पुणे, अगस्त (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
गत 09 अगस्त 2023 को अपराह्न 12.30 बजे कार्यालय प्रधान नियंत्रक (रक्षा लेखा) दक्षिण कमान, पुणे के मुख्य सभागृह में ‘मेरा माटी मेरा देश’ अभियान के अंतर्गत पंचप्रण शपथ विधि का सफलतापूर्वक सुचारु रूप से आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में सभी 109 केंद्रीय शासित अधीनस्थ कार्यालयों को भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जोड़ा गया जो महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान एवं गोवा में स्थित हैं। कार्यक्रम की घोषणा माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 30 जुलाई को ‘मन की बात’ के 103वें संस्करण के दौरान की थी। उक्त अभियान के द्वारा देश की आजादी के लिए प्राण न्योछावर करने वाले जांबाजों एवं वीरों के बलिदानों को याद किया जाएगा। उक्त अभियान की शुरुआत 09 अगस्त से होगी और इसका समापन 15 अगस्त को सुनिश्चित है।
उक्त कार्यक्रम के संचालक श्रीमती सुहाना आरीफ, सहायक लेखा अधिकारी ने सर्वप्रथम मुख्य अतिथि डॉ. राजीव एस. चव्हाण, भा.र.ले.से., रा.र.अ. प्रधान नियंत्रक (रक्षा लेखा) दक्षिण कमान, पुणे का भव्य स्वागत पुष्पगुच्छ द्वारा किया। इसके उपरांत, डॉ. राजीव एस. चव्हाण, भा.र.ले.से., रा.र.अ. प्रधान नियंत्रक (रक्षा लेखा) दक्षिण कमान, पुणे तथा अन्य भार.र.ले.से. अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया। श्रीमती मधु गांधी, वरिष्ठ लेखा अधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी में पंचप्रण शपथ तथा श्रीमती सुहाना आरीफ, सहायक लेखा अधिकारी ने अंग्रेजी में पंच प्रण शपथ दिलाई। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पंचप्रण शपथ के अंतर्गत भारत को वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर एवं विकसित देश बनाने के लिए प्रतिबद्ध होने की शपथ ग्रहण की। इसके साथ ही, देश को गुलामी की मानसिकता के बंधन से मुक्त करने की भी प्रतिज्ञा ली गई।
प्रधान नियंत्रक महोदय ने अपने अध्यक्षीय भाषण के दौरान देश के लिए बलिदान देने वाले जांबाज स्वतंत्रता सेनानियों और रणवीरों को विनम्र अभिवादन के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद, प्रधान नियंत्रक महोदय ने सभा में उपस्थित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को देश को वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपना अहम योगदान देने के लिए प्रेरित किया। यदि देश का हर नागरिक देश को सशक्त, सुदृढ़ एवं सक्षम बनाने में अपना पुरजोर योगदान दे तो वो दिन दूर नहीं जब हमारा देश विकासशील देश से विकसित देश बन जाएगा। हमारे देश को किसी भी दूसरे देश से किसी भी प्रकार की सामग्री आयात करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने हमारे राष्ट्र के पास उपलब्ध संसाधनों की सूची दर्शाते हुए बताया कि 2047 तक भारत वसुंधरा में सबसे बलिष्ठ, बलवान एवं महा शक्तिशाली राष्ट्र कहलाया जाएगा।
तदोपरांत प्रधान नियंत्रक महोदय ने ‘मेरी माटी मेरा देश’ में माटी अर्थात वसुंधरा या धरती के वंदन, नमन कर सभी से नम्र वाणी से दिल से आग्रह किया करने के निर्देश दिए। धरती की वंदना से तात्पर्य धरती की प्राकृतिक संपदा को किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुँचाना और उसकी सुरक्षा, बढ़ोत्तरी एवं पूर्ण संरचना के लिए सदैव तत्पर, तैयार होने के संकेत भी दिए। मुख्य अतिथि महोदय ने सभासदों को देशवासियों द्वारा प्राकृतिक संपदाओं के निरंतर दोहन से सचेत किया। आज के वक्त में पूरे विश्व में बढ़ता तापमान, बिगड़ते मौसम का चक्र इसी दोहन का ही परिणाम है। माननीय महोदय ने सभासदों को प्राकृतिक संपदाओं की रक्षा करने का आह्वान दिया।
