पुणे, जुलाई (जिमाका)
राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज जयंती के अवसर पर पुणे जिला जाति सत्यापन समिति के माध्यम से 26 जून से 26 जुलाई तक राज्य में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह जानकारी अतिरिक्त जिलाधिकारी तथा पुणे जिला जाति सत्यापन समिति के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण कुमार देवरे द्वारा दी गई है।
इस अभियान के तहत स्कूल में ही पढ़ने वाले पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र दिया जाएगा, साथ ही कक्षा 11वीं और 12वीं विज्ञान शाखा के विद्यार्थियों, सीईटी परीक्षा में भाग लेने वाले, डिप्लोमा पाठ्यक्रम के तृतीय वर्ष में प्रवेशित सभी पिछड़ावर्ग के विद्यार्थियों को वैधता प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
विद्यार्थियों को विद्यालय में ही जाति प्रमाण पत्र प्राप्त हो सके इसके लिए कलेक्टर कार्यालय द्वारा विभागीय उप शिक्षा निदेशक, समूह शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक/ माध्यमिक), उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, विद्यालय प्राचार्य के माध्यम से आवश्यक योजना एवं प्रभावी कार्य प्रणाली प्रारंभ की गई है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी पिछड़ा वर्ग का विद्यार्थी जाति प्रमाण पत्र से वंचित न रहे। इसमें स्कूल-कॉलेजों के समन्वय (नोडल) अधिकारी इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएंगे। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के पूर्ण आवेदन लेकर जिला जाति सत्यापन समिति एवं उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार कार्यालय से समन्वय कर विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र एवं जाति वैधता प्रमाण पत्र उपलब्ध करायेंगे।
12वीं परीक्षा परिणाम हाल ही में घोषित किए गए हैं और कई छात्रों ने व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एमएचटी सीईटी, नीट, जेईई आदि की परीक्षा दी है। एमबीए, पीएच.डी., बी.एससी.एग्री., बी.फार्म., बी.एससी. नर्सिंग आदि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ इंजीनियरिंग में दूसरे वर्ष में सीधे प्रवेश चाहने वाले उम्मीदवारों को जाति प्रमाण पत्र सत्यापन की आवश्यकता होती है। संवैधानिक आरक्षण से पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को लाभ मिलता है।
इसलिए, छात्र तुरंत बार्टी की वेबसाइट हीींिीं://लरीींळर्शींरश्रळवळीूं.ारहरीरीहीींर.र्सेीं.ळप/ पर ऑनलाइन आवेदन भर सकते हैं, साथ ही इसकी मूल प्रति के साथ आवेदक के जाति प्रमाण पत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियों के साथ आवेदन कर सकते हैं। पिता का स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र, कॉलेज अनुशंसा पत्र, शपथ पत्र, वास्तविक प्रमाण पत्र आदि जाति सत्यापन के लिए पूरा आवेदन पत्र सीधे जिला जाति सत्यापन समिति पुणे-3 येरवडा के कार्यालय में तुरंत जमा किया जाना चाहिए।
जिन विद्यार्थियों ने जाति वैधता प्रमाण पत्र के लिए पहले ही आवेदन जमा कर दिया है तथा जिन आवेदकों के मामले में त्रुटियां हैं तथा त्रुटियों के अभाव में आवेदन लंबित हैं, उन्हें समिति ने फोन/ई-मेल द्वारा संदेश भेज दिया है। यह भी सूचित किया गया है कि ऐसे आवेदकों को दिए गए निर्देशों के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों के साथ त्रुटि को सुधारने के लिए वास्तविक जिला जाति सत्यापन कार्यालय में उपस्थित होना चाहिए।
यदि समय पर आवेदन जमा नहीं किया जाता है तो विद्यार्थी को शैक्षणिक प्रवेश से वंचित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है, इसलिए आवेदन शीघ्र जमा करायें। डॉ. देवरे ने महाविद्यालय, छात्रों और अभिभावकों से जाति सत्यापन प्रस्ताव कार्यालय में जमा करने का भी अनुरोध किया।
राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज जयंती के अवसर पर पुणे जिला जाति सत्यापन समिति के माध्यम से 26 जून से 26 जुलाई तक राज्य में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह जानकारी अतिरिक्त जिलाधिकारी तथा पुणे जिला जाति सत्यापन समिति के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण कुमार देवरे द्वारा दी गई है।
इस अभियान के तहत स्कूल में ही पढ़ने वाले पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र दिया जाएगा, साथ ही कक्षा 11वीं और 12वीं विज्ञान शाखा के विद्यार्थियों, सीईटी परीक्षा में भाग लेने वाले, डिप्लोमा पाठ्यक्रम के तृतीय वर्ष में प्रवेशित सभी पिछड़ावर्ग के विद्यार्थियों को वैधता प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
विद्यार्थियों को विद्यालय में ही जाति प्रमाण पत्र प्राप्त हो सके इसके लिए कलेक्टर कार्यालय द्वारा विभागीय उप शिक्षा निदेशक, समूह शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक/ माध्यमिक), उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, विद्यालय प्राचार्य के माध्यम से आवश्यक योजना एवं प्रभावी कार्य प्रणाली प्रारंभ की गई है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी पिछड़ा वर्ग का विद्यार्थी जाति प्रमाण पत्र से वंचित न रहे। इसमें स्कूल-कॉलेजों के समन्वय (नोडल) अधिकारी इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएंगे। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के पूर्ण आवेदन लेकर जिला जाति सत्यापन समिति एवं उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार कार्यालय से समन्वय कर विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र एवं जाति वैधता प्रमाण पत्र उपलब्ध करायेंगे।
12वीं परीक्षा परिणाम हाल ही में घोषित किए गए हैं और कई छात्रों ने व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एमएचटी सीईटी, नीट, जेईई आदि की परीक्षा दी है। एमबीए, पीएच.डी., बी.एससी.एग्री., बी.फार्म., बी.एससी. नर्सिंग आदि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ इंजीनियरिंग में दूसरे वर्ष में सीधे प्रवेश चाहने वाले उम्मीदवारों को जाति प्रमाण पत्र सत्यापन की आवश्यकता होती है। संवैधानिक आरक्षण से पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को लाभ मिलता है।
इसलिए, छात्र तुरंत बार्टी की वेबसाइट हीींिीं://लरीींळर्शींरश्रळवळीूं.ारहरीरीहीींर.र्सेीं.ळप/ पर ऑनलाइन आवेदन भर सकते हैं, साथ ही इसकी मूल प्रति के साथ आवेदक के जाति प्रमाण पत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियों के साथ आवेदन कर सकते हैं। पिता का स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र, कॉलेज अनुशंसा पत्र, शपथ पत्र, वास्तविक प्रमाण पत्र आदि जाति सत्यापन के लिए पूरा आवेदन पत्र सीधे जिला जाति सत्यापन समिति पुणे-3 येरवडा के कार्यालय में तुरंत जमा किया जाना चाहिए।
जिन विद्यार्थियों ने जाति वैधता प्रमाण पत्र के लिए पहले ही आवेदन जमा कर दिया है तथा जिन आवेदकों के मामले में त्रुटियां हैं तथा त्रुटियों के अभाव में आवेदन लंबित हैं, उन्हें समिति ने फोन/ई-मेल द्वारा संदेश भेज दिया है। यह भी सूचित किया गया है कि ऐसे आवेदकों को दिए गए निर्देशों के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों के साथ त्रुटि को सुधारने के लिए वास्तविक जिला जाति सत्यापन कार्यालय में उपस्थित होना चाहिए।
यदि समय पर आवेदन जमा नहीं किया जाता है तो विद्यार्थी को शैक्षणिक प्रवेश से वंचित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है, इसलिए आवेदन शीघ्र जमा करायें। डॉ. देवरे ने महाविद्यालय, छात्रों और अभिभावकों से जाति सत्यापन प्रस्ताव कार्यालय में जमा करने का भी अनुरोध किया।

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