मुंबई, जुलाई (महासंवाद)
राज्य सरकार प्रदेश के किसानों, मजदूरों और आम लोगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण भाग के साथ शहरी क्षेत्रों का संतुलित विकास कर राज्य का सर्वांगीण विकास का सरकार का उद्देश्य है। राज्य के विकास के आय के नए स्रोत निर्माण करने पर जोर दिया जाएगा। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री तथा वित्त व नियोजन मंत्री अजीत पवार ने विधान सभा में दी। विधानसभा में बहुमत से अनुपूरक मांगों को मंजूरी दे दी गई।
मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में प्रस्तुत अनुपूरक मांगों पर चर्चा पूरी होने के बाद उपमुख्यमंत्री श्री पवार बोल रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि इस सत्र (जुलाई, 2023) में कुल 41 हजार 243 करोड़ 21 लाख रुपयों की अनुपूरक मांगें विधानमंडल के समक्ष प्रस्तुत की गईं। इसमें से 13 हजार 91 करोड़ 21 लाख रुपए की मांग अनिवार्य, 25 हजार 611 करोड़ 38 लाख रुपये की मांग कार्यक्रम के अंतर्गत और 2 हजार 540 करोड़ 62 लाख रुपये की मांग केंद्र प्रायोजित कार्यक्रम के तहत वित्तीय सहायता की उपलब्धता के अनुरूप अनुपूरक मांग की गई हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि सकल अनुपूरक मांग 41 हजार 243 करोड़ 21 लाख रुपये दिखती है, लेकिन वास्तविक शुद्ध बोझ 35 हजार 883 करोड़ 31 लाख रुपये ही है।
अनुपूरक मांग में महत्वपूर्ण प्रावधान
-जलजीवन मिशन-सामान्य घटक एवं गुणवत्ता नियंत्रण एवं सर्वेक्षण एवं सहायता प्राप्त प्रकरणों हेतु राज्यांश के रूप में 5 हजार 856 करोड़ रुपये।
-प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र लाभार्थियों को राज्य की ‘नमो शेतकरी’ महा सम्मान निधि योजना का लाभ प्रदान करने के लिए 4 हजार करोड़ रुपये।
-रियायती विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किश्त एवं चतुर्थ अनुमन्य किश्त के भुगतान हेतु 3 हजार 563 करोड़ 16 लाख रुपये।
-मेट्रो रेल परियोजनाओं पर स्टांप शुल्क अधिभार के प्रावधान के लिए 2 हजार 100 करोड़ रुपए।
-जन-प्रतिनिधियों के सुझाव के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में गाँवों में बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु 1 हजार 500 करोड़ रुपये।
-केन्द्र सरकार के जलजीवन मिशन के अनुसूचित जाति के लाभार्थियों हेतु राज्यांश हेतु 1 हजार 415 करोड़ रुपये।
-पंद्रहवें वित्त आयोग का अनुदान प्रदान करने के लिए 1 हजार 398 करोड़ 50 लाख रुपये।
-केंद्र सरकार से राज्य सरकार को पूंजीगत व्यय के लिए विशेष सहायता योजना के लिए 1 हजार 200 करोड़ रुपये।
-श्रवणबाल सेवा राज्य पेंशन योजना के लिए सामान्य वर्ग के लाभार्थियों के लिए 1 हजार 100 करोड़ रुपये।
-महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम को रियायती किराया और वित्तीय सहायता के लिए 1 हजार करोड़ रुपये।
-महानगरपालिका व नगरपालिका क्षेत्र को बुनियादी सुविधाओं के विकास और विशेष कार्यों के लिए विशेष प्रावधान योजना के तहत 1 हजार करोड़ रुपये।
-नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना के तहत परियोजना कार्यान्वयन के लिए बाहरी हिस्सा और राज्य का हिस्सा 969 करोड़ रुपये।
-आंगनबाडी कर्मचारियों के पारिश्रमिक हेतु केन्द्रांश, राज्यांश एवं अतिरिक्त राज्यांश हिस्सा 939 करोड़।
-केन्द्र प्रायोजित जल जीवन मिशन योजना (राज्यांश) 800 करोड़ रुपये।
-शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की उपदान, अंशराशिकरण और 7वें वेतन आयोग की बकाया किश्तें भुगतान के लिए 789 करोड़ 41 लाख रुपये।
-पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत केंद्र सरकार से ब्याज मुक्त ऋण के लिए 798 करोड़ 1 लाख रुपये।
-संजय गांधी निराश्रित अनुदान योजना के लिए सामान्य वर्ग के लाभार्थियों के लिए 600 करोड़ रुपये।
-लेट खरीफ सीजन में लाल प्याज बेचनेवाले पात्र किसानों को अनुदान 550 करोड़ रुपये।
-पात्र सहकारी चीनी मिलों को मार्जिन मनी ऋण उपलब्ध कराने के लिए 549 करोड़ 54 लाख रुपये।
-केंद्रीय आधार मूल्य योजना के तहत घाटे को पूरा करने के लिए 523 करोड़ 23 लाख रुपये का समावेश है।