प्रधान नियंत्रक महोदय ने देश के महत्व पर जोर देते हुए सभी सभासदों को आपसी भाईचारा, सौहार्द बनाए रखने के निर्देश दिए। महोदय ने किसी भी प्रकार का भेदभाव जैसे जातिवाद, प्रांतवाद, भाषावाद, आतंकवाद इत्यादि से परहेज करने को कहा। उन्होंने दोहराया कि किसी भी प्रकार का भेदभाव या घृणा का वातावरण हमारे देश की महान विरासत एवं देश की भव्य प्रतिष्ठा के लिए अत्यंत हानिकारक है जो देश की विकास यात्रा को बाधित करेगा।
प्रधान नियंत्रक महोदय ने संगठन के 109 अधीनस्थ कार्यालयों में से 75 अधीनस्थ कार्यालयों के कार्यालय परिसर से मिट्टी लाकर मुख्य कार्यालय, पुणे के उद्यान की मिट्टी से मिलाने के तत्काल निर्देश जारी किए। माननीय महोदय ने उक्त मिट्टी में 75 पौधे लगाने के भी निर्देश दिए। माननीय महोदय ने उक्त उद्यान का नामकरण ‘अमृत वाटिका’ करने के उचित दिशा निर्देश दिए जो कि आज तक ‘लोटस गार्डन’ कहलाता था।
अंत में प्रधान नियंत्रक महोदय एवं सभी उपस्थित गणमान्य अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा कार्यालय परिसर में स्थापित पूजनीय महात्मा गांधी, छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले, परमपूज्य डॉ. भीमराव आंबेडकर की विशाल मूर्तियों को माल्यार्पण किया गया और फूल अर्पण किए गए तथा उक्त महान व्यक्तियों के योगदान को याद किया गया।
श्रीमती सुहाना आरीफ, सहायक लेखा अधिकारी तथा श्रीमती मधु गांधी, वरिष्ठ लेखा अधिकारी ने माननीय प्रधान नियंत्रक महोदय को अपनी गरिमामयी उपस्थिति के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उपस्थित सभासदों को मुख्यतः उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए भी धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का समापन मध्याह्न भोजन के साथ किया गया।
यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।
गत 09 अगस्त 2023 को अपराह्न 12.30 बजे कार्यालय प्रधान नियंत्रक (रक्षा लेखा) दक्षिण कमान, पुणे के मुख्य सभागृह में ‘मेरा माटी मेरा देश’ अभियान के अंतर्गत पंचप्रण शपथ विधि का सफलतापूर्वक सुचारु रूप से आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में सभी 109 केंद्रीय शासित अधीनस्थ कार्यालयों को भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जोड़ा गया जो महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान एवं गोवा में स्थित हैं। कार्यक्रम की घोषणा माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 30 जुलाई को ‘मन की बात’ के 103वें संस्करण के दौरान की थी। उक्त अभियान के द्वारा देश की आजादी के लिए प्राण न्योछावर करने वाले जांबाजों एवं वीरों के बलिदानों को याद किया जाएगा। उक्त अभियान की शुरुआत 09 अगस्त से होगी और इसका समापन 15 अगस्त को सुनिश्चित है।
उक्त कार्यक्रम के संचालक श्रीमती सुहाना आरीफ, सहायक लेखा अधिकारी ने सर्वप्रथम मुख्य अतिथि डॉ. राजीव एस. चव्हाण, भा.र.ले.से., रा.र.अ. प्रधान नियंत्रक (रक्षा लेखा) दक्षिण कमान, पुणे का भव्य स्वागत पुष्पगुच्छ द्वारा किया। इसके उपरांत, डॉ. राजीव एस. चव्हाण, भा.र.ले.से., रा.र.अ. प्रधान नियंत्रक (रक्षा लेखा) दक्षिण कमान, पुणे तथा अन्य भार.र.ले.से. अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया। श्रीमती मधु गांधी, वरिष्ठ लेखा अधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी में पंचप्रण शपथ तथा श्रीमती सुहाना आरीफ, सहायक लेखा अधिकारी ने अंग्रेजी में पंच प्रण शपथ दिलाई। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पंचप्रण शपथ के अंतर्गत भारत को वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर एवं विकसित देश बनाने के लिए प्रतिबद्ध होने की शपथ ग्रहण की। इसके साथ ही, देश को गुलामी की मानसिकता के बंधन से मुक्त करने की भी प्रतिज्ञा ली गई।
