पुणे, जुलाई (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
पुणे रेलवे स्टेशन बिल्डिंग निर्माण की 99वीं वर्षगांठ बुधवार, 27 जुलाई को प्लेटफॉर्म संख्या एक पर हर्षोल्लास के माहौल में मनाई गई। इस अवसर पर पुणे स्टेशन के डायरेक्टर श्री मदनलाल मीणा, यात्री, लोग एवं रेलवे कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
विभिन्न रियासतों ने पुणे शहर पर शासन करते समय शहर और उसके आसपास कई ऐतिहासिक इमारतें बनाईं। उनमें से एक पुणे रेलवे स्टेशन की वर्तमान मुख्य इमारत है।
इस विशाल भवन का उद्घाटन 27 जुलाई 1925 को मुंबई प्रांत के तत्कालीन गवर्नर सर लेस्ली विल्सन द्वारा किया गया था। पुणे रेलवे स्टेशन पर बढ़ती यातायात को ध्यान में रखते हुए 1920 के दशक में पुणे रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया गया था। इसके एक भाग के रूप में रेलवे स्टेशन की नई बिल्डिंग का निर्माण किया गया। इसके पहले यहां पर काले पत्थर में निर्मित एक मंजिला बिल्डिंग थी, जिसकी छत कवेलुओं से आच्छादित थी तथा इसका मुख्य प्रवेश द्वार स्टेशन बिल्डिंग के मध्य में स्थित था।
सफेद रंग की बिल्डिंग पर लाल कवेलुओं की ढलानदार छत इमारत की सुंदरता को बढ़ाती है जो भारतीय स्थापत्य शैली के समान है। इस ढलानदार छत में खिड़कियाँ हैं। इमारत दो मंजिला है और इसमें भूतल तथा पहली मंजिल पर एक विशाल बरामदा है। पहली मंजिल पर कई विशाल कमरे हैं और वर्तमान में इन कमरों का उपयोग रिटायरमेंट रूम आदि जैसी सुविधाओं के लिए किया जा रहा है। भवन के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्टेशन की ऐतिहासिक बिल्डिंग को संरक्षित कर स्टेशन क्षेत्र का पुनर्विकास किया जा रहा है।
यह जानकारी पुणे रेल मंडल के मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. रामदास भिसे द्वारा दी गई है।
पुणे रेलवे स्टेशन बिल्डिंग निर्माण की 99वीं वर्षगांठ बुधवार, 27 जुलाई को प्लेटफॉर्म संख्या एक पर हर्षोल्लास के माहौल में मनाई गई। इस अवसर पर पुणे स्टेशन के डायरेक्टर श्री मदनलाल मीणा, यात्री, लोग एवं रेलवे कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
विभिन्न रियासतों ने पुणे शहर पर शासन करते समय शहर और उसके आसपास कई ऐतिहासिक इमारतें बनाईं। उनमें से एक पुणे रेलवे स्टेशन की वर्तमान मुख्य इमारत है।
इस विशाल भवन का उद्घाटन 27 जुलाई 1925 को मुंबई प्रांत के तत्कालीन गवर्नर सर लेस्ली विल्सन द्वारा किया गया था। पुणे रेलवे स्टेशन पर बढ़ती यातायात को ध्यान में रखते हुए 1920 के दशक में पुणे रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया गया था। इसके एक भाग के रूप में रेलवे स्टेशन की नई बिल्डिंग का निर्माण किया गया। इसके पहले यहां पर काले पत्थर में निर्मित एक मंजिला बिल्डिंग थी, जिसकी छत कवेलुओं से आच्छादित थी तथा इसका मुख्य प्रवेश द्वार स्टेशन बिल्डिंग के मध्य में स्थित था।
सफेद रंग की बिल्डिंग पर लाल कवेलुओं की ढलानदार छत इमारत की सुंदरता को बढ़ाती है जो भारतीय स्थापत्य शैली के समान है। इस ढलानदार छत में खिड़कियाँ हैं। इमारत दो मंजिला है और इसमें भूतल तथा पहली मंजिल पर एक विशाल बरामदा है। पहली मंजिल पर कई विशाल कमरे हैं और वर्तमान में इन कमरों का उपयोग रिटायरमेंट रूम आदि जैसी सुविधाओं के लिए किया जा रहा है। भवन के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्टेशन की ऐतिहासिक बिल्डिंग को संरक्षित कर स्टेशन क्षेत्र का पुनर्विकास किया जा रहा है।
यह जानकारी पुणे रेल मंडल के मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. रामदास भिसे द्वारा दी गई है।

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