शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक गोवा में शुरू हुई। दो दिन की बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी सहित संगठन के सभी विदेश मंत्री भाग ले रहे हैं। विदेश मंत्री डॉक्टर सुब्रहमण्यम जयशंकर ने इस बैठक से अलग चीन के विदेश मंत्री चिन गांग और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
डॉक्टर जयशंकर ने शंघाई सहयोग संगठन के महासचिव झांगमिंग के साथ भी बैठक की। डॉक्टर जयशंकर ने संगठन की भारत की अध्यक्षता के लिए श्री झांग के समर्थन की सराहना की। भारत ने पिछले वर्ष शंघाई सहयोग संगठन की अध्यक्षता संभाली थी। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की अध्यक्षता संगठन को सुरक्षित बनाने की प्रतिबद्धता से निर्देशित है। इस दौरान स्टार्टअप, पारंपरिक चिकित्सा पद्धति, युवा सशक्तिकरण, बौद्ध विरासत तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है।
विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक से भारत और अन्य सदस्य देशों को बहुपक्षीय सहयोग और विवादित मुद्दों पर चर्चा का मंच मिलेगा। शंघाई सहयोग संगठन आठ देशों का संगठन है, जो 15 जून 2001 को शंघाई में बना था। इसके सदस्य है-चीन, भारत, कजाखस्तान, किर्गिज्स्तान, रूस, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान।
डॉक्टर जयशंकर ने शंघाई सहयोग संगठन के महासचिव झांगमिंग के साथ भी बैठक की। डॉक्टर जयशंकर ने संगठन की भारत की अध्यक्षता के लिए श्री झांग के समर्थन की सराहना की। भारत ने पिछले वर्ष शंघाई सहयोग संगठन की अध्यक्षता संभाली थी। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की अध्यक्षता संगठन को सुरक्षित बनाने की प्रतिबद्धता से निर्देशित है। इस दौरान स्टार्टअप, पारंपरिक चिकित्सा पद्धति, युवा सशक्तिकरण, बौद्ध विरासत तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है।
विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक से भारत और अन्य सदस्य देशों को बहुपक्षीय सहयोग और विवादित मुद्दों पर चर्चा का मंच मिलेगा। शंघाई सहयोग संगठन आठ देशों का संगठन है, जो 15 जून 2001 को शंघाई में बना था। इसके सदस्य है-चीन, भारत, कजाखस्तान, किर्गिज्स्तान, रूस, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान।

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