प्रधान नियंत्रक महोदय ने अपने अध्यक्षीय भाषण के दौरान देश के लिए बलिदान देने वाले जांबाज स्वतंत्रता सेनानियों और रणवीरों को विनम्र अभिवादन के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद, प्रधान नियंत्रक महोदय ने सभा में उपस्थित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को देश को वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपना अहम योगदान देने के लिए प्रेरित किया। यदि देश का हर नागरिक देश को सशक्त, सुदृढ़ एवं सक्षम बनाने में अपना पुरजोर योगदान दे तो वो दिन दूर नहीं जब हमारा देश विकासशील देश से विकसित देश बन जाएगा। हमारे देश को किसी भी दूसरे देश से किसी भी प्रकार की सामग्री आयात करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने हमारे राष्ट्र के पास उपलब्ध संसाधनों की सूची दर्शाते हुए बताया कि 2047 तक भारत वसुंधरा में सबसे बलिष्ठ, बलवान एवं महा शक्तिशाली राष्ट्र कहलाया जाएगा।
तदोपरांत प्रधान नियंत्रक महोदय ने ‘मेरी माटी मेरा देश’ में माटी अर्थात वसुंधरा या धरती के वंदन, नमन कर सभी से नम्र वाणी से दिल से आग्रह किया करने के निर्देश दिए। धरती की वंदना से तात्पर्य धरती की प्राकृतिक संपदा को किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुँचाना और उसकी सुरक्षा, बढ़ोत्तरी एवं पूर्ण संरचना के लिए सदैव तत्पर, तैयार होने के संकेत भी दिए। मुख्य अतिथि महोदय ने सभासदों को देशवासियों द्वारा प्राकृतिक संपदाओं के निरंतर दोहन से सचेत किया। आज के वक्त में पूरे विश्व में बढ़ता तापमान, बिगड़ते मौसम का चक्र इसी दोहन का ही परिणाम है। माननीय महोदय ने सभासदों को प्राकृतिक संपदाओं की रक्षा करने का आह्वान दिया।
प्रधान नियंत्रक महोदय ने देश के महत्व पर जोर देते हुए सभी सभासदों को आपसी भाईचारा, सौहार्द बनाए रखने के निर्देश दिए। महोदय ने किसी भी प्रकार का भेदभाव जैसे जातिवाद, प्रांतवाद, भाषावाद, आतंकवाद इत्यादि से परहेज करने को कहा। उन्होंने दोहराया कि किसी भी प्रकार का भेदभाव या घृणा का वातावरण हमारे देश की महान विरासत एवं देश की भव्य प्रतिष्ठा के लिए अत्यंत हानिकारक है जो देश की विकास यात्रा को बाधित करेगा।
प्रधान नियंत्रक महोदय ने संगठन के 109 अधीनस्थ कार्यालयों में से 75 अधीनस्थ कार्यालयों के कार्यालय परिसर से मिट्टी लाकर मुख्य कार्यालय, पुणे के उद्यान की मिट्टी से मिलाने के तत्काल निर्देश जारी किए। माननीय महोदय ने उक्त मिट्टी में 75 पौधे लगाने के भी निर्देश दिए। माननीय महोदय ने उक्त उद्यान का नामकरण ‘अमृत वाटिका’ करने के उचित दिशा निर्देश दिए जो कि आज तक ‘लोटस गार्डन’ कहलाता था।
अंत में प्रधान नियंत्रक महोदय एवं सभी उपस्थित गणमान्य अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा कार्यालय परिसर में स्थापित पूजनीय महात्मा गांधी, छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले, परमपूज्य डॉ. भीमराव आंबेडकर की विशाल मूर्तियों को माल्यार्पण किया गया और फूल अर्पण किए गए तथा उक्त महान व्यक्तियों के योगदान को याद किया गया।
श्रीमती सुहाना आरीफ, सहायक लेखा अधिकारी तथा श्रीमती मधु गांधी, वरिष्ठ लेखा अधिकारी ने माननीय प्रधान नियंत्रक महोदय को अपनी गरिमामयी उपस्थिति के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उपस्थित सभासदों को मुख्यतः उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए भी धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का समापन मध्याह्न भोजन के साथ किया गया।
यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।

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