पुणे, अगस्त (जिमाका)
स्वच्छता की आदतें अपनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का स्वास्थ्य, जीवन स्तर को ऊपर उठाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा कार्यान्वित की गई संत गाडगेबाबा ग्राम स्वच्छता अभियान के तहत वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के लिए विभाग स्तरीय पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। सातारा जिले की बनवड़ी (ता.कराड) ग्रामपंचायत को प्रथम पुरस्कार घोषित किया गया है। यह जानकारी विभागीय आयुक्त सौरभ राव ने दी।
संत गाडगेबाबा ग्राम स्वच्छता अभियान के तहत विभागीय आयुक्त श्री राव की अध्यक्षता में विभागस्तरीय समिति ने हाल ही में विभाग के पुणे, सातारा, सोलापुर, सांगली व कोल्हापुर जिले के जिलास्तर पर प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करनेवाली ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया गया। इस समिति में महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के मुख्य अभियंता राजेंद्र राहणे, पुणे विभाग के सूचना उपसंचालक डॉ. पुरुषोत्तम पाटोदकर, विकास शाखा की सहायक आयुक्त सोनाली घुले और विकास शाखा के उपायुक्त विजय मुलीक का समावेश था। समिति द्वारा किये गये सत्यापन के अनुसार निम्नलिखित ग्राम पंचायतें विभाग स्तरीय पुरस्कार हेतु पात्र हुई हैं-
सातारा जिले के कराड तालुका की बनवड़ी ग्रामपंचायत को विभागस्तर का पहला पुरस्कार घोषित किया गया है, पुरस्कार राशि 10 लाख रुपये है। कोल्हापुर जिले में आजरा तालुका में वाटंगी और पुणे जिले में जुन्नर तालुका में कालेवाड़ी ग्रामपंचायत को 8 लाख रुपये के दूसरे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सांगली जिले के कवठेमहांकाल तालुका में नांगोले और खंबाले ग्रामपंचायत को 6 लाख रुपये का तीसरा पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
बनवडी ग्रामपंचायत को स्व.वसंतराव नाईक पुरस्कार, वाटंगी ग्रामपंचायत को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर पुरस्कार, सोलापुर जिले के पंढरपुर तालुका की भोसे ग्रामपंचायत को स्व. आबासाहेब खेडेकर, ऐसे प्रत्येक को 30,000 रुपये के विशेष पुरस्कारों की घोषणा की गई है।
स्वच्छता एवं ग्रामीण विकास से संबंधित क्षेत्रों में पर्याप्त कार्य करनेवाली ग्रामपंचायत को संत गाडगेबाबा ग्रामस्वच्छता अभियान के माध्यम से तालुका, जिला, विभाग व राज्यस्तर पर पुरस्कार दिए जाते हैं। इस अभियान के तहत जल गुणवत्ता एवं जल प्रबंधन, शौचालय प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज प्रबंधन, घर, गाँव एवं आस-पास की स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं जनभागीदारी और व्यक्तिगत एवं सामूहिक पहल से विकास हेतु नवीन क्रियान्वित गतिविधियाँ आदि का अंकन निरीक्षण के आधार पर किया जाता है। विभागस्तर पर प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर रहनेवाली ग्राम पंचायतें राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए अर्हता प्राप्त करती हैं।
स्वच्छता की आदतें अपनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का स्वास्थ्य, जीवन स्तर को ऊपर उठाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा कार्यान्वित की गई संत गाडगेबाबा ग्राम स्वच्छता अभियान के तहत वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के लिए विभाग स्तरीय पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। सातारा जिले की बनवड़ी (ता.कराड) ग्रामपंचायत को प्रथम पुरस्कार घोषित किया गया है। यह जानकारी विभागीय आयुक्त सौरभ राव ने दी।
संत गाडगेबाबा ग्राम स्वच्छता अभियान के तहत विभागीय आयुक्त श्री राव की अध्यक्षता में विभागस्तरीय समिति ने हाल ही में विभाग के पुणे, सातारा, सोलापुर, सांगली व कोल्हापुर जिले के जिलास्तर पर प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करनेवाली ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया गया। इस समिति में महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के मुख्य अभियंता राजेंद्र राहणे, पुणे विभाग के सूचना उपसंचालक डॉ. पुरुषोत्तम पाटोदकर, विकास शाखा की सहायक आयुक्त सोनाली घुले और विकास शाखा के उपायुक्त विजय मुलीक का समावेश था। समिति द्वारा किये गये सत्यापन के अनुसार निम्नलिखित ग्राम पंचायतें विभाग स्तरीय पुरस्कार हेतु पात्र हुई हैं-
सातारा जिले के कराड तालुका की बनवड़ी ग्रामपंचायत को विभागस्तर का पहला पुरस्कार घोषित किया गया है, पुरस्कार राशि 10 लाख रुपये है। कोल्हापुर जिले में आजरा तालुका में वाटंगी और पुणे जिले में जुन्नर तालुका में कालेवाड़ी ग्रामपंचायत को 8 लाख रुपये के दूसरे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सांगली जिले के कवठेमहांकाल तालुका में नांगोले और खंबाले ग्रामपंचायत को 6 लाख रुपये का तीसरा पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
बनवडी ग्रामपंचायत को स्व.वसंतराव नाईक पुरस्कार, वाटंगी ग्रामपंचायत को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर पुरस्कार, सोलापुर जिले के पंढरपुर तालुका की भोसे ग्रामपंचायत को स्व. आबासाहेब खेडेकर, ऐसे प्रत्येक को 30,000 रुपये के विशेष पुरस्कारों की घोषणा की गई है।
स्वच्छता एवं ग्रामीण विकास से संबंधित क्षेत्रों में पर्याप्त कार्य करनेवाली ग्रामपंचायत को संत गाडगेबाबा ग्रामस्वच्छता अभियान के माध्यम से तालुका, जिला, विभाग व राज्यस्तर पर पुरस्कार दिए जाते हैं। इस अभियान के तहत जल गुणवत्ता एवं जल प्रबंधन, शौचालय प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज प्रबंधन, घर, गाँव एवं आस-पास की स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं जनभागीदारी और व्यक्तिगत एवं सामूहिक पहल से विकास हेतु नवीन क्रियान्वित गतिविधियाँ आदि का अंकन निरीक्षण के आधार पर किया जाता है। विभागस्तर पर प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर रहनेवाली ग्राम पंचायतें राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए अर्हता प्राप्त करती हैं।

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