पुणे, जुलाई (जिमाका)
पर्यावरण के प्रति कृतज्ञता-वृक्षारोपण एवं संरक्षण अभियान के अंतर्गत सार्वजनिक निर्माण प्रादेशिक विभाग की ओर से बारामती तालुका के मोरगांव में मुख्य अभियंता अतुल चव्हाण के शुभ हाथों 20 हजार से अधिक वृक्षों का रोपण प्रारंभ किया गया।
सा. बां. (चिकित्सा) उपविभाग बारामती की ओर से आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर यहां सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता बप्पा बहिर, सार्वजनिक निर्माण विभाग के पूर्व विभाग कार्यकारी अभियंता अनिल ढेपे आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
मुख्य अभियंता अतुल चव्हाण ने कहा कि हम प्रकृति के ऋषि हैं, हमें प्रकृति को कुछ देना चाहिए, इस प्रयोजन के लिए सड़क के दोनों ओर साथ ही सरकारी इमारतों के आसपास जगह उपलब्ध है, ऐसे स्थानों पर पौधे लगाएं और उनका संरक्षण एवं संरक्षित रखने का निर्देश सार्वजनिक निर्माण विभाग की अतिरिक्त सचिव मनीषा म्हैसकर ने दिये हैं। तदनुसार, यह गतिविधि शुरू की गई है। सार्वजनिक निर्माण प्रादेशिक विभाग के सभी अभियंता व कर्मचारियों ने न्यूनतम 10 फीट ऊंचाई के 20 हजार से अधिक पेड़ लगाना और उनका पालन-पोषण करने का प्रादेशिक विभाग के सभी अधिकारीगण व कर्मचारियों ने मिलकर संकल्प किया है। इस वृक्षारोपण अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वदेशी प्रजातियों के पेड़ लगाना है। इस अभियान के तहत, वृक्षारोपण के लिए आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी की एक नर्सरी से 10 से 12 फीट ऊंचाई के विशिष्ट पेड़ों का चयन किया गया है। इसमें मुख्य रूप से वड, पिंपल, नीम, सोनचाफा, कदंब, बहावा, आम, महोगनी, कैलासपति आदि के पेड़ लगाकर शाश्वत और हरित पर्यावरण बनाने का संकल्प किया गया है। इस स्थान पर कम से कम 5 कि.मी. लंबाई में, यह पौधारोपण सड़क के दोनों ओर 10 मीटर की दूरी पर किया जाएगा। प्रत्येक प्रजाति के पेड़ की एक अलग वातावरण निर्मिती हो, इसके मुताबिक 500 मीटर तक एक ही प्रजाति के पेड़ लगाए जाएंगे।
श्री चव्हाण ने इस अवसर पर 1000 पेड़ देने की घोषणा की। अधीक्षक अभियंताओं से प्रत्येकी 400, कार्यकारी अभियंताओं द्वारा 200, उपअभियंता द्वारा 75, शाखा अभियंता 40, स्थापत्य अभियांत्रिकी सहायक 10 तो प्रशासकीय कर्मचारियों के इच्छानुसार वृक्षारोपण कराया जायेगा और उन पेड़ों को अगले 3 साल तक जीवित रखा जाएगा।
पर्यावरण के प्रति कृतज्ञता-वृक्षारोपण एवं संरक्षण अभियान के अंतर्गत सार्वजनिक निर्माण प्रादेशिक विभाग की ओर से बारामती तालुका के मोरगांव में मुख्य अभियंता अतुल चव्हाण के शुभ हाथों 20 हजार से अधिक वृक्षों का रोपण प्रारंभ किया गया।
सा. बां. (चिकित्सा) उपविभाग बारामती की ओर से आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर यहां सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता बप्पा बहिर, सार्वजनिक निर्माण विभाग के पूर्व विभाग कार्यकारी अभियंता अनिल ढेपे आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
मुख्य अभियंता अतुल चव्हाण ने कहा कि हम प्रकृति के ऋषि हैं, हमें प्रकृति को कुछ देना चाहिए, इस प्रयोजन के लिए सड़क के दोनों ओर साथ ही सरकारी इमारतों के आसपास जगह उपलब्ध है, ऐसे स्थानों पर पौधे लगाएं और उनका संरक्षण एवं संरक्षित रखने का निर्देश सार्वजनिक निर्माण विभाग की अतिरिक्त सचिव मनीषा म्हैसकर ने दिये हैं। तदनुसार, यह गतिविधि शुरू की गई है। सार्वजनिक निर्माण प्रादेशिक विभाग के सभी अभियंता व कर्मचारियों ने न्यूनतम 10 फीट ऊंचाई के 20 हजार से अधिक पेड़ लगाना और उनका पालन-पोषण करने का प्रादेशिक विभाग के सभी अधिकारीगण व कर्मचारियों ने मिलकर संकल्प किया है। इस वृक्षारोपण अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वदेशी प्रजातियों के पेड़ लगाना है। इस अभियान के तहत, वृक्षारोपण के लिए आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी की एक नर्सरी से 10 से 12 फीट ऊंचाई के विशिष्ट पेड़ों का चयन किया गया है। इसमें मुख्य रूप से वड, पिंपल, नीम, सोनचाफा, कदंब, बहावा, आम, महोगनी, कैलासपति आदि के पेड़ लगाकर शाश्वत और हरित पर्यावरण बनाने का संकल्प किया गया है। इस स्थान पर कम से कम 5 कि.मी. लंबाई में, यह पौधारोपण सड़क के दोनों ओर 10 मीटर की दूरी पर किया जाएगा। प्रत्येक प्रजाति के पेड़ की एक अलग वातावरण निर्मिती हो, इसके मुताबिक 500 मीटर तक एक ही प्रजाति के पेड़ लगाए जाएंगे।
श्री चव्हाण ने इस अवसर पर 1000 पेड़ देने की घोषणा की। अधीक्षक अभियंताओं से प्रत्येकी 400, कार्यकारी अभियंताओं द्वारा 200, उपअभियंता द्वारा 75, शाखा अभियंता 40, स्थापत्य अभियांत्रिकी सहायक 10 तो प्रशासकीय कर्मचारियों के इच्छानुसार वृक्षारोपण कराया जायेगा और उन पेड़ों को अगले 3 साल तक जीवित रखा जाएगा।



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