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पुणे रिंग रोड के भूमि अधिग्रहण के लिए 250 करोड़ रुपयों का मुआवजा : जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख

पुणे, अगस्त (जिमाका)
पुणे रिंग रोड के लिए सहमति से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसे जमीन मालिकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।अब तक 125 एकड़ जमीन पर कब्जा हो चुका है और 250 करोड़ रुपयों का मुआवजा बांटा जा चुका है। 
जिलाधिकारी डॉ.राजेश देशमुख के मार्गदर्शन में जिले के साथ राज्य के लिए महत्वपूर्ण इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है। इस बारे में जमीन मालिकों से भी बातचीत की जा रही है और उन्हें विश्वास में लिया जा रहा है। सहमति निर्णय से भूमि अधिग्रहण करते समय भूमि धारकों को 25 प्रतिशत अधिक मुआवजा दिया गया है। जिलास्तरीय मूल्यांकन समिति की बैठक में सहमति विकल्प प्रस्तुत करने एवं अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए 31 जुलाई तक की समय सीमा दी गई।
चक्रकार महामार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से संबंधित 35 गांवों के कुल 16 हजार 940 खातेदारों में से 8 हजार 30 खातेदारों ने भूमि अधिग्रहण के लिए सहमति दे दी है, जिसमें से 275 खातेदारों को 125 एकड़ जमीन के मुआवजे के तौर पर 250 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। भुगतान वितरण की प्रक्रिया तेजी से चलने के कारण उन्हें भूस्वामियों से भी अच्छा समर्थन मिल रहा है।
जिलाधिकारी ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की समीक्षा की। सहमति से निर्णय के विकल्प को भूस्वामियों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है, जमीन पर कब्जे के लिए आवश्यक दस्तावेजों की व्यवस्था करने में समय लग रहा है सहमति का विकल्प प्रस्तुत करने के लिए भूस्वामियों ने विस्तार का अनुरोध किया था। तदनुसार, विकल्प जमा करने की समय सीमा 21 अगस्त 2023 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। यदि 21 अगस्त तक सहमति पत्र एवं सहमति पत्र प्राप्त न होने पर बाकी जमीन मालिकों की सहमति नहीं है, यह मानते हुए 25 फीसदी की बढ़ोतरी भुगतान के बिना भूमि अधिग्रहण का चयन अधिकृत भूमि अधिग्रहण अधिकारियों द्वारा घोषित की जाएगी।
भूमिधारकों को तय समय सीमा के भीतर सहमति विकल्प के माध्यम से 25 प्रतिशत अधिक मुआवजे का लाभ उठाना चाहिए और जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण इस परियोजना के लिए योगदान देने की भावना से प्रशासन को सहयोग करना चाहिए। यह अपील जिलाधिकारी डॉ. देशमुख ने की है।

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