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उच्‍चतम न्‍यायालय ने वर्ष 2016 में पांच सौ और एक हज़ार रुपये के नोटबंदी के निर्णय को सही ठहराया

     उच्‍चतम न्‍यायालय ने वर्ष 2016 में पांच सौ और हज़ार रुपये के नोटबंदी के निर्णय को सही ठहराया है। पांच न्‍याधीशों की संविधान पीठ ने केन्‍द्र सरकार के नोटबंदी के फैसले को चुनौती देने वाली 58 याचिकाओं को खारिज कर दिया। न्‍यायमूर्ति एस. ए. नज़ीर की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह फैसला सरकार की आर्थिक नीतियों का है, इसलिए इसे बदला नहीं जा सकता। बहुमत के आधार पर फैसले को देते हुए न्‍यायमूर्ति बी.आर. गवई ने कहा कि केन्‍द्र सरकार का निर्णय सही है, क्‍योंकि इससे पहले सरकार और रिजर्व बैंक के बीच परामर्श हुआ था। न्‍यायमूर्ति एस. अबुल नज़ीर, बी.आर. गवई, ए.एस. बोपन्‍ना, वी.पी. राम सुब्रह्मण्‍यम और बी.वी. नागरत्‍न की पांच न्‍यायाधीशों की संविधान पीठ केन्‍द्र के फैसलो को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं की सुनवाई कर रही थी। न्‍यायमूर्ति नागरत्‍न ने फैसले पर असहमति व्‍यक्‍त की। सरकार ने शपथपत्र में न्‍यायालय को बताया था कि नोटबंदी का उद्देश्‍य नकली नोट, काले धन, कर चोरी और आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने पर रोक लगाना था।

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