्री के पास फैसले के लिए आनेवाली फाइल 8 अलग-अलग स्तरों से आती है, इन अतिरिक्त परतों के कारण प्रासंगिक विषय फाइलों पर निर्णय लेने में देरी होती है, इसलिए गतिशील प्रबंधन के लिए फाइलों की प्रस्तुति के स्तर को कम करने का निर्देश देते हुए चार स्तरों से ही यह फाइल मुख्यमंत्री को भेजने के निर्देश मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने दिए। 
ऑनलाइन सेवाओं की संख्या बढ़ेगी
ई-सेवा निर्देशांक में भी महाराष्ट्र का प्रथम क्रमांक लाने   के लिए सेवाओं की संख्या को अधिकतम करने के निर्देश मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने दिए। फिलहाल राज्य में 450 सेवाएं ऑनलाइन प्रदान की जा रही हैं।
जनता की शिकायतों पर कार्रवाई की समीक्षा खुद मुख्यमंत्री करेंगे
यह जनता की सरकार है और सरकार से आम आदमी की अपेक्षाओं की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री के पास प्राप्त जन शिकायतों के निराकरण के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जायेगी। इन शिकायतों को डिजिटली ट्रैक किया जाएगा, शिकायतों पर विभागों द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी देने के लिए एक अलग डैशबोर्ड बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इन जन शिकायतों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा करेंगे। 
अब हर विभाग और जिले की ‘सुशासन रैंकिंग’ होगी
वर्तमान में, महाराष्ट्र में केवल राज्य स्तर पर सुशासन पद्धति का पर्यवेक्षण किया जाता है, अब प्रत्येक सरकारी विभाग और जिले की सुशासन रैंकिंग की जाएगी। शासकीय विभाग व जिलों के प्रशासन द्वारा प्रदान की जानेवाली शासकीय सेवाओं एवं सुशासन की रैंकिंग निर्धारित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। सुशासन की इस रैंकिंग के कारण विभागों और जिलों के बीच प्रतिस्पर्धा होगी। इसके अलावा, जनता को प्रदान की जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि होगी।
अभिनव, नावीन्यपूर्ण प्रयोग यशोगाथाओं की कहानियों का संकलन
राज्य के प्रशासन में शुरू रहनेवाली अभिनव, नावीन्यपूर्ण प्रयोग यशोगाथाओं का संकलन केंद्रीय प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा किया जाएगा, इसलिए राज्य में विशेष कार्य करनेवाले 50 प्रयोगों का चयन किया जाएगा। यह जानकारी सचिव श्री श्रीनिवास ने दी।

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