मुंबई, दिसम्बर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
मुख्यमंत्री मा. एकनाथ शिंदे ने हाल ही में घोषणा की कि वह 1 अप्रैल से ई-ऑफिस सिस्टम शुरू करेंगे, जो कागज रहित लेनदेन पर ध्यान केंद्रित करेगा। उस दिशा में महावितरण ने बिलों के मामले में काम शुरू कर दिया है और अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विजय सिंघल ने अपील की है कि बिजली उपभोक्ताओं को गो ग्रीन योजना का लाभ लेकर पर्यावरण को बचाने में मदद करें और हर बिल पर 10 रुपये की छूट मिलनी पाएं।
उन्होंने कहा कि महावितरण गो ग्रीन योजना के तहत यदि ग्राहक मुद्रित कागजी बिलों के बजाय ई-मेल द्वारा भेजे गए कागज रहित बिलों का विकल्प चुनते हैं, तो वे कागजी बिल भेजना बंद कर देंगे और प्रत्येक बिल पर 10 रुपये की छूट दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री ने ई-ऑफिस सिस्टम का संदेश दिया है। उपमुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री मा. देवेंद्र फडणवीस पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। एक ई-ऑफिस प्रणाली वास्तविक कागज का उपयोग करने के बजाय सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करके कागज रहित कार्य पर केंद्रित है। यदि बिजली उपभोक्ता गो ग्रीन छूट का लाभ उठाते हैं तो कागज के बिल कम होंगे और कागज का उपयोग कम होगा तथा कागज रहित कार्य को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण की रक्षा होगी।
गो ग्रीन योजना से अब तक 3 लाख 56 हजार ग्राहक लाभान्वित हो चुके हैं। जो ग्राहक इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे महावितरण की वेबसाइट पर जाकर ग्राहक संख्या और बिलिंग यूनिट का विवरण भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। यहां तक कि महावितरण के मोबाइल एप के जरिए भी पंजीकरण किया जा सकता है। पंजीकृत ग्राहक को एक ओटीपी नंबर भेजा जाता है। यह सुनिश्चित करता है कि पंजीकरण सही ग्राहक द्वारा किया गया है। इसके बाद ग्राहक को उसके द्वारा प्रदान की गई ई-मेल आईडी पर एक लिंक भेजा जाता है। सत्यापित करने के लिए लिंक पर क्लिक करने के बाद, प्रक्रिया पूरी हो जाती है। अगले बिल के बाद से ग्राहक को अपने बिल ई-मेल द्वारा भेजे जाएंगे और पेपर प्रिंटेड बिल बंद कर दिए जाएंगे। ग्राहक जब चाहे ई-मेल किए गए बिल का प्रिंटआउट ले सकता है। साथ ही सभी ग्राहकों को उनके बिल की नियमित जानकारी देने के लिए एसएमएस भी भेजा जा रहा है।
गो ग्रीन योजना का लाभ उठाने वाले ग्राहकों में पुणे परिमंडल सबसे आगे है। इस सर्किल में 89,936 ग्राहक इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। इसके बाद कल्याण (40, 144), भांडुप (34,917), नासिक (33, 141) और बारामती (26,398) हैं। महावितरण के राज्य में 2 करोड़ 8 लाख घरेलू ग्राहक हैं।
यह जानकारी मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, मुंबई द्वारा दी गई है।
मुख्यमंत्री मा. एकनाथ शिंदे ने हाल ही में घोषणा की कि वह 1 अप्रैल से ई-ऑफिस सिस्टम शुरू करेंगे, जो कागज रहित लेनदेन पर ध्यान केंद्रित करेगा। उस दिशा में महावितरण ने बिलों के मामले में काम शुरू कर दिया है और अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विजय सिंघल ने अपील की है कि बिजली उपभोक्ताओं को गो ग्रीन योजना का लाभ लेकर पर्यावरण को बचाने में मदद करें और हर बिल पर 10 रुपये की छूट मिलनी पाएं।
उन्होंने कहा कि महावितरण गो ग्रीन योजना के तहत यदि ग्राहक मुद्रित कागजी बिलों के बजाय ई-मेल द्वारा भेजे गए कागज रहित बिलों का विकल्प चुनते हैं, तो वे कागजी बिल भेजना बंद कर देंगे और प्रत्येक बिल पर 10 रुपये की छूट दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री ने ई-ऑफिस सिस्टम का संदेश दिया है। उपमुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री मा. देवेंद्र फडणवीस पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। एक ई-ऑफिस प्रणाली वास्तविक कागज का उपयोग करने के बजाय सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करके कागज रहित कार्य पर केंद्रित है। यदि बिजली उपभोक्ता गो ग्रीन छूट का लाभ उठाते हैं तो कागज के बिल कम होंगे और कागज का उपयोग कम होगा तथा कागज रहित कार्य को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण की रक्षा होगी।
गो ग्रीन योजना से अब तक 3 लाख 56 हजार ग्राहक लाभान्वित हो चुके हैं। जो ग्राहक इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे महावितरण की वेबसाइट पर जाकर ग्राहक संख्या और बिलिंग यूनिट का विवरण भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। यहां तक कि महावितरण के मोबाइल एप के जरिए भी पंजीकरण किया जा सकता है। पंजीकृत ग्राहक को एक ओटीपी नंबर भेजा जाता है। यह सुनिश्चित करता है कि पंजीकरण सही ग्राहक द्वारा किया गया है। इसके बाद ग्राहक को उसके द्वारा प्रदान की गई ई-मेल आईडी पर एक लिंक भेजा जाता है। सत्यापित करने के लिए लिंक पर क्लिक करने के बाद, प्रक्रिया पूरी हो जाती है। अगले बिल के बाद से ग्राहक को अपने बिल ई-मेल द्वारा भेजे जाएंगे और पेपर प्रिंटेड बिल बंद कर दिए जाएंगे। ग्राहक जब चाहे ई-मेल किए गए बिल का प्रिंटआउट ले सकता है। साथ ही सभी ग्राहकों को उनके बिल की नियमित जानकारी देने के लिए एसएमएस भी भेजा जा रहा है।
गो ग्रीन योजना का लाभ उठाने वाले ग्राहकों में पुणे परिमंडल सबसे आगे है। इस सर्किल में 89,936 ग्राहक इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। इसके बाद कल्याण (40, 144), भांडुप (34,917), नासिक (33, 141) और बारामती (26,398) हैं। महावितरण के राज्य में 2 करोड़ 8 लाख घरेलू ग्राहक हैं।
यह जानकारी मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, मुंबई द्वारा दी गई है।

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