विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत के बाहर पहला आईआईटी परिसर तंजानिया के ज़ांज़ीबार में बनेगा। ज़ांज़ीबार में आईआईटी मद्रास का एक परिसर स्थापित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। समझौते पर कल रात विदेश मंत्री एस जयशंकर और ज़ांज़ीबार के राष्ट्रपति हुसैन अली म्विनी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह परिसर भारत और तंजानिया के बीच लंबे समय से चली आ रही मित्रता को प्रदर्शित करता है और समूचे अफ्रीका और ग्लोबल साउथ में लोगों के बीच संबंध बनाने के भारत के प्रयासों की याद दिलाता है।
डॉ. जयशंकर ने ट्वीट में कहा है कि यह ऐतिहासिक कदम ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दर्शाता है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिश के अनुसार अच्छा प्रदर्शन करने वाले भारतीय विश्वविद्यालयों को अन्य देशों में परिसर स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
डॉ. जयशंकर इस समय चार दिन के तंजानिया के दौरे पर हैं। ज़ांज़ीबार के राष्ट्रपति डॉक्टर हुसैन अली म्विनी ने डॉक्टर जयशंकर का गर्मजोशी से स्वागत किया। विदेश मंत्री ज़ांज़ीबार के राष्ट्रपति के साथ आईएनएस त्रिशूल पर स्वागत समारोह में हिस्सा लिया।
डॉ. जयशंकर ने एक ट्वीट में राष्ट्रपति के साथ अपनी बैठक को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने दोनों देशों के बीच मजबूत भागीदारी की राष्ट्रपति की प्रतिबद्धता की सराहना की। विदेश मंत्री ने कहा कि हमारी विकास भागीदारी और रक्षा सहयोग निकट रूप से जुड़े हुए हैं।
इस दौरान डॉ. जयशंकर तंजानिया के विदेश मंत्री के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे और संयुक्त आयोग की दसवीं बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। वे ऋण व्यवस्था के अंतर्गत भारत सरकार के सहयोग से तैयार एक जलापूर्ति परियोजना का दौरा करेंगे और तंजानिया के नेताओं से मुलाकात करेंगे।
विदेश मंत्री भारत के संसदीय मित्रता समूह के सदस्यों के साथ भी बैठक करेंगे और भारत-तंजानिया व्यापार सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। बाद में वे भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करेंगे और दारेस्सलाम में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।
डॉ. जयशंकर ने ट्वीट में कहा है कि यह ऐतिहासिक कदम ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दर्शाता है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिश के अनुसार अच्छा प्रदर्शन करने वाले भारतीय विश्वविद्यालयों को अन्य देशों में परिसर स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
डॉ. जयशंकर इस समय चार दिन के तंजानिया के दौरे पर हैं। ज़ांज़ीबार के राष्ट्रपति डॉक्टर हुसैन अली म्विनी ने डॉक्टर जयशंकर का गर्मजोशी से स्वागत किया। विदेश मंत्री ज़ांज़ीबार के राष्ट्रपति के साथ आईएनएस त्रिशूल पर स्वागत समारोह में हिस्सा लिया।
डॉ. जयशंकर ने एक ट्वीट में राष्ट्रपति के साथ अपनी बैठक को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने दोनों देशों के बीच मजबूत भागीदारी की राष्ट्रपति की प्रतिबद्धता की सराहना की। विदेश मंत्री ने कहा कि हमारी विकास भागीदारी और रक्षा सहयोग निकट रूप से जुड़े हुए हैं।
इस दौरान डॉ. जयशंकर तंजानिया के विदेश मंत्री के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे और संयुक्त आयोग की दसवीं बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। वे ऋण व्यवस्था के अंतर्गत भारत सरकार के सहयोग से तैयार एक जलापूर्ति परियोजना का दौरा करेंगे और तंजानिया के नेताओं से मुलाकात करेंगे।
विदेश मंत्री भारत के संसदीय मित्रता समूह के सदस्यों के साथ भी बैठक करेंगे और भारत-तंजानिया व्यापार सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। बाद में वे भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करेंगे और दारेस्सलाम में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।

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