पुणे, अगस्त (जिमाका)
राजगुरुनगर में शहीद शिवराम हरि राजगुरु स्मारक की विकास योजना को पालकमंत्री चंद्रकांत दादा पाटिल की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समिति ने अनुमोदन प्रदान किया गया है। यह योजना मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चाधिकार समिति की मंजूरी के लिए सांस्कृतिक कार्य विभाग को प्रस्तुत किया जाएगा।
विधानभवन में आयोजित इस बैठक में विधायक दिलीप मोहिते पाटिल, विभागीय आयुक्त सौरभ राव, जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख, जिला नियोजन अधिकारी किरण इंदलकर, खेड-राजगुरूनगर के उपविभागीय अधिकारी जोगेंद्र कट्यारे, पुरातत्व व वस्तुसंग्रहालय संचालनालय के सहायक संचालक डॉ. विलास वहाणे आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर वास्तुकार ने स्मारक के अनुरूप तैयार की गई विकास योजना प्रस्तुत की।
पालकमंत्री पाटिल ने कहा कि इस स्मारक के डिजाइन के चरणों के अनुसार मुख्य भाग के विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस अवसर पर विधायक श्री दिलीप मोहिते पाटिल ने विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किये।
पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्रालय विभाग, मुंबई के 14 मार्च 2023 के सरकारी निर्णय द्वारा राजगुरुनगर, जिला पुणे के शहीद शिवराम हरि राजगुरु जन्मस्थान क्षेत्र विकास योजना समिति विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में स्थापना की गई थी।
विभागीय आयुक्त सौरभ राव की अध्यक्षता में समिति ने गहन बैठकों और स्थल निरीक्षण के बाद विकास योजना तैयार की है। इसमें जन्मस्थान कमरा और मुख्य स्मारक विकास योजना राज्य पुरातत्व विभाग के माध्यम से तो परिसर विकास योजना सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से तैयार किया गया है। इसके लिए अवधारणाओं के संबंध में प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।
चरण नं. 1 पुरातत्व विभाग द्वारा विकसित किया जाएगा और इसमें 94 करोड़ और 99 लाख रुपये की व्यय योजना शामिल है। इनमें जन्म कमरा, थोरला वाडा, मुख्य द्वार और स्मारक का जीर्णोद्धार, स्मारक में पुस्तकालय, कैफेटेरिया आदि साथ ही रामघाट, चंदौली घाट, इस ओर जाने वाला दरवाजा और सीढ़ियाँ, संरक्षित दीवार, पार्किंग स्थल, फुटपाथ, आंतरिक सड़कें, भूमि सौंदर्यीकरण (लैंडस्केप), खुला सभागृह, मूर्तियां, भित्ति चित्र (म्युरल्स), पूरे स्मारक का विद्युतीकरण, प्रकाश एवं ध्वनि प्रस्तुति (लाइट एण्ड साऊंड शो)अन्य कार्यों को सम्मिलित किया गया है।
चरण नं. 2 एवं 3 का विकास सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से किया जायेगा एवं इसकी लागत 159 करोड़ 12 लाख रूपये है। चरण 2 में संग्रहालय, प्रशिक्षण, देशभक्त निवास, कैफेटेरिया, पुस्तकालय, पार्किंग स्थल का विकास, मौजूदा सड़कों का विकास, फर्नीचर, विद्युतीकरण, क्षेत्र विकास आदि के लिए 77 करोड़ 82 लाख तो चरण नं. 3 में नदी घाट विकास, उद्यान, सुरक्षा दीवार, डिस्प्ले, भित्ति चित्र, होलोग्राम प्रक्षेपण एवं अन्य मामलों के लिए 58 करोड़ 62 लाख रुपये का प्रावधान है तथा चरण 2 एवं 3 के भूमि अधिग्रहण के लिए 22 करोड़ 68 लाख रुपये की आवश्यकता है।
राजगुरुनगर में शहीद शिवराम हरि राजगुरु स्मारक की विकास योजना को पालकमंत्री चंद्रकांत दादा पाटिल की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समिति ने अनुमोदन प्रदान किया गया है। यह योजना मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चाधिकार समिति की मंजूरी के लिए सांस्कृतिक कार्य विभाग को प्रस्तुत किया जाएगा।
विधानभवन में आयोजित इस बैठक में विधायक दिलीप मोहिते पाटिल, विभागीय आयुक्त सौरभ राव, जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख, जिला नियोजन अधिकारी किरण इंदलकर, खेड-राजगुरूनगर के उपविभागीय अधिकारी जोगेंद्र कट्यारे, पुरातत्व व वस्तुसंग्रहालय संचालनालय के सहायक संचालक डॉ. विलास वहाणे आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर वास्तुकार ने स्मारक के अनुरूप तैयार की गई विकास योजना प्रस्तुत की।
पालकमंत्री पाटिल ने कहा कि इस स्मारक के डिजाइन के चरणों के अनुसार मुख्य भाग के विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस अवसर पर विधायक श्री दिलीप मोहिते पाटिल ने विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किये।
पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्रालय विभाग, मुंबई के 14 मार्च 2023 के सरकारी निर्णय द्वारा राजगुरुनगर, जिला पुणे के शहीद शिवराम हरि राजगुरु जन्मस्थान क्षेत्र विकास योजना समिति विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में स्थापना की गई थी।
विभागीय आयुक्त सौरभ राव की अध्यक्षता में समिति ने गहन बैठकों और स्थल निरीक्षण के बाद विकास योजना तैयार की है। इसमें जन्मस्थान कमरा और मुख्य स्मारक विकास योजना राज्य पुरातत्व विभाग के माध्यम से तो परिसर विकास योजना सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से तैयार किया गया है। इसके लिए अवधारणाओं के संबंध में प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।
चरण नं. 1 पुरातत्व विभाग द्वारा विकसित किया जाएगा और इसमें 94 करोड़ और 99 लाख रुपये की व्यय योजना शामिल है। इनमें जन्म कमरा, थोरला वाडा, मुख्य द्वार और स्मारक का जीर्णोद्धार, स्मारक में पुस्तकालय, कैफेटेरिया आदि साथ ही रामघाट, चंदौली घाट, इस ओर जाने वाला दरवाजा और सीढ़ियाँ, संरक्षित दीवार, पार्किंग स्थल, फुटपाथ, आंतरिक सड़कें, भूमि सौंदर्यीकरण (लैंडस्केप), खुला सभागृह, मूर्तियां, भित्ति चित्र (म्युरल्स), पूरे स्मारक का विद्युतीकरण, प्रकाश एवं ध्वनि प्रस्तुति (लाइट एण्ड साऊंड शो)अन्य कार्यों को सम्मिलित किया गया है।
चरण नं. 2 एवं 3 का विकास सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से किया जायेगा एवं इसकी लागत 159 करोड़ 12 लाख रूपये है। चरण 2 में संग्रहालय, प्रशिक्षण, देशभक्त निवास, कैफेटेरिया, पुस्तकालय, पार्किंग स्थल का विकास, मौजूदा सड़कों का विकास, फर्नीचर, विद्युतीकरण, क्षेत्र विकास आदि के लिए 77 करोड़ 82 लाख तो चरण नं. 3 में नदी घाट विकास, उद्यान, सुरक्षा दीवार, डिस्प्ले, भित्ति चित्र, होलोग्राम प्रक्षेपण एवं अन्य मामलों के लिए 58 करोड़ 62 लाख रुपये का प्रावधान है तथा चरण 2 एवं 3 के भूमि अधिग्रहण के लिए 22 करोड़ 68 लाख रुपये की आवश्यकता है।

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