मुंबई, अगस्त (महासंवाद)
बार्टी में विभिन्न प्रशिक्षण देने के लिए संस्था के चयन के संबंध में सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार संस्था का चयन किया जाता है। हालांकि फिलहाल यह मामला अदालत में विचाराधीन है फिर भी छात्रों को किसी तरह का नुकसान न हो इसलिए जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी।
विभिन्न कॉलेजों से संपर्क किया गया है ये महाविद्यालय छात्रों को प्रशिक्षित करने के लिए सहमत हुए हैं। यह जवाब मंत्री शंभुराज देसाई ने विधानमंडल सत्र में दिया।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन व प्रशिक्षण संस्था (बार्टी), पुणे के अंतर्गत पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षा पूर्व भर्ती प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने में सरकार की क्या भूमिका है, इस बारे में सदस्य विजय उर्फ भाई गिरकर ने सवाल उपस्थित किया था, उसका जवाब देते हुए मंत्री श्री देसाई बोल रहे थे।
मंत्री श्री देसाई ने कहा कि छात्रों के हित, संस्थागत चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण लागू करने के लिए वित्त विभाग के वित्तीय विनियम एवं उद्योग, ऊर्जा और श्रम विभाग के 1 दिसंबर 2016 की खरीद नीति के अनुसार व केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार संस्था चयन हेतु ई-टेंडरिंग प्रक्रिया शासन की नीति है। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन व प्रशिक्षण संस्था (बार्टी), पुणे के माध्यम से बैंक (आयबीपीएस), रेलवे, आईसी आदि जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण और पुलिस एवं सैन्य भर्ती पूर्व प्रशिक्षण क्रियान्वयन के संबंध में सामाजिक न्याय विभाग के दिनांक 28 अक्टूबर 2021 के शासन निर्णय के अनुसार कार्यक्रम तय किया गया है। इसमें 5 वर्षों में लगभग 10,000 छात्रों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल है। इस संबंध में ई-टेंडरिंग प्रक्रिया लागू की गई है। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है। हालांकि इस विषय के संबंध को लेकर जल्द ही एक बैठक आयोजित की जाएगी। विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा, इसके लिए विभिन्न कॉलेजों से संपर्क किया गया है। विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही ‘सारथी’, ‘महाज्योति’ और ‘बार्टी’ की प्रक्रिया में समानता लानेवाली नीति जल्द ही सरकार लाएगी, इसके लिए पर्याप्त सावधानियां बरती जाएंगी।
इस दौरान हुई चर्चा में सदस्य सर्वश्री विक्रम काले, सतेज पाटिल, अमोल मिटकरी, प्रवीण दटके, कपिल पाटिल, डॉ. मनीषा कायंदे, अभिजीत वंजारी, महादेव जानकर ने भाग लिया।
बार्टी में विभिन्न प्रशिक्षण देने के लिए संस्था के चयन के संबंध में सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार संस्था का चयन किया जाता है। हालांकि फिलहाल यह मामला अदालत में विचाराधीन है फिर भी छात्रों को किसी तरह का नुकसान न हो इसलिए जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी।
विभिन्न कॉलेजों से संपर्क किया गया है ये महाविद्यालय छात्रों को प्रशिक्षित करने के लिए सहमत हुए हैं। यह जवाब मंत्री शंभुराज देसाई ने विधानमंडल सत्र में दिया।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन व प्रशिक्षण संस्था (बार्टी), पुणे के अंतर्गत पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षा पूर्व भर्ती प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने में सरकार की क्या भूमिका है, इस बारे में सदस्य विजय उर्फ भाई गिरकर ने सवाल उपस्थित किया था, उसका जवाब देते हुए मंत्री श्री देसाई बोल रहे थे।
मंत्री श्री देसाई ने कहा कि छात्रों के हित, संस्थागत चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण लागू करने के लिए वित्त विभाग के वित्तीय विनियम एवं उद्योग, ऊर्जा और श्रम विभाग के 1 दिसंबर 2016 की खरीद नीति के अनुसार व केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार संस्था चयन हेतु ई-टेंडरिंग प्रक्रिया शासन की नीति है। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन व प्रशिक्षण संस्था (बार्टी), पुणे के माध्यम से बैंक (आयबीपीएस), रेलवे, आईसी आदि जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण और पुलिस एवं सैन्य भर्ती पूर्व प्रशिक्षण क्रियान्वयन के संबंध में सामाजिक न्याय विभाग के दिनांक 28 अक्टूबर 2021 के शासन निर्णय के अनुसार कार्यक्रम तय किया गया है। इसमें 5 वर्षों में लगभग 10,000 छात्रों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल है। इस संबंध में ई-टेंडरिंग प्रक्रिया लागू की गई है। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है। हालांकि इस विषय के संबंध को लेकर जल्द ही एक बैठक आयोजित की जाएगी। विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा, इसके लिए विभिन्न कॉलेजों से संपर्क किया गया है। विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही ‘सारथी’, ‘महाज्योति’ और ‘बार्टी’ की प्रक्रिया में समानता लानेवाली नीति जल्द ही सरकार लाएगी, इसके लिए पर्याप्त सावधानियां बरती जाएंगी।
इस दौरान हुई चर्चा में सदस्य सर्वश्री विक्रम काले, सतेज पाटिल, अमोल मिटकरी, प्रवीण दटके, कपिल पाटिल, डॉ. मनीषा कायंदे, अभिजीत वंजारी, महादेव जानकर ने भाग लिया।

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