राज्य सरकार प्रदेश के किसानों, मजदूरों और आम लोगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण भाग के साथ शहरी क्षेत्रों का संतुलित विकास कर राज्य का सर्वांगीण विकास का सरकार का उद्देश्य है। राज्य के विकास के आय के नए स्रोत निर्माण करने पर जोर दिया जाएगा। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री तथा वित्त व नियोजन मंत्री अजीत पवार ने विधान सभा में दी। विधानसभा में बहुमत से अनुपूरक मांगों को मंजूरी दे दी गई।
मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में प्रस्तुत अनुपूरक मांगों पर चर्चा पूरी होने के बाद उपमुख्यमंत्री श्री पवार बोल रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि इस सत्र (जुलाई, 2023) में कुल 41 हजार 243 करोड़ 21 लाख रुपयों की अनुपूरक मांगें विधानमंडल के समक्ष प्रस्तुत की गईं। इसमें से 13 हजार 91 करोड़ 21 लाख रुपए की मांग अनिवार्य, 25 हजार 611 करोड़ 38 लाख रुपये की मांग कार्यक्रम के अंतर्गत और 2 हजार 540 करोड़ 62 लाख रुपये की मांग केंद्र प्रायोजित कार्यक्रम के तहत वित्तीय सहायता की उपलब्धता के अनुरूप अनुपूरक मांग की गई हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि सकल अनुपूरक मांग 41 हजार 243 करोड़ 21 लाख रुपये दिखती है, लेकिन वास्तविक शुद्ध बोझ 35 हजार 883 करोड़ 31 लाख रुपये ही है।
अनुपूरक मांग में महत्वपूर्ण प्रावधान
-जलजीवन मिशन-सामान्य घटक एवं गुणवत्ता नियंत्रण एवं सर्वेक्षण एवं सहायता प्राप्त प्रकरणों हेतु राज्यांश के रूप में 5 हजार 856 करोड़ रुपये।
-प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र लाभार्थियों को राज्य की ‘नमो शेतकरी’ महा सम्मान निधि योजना का लाभ प्रदान करने के लिए 4 हजार करोड़ रुपये।
-रियायती विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किश्त एवं चतुर्थ अनुमन्य किश्त के भुगतान हेतु 3 हजार 563 करोड़ 16 लाख रुपये।
-मेट्रो रेल परियोजनाओं पर स्टांप शुल्क अधिभार के प्रावधान के लिए 2 हजार 100 करोड़ रुपए।
-जन-प्रतिनिधियों के सुझाव के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में गाँवों में बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु 1 हजार 500 करोड़ रुपये।
-केन्द्र सरकार के जलजीवन मिशन के अनुसूचित जाति के लाभार्थियों हेतु राज्यांश हेतु 1 हजार 415 करोड़ रुपये।
-पंद्रहवें वित्त आयोग का अनुदान प्रदान करने के लिए 1 हजार 398 करोड़ 50 लाख रुपये।
-केंद्र सरकार से राज्य सरकार को पूंजीगत व्यय के लिए विशेष सहायता योजना के लिए 1 हजार 200 करोड़ रुपये।
-श्रवणबाल सेवा राज्य पेंशन योजना के लिए सामान्य वर्ग के लाभार्थियों के लिए 1 हजार 100 करोड़ रुपये।
-महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम को रियायती किराया और वित्तीय सहायता के लिए 1 हजार करोड़ रुपये।
-महानगरपालिका व नगरपालिका क्षेत्र को बुनियादी सुविधाओं के विकास और विशेष कार्यों के लिए विशेष प्रावधान योजना के तहत 1 हजार करोड़ रुपये।
-नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना के तहत परियोजना कार्यान्वयन के लिए बाहरी हिस्सा और राज्य का हिस्सा 969 करोड़ रुपये।
-आंगनबाडी कर्मचारियों के पारिश्रमिक हेतु केन्द्रांश, राज्यांश एवं अतिरिक्त राज्यांश हिस्सा 939 करोड़।
-केन्द्र प्रायोजित जल जीवन मिशन योजना (राज्यांश) 800 करोड़ रुपये।
-शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की उपदान, अंशराशिकरण और 7वें वेतन आयोग की बकाया किश्तें भुगतान के लिए 789 करोड़ 41 लाख रुपये।
-पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत केंद्र सरकार से ब्याज मुक्त ऋण के लिए 798 करोड़ 1 लाख रुपये।
-संजय गांधी निराश्रित अनुदान योजना के लिए सामान्य वर्ग के लाभार्थियों के लिए 600 करोड़ रुपये।
-लेट खरीफ सीजन में लाल प्याज बेचनेवाले पात्र किसानों को अनुदान 550 करोड़ रुपये।
-पात्र सहकारी चीनी मिलों को मार्जिन मनी ऋण उपलब्ध कराने के लिए 549 करोड़ 54 लाख रुपये।
-केंद्रीय आधार मूल्य योजना के तहत घाटे को पूरा करने के लिए 523 करोड़ 23 लाख रुपये का समावेश है।

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