हड़पसर, अगस्त (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
ससाणेनगर स्थित महात्मा फुले क्रीड़ा संकुल बदहाल हो गया है। संबंधित विभाग ने इस क्रीड़ा संकुल की ओर स्पष्ट रूप से उपेक्षा की गई है। यदि संबंधित विभाग जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं करता है तो नागरिकों की ओर से क्षेत्रीय कार्यालय में घास फेंककर आंदोलन किया जाएगा। यह चेतावनी समाजसेवक व अर्जुनराव बनकर प्रतिष्ठान के प्रमुख महेंद्र बनकर ने दी है।
इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए समाजसेवक महेंद्र बनकर ने बताया कि हड़पसर ससाणेनगर स्थित डांगमाली मला में पुणे महानगरपालिका का महात्मा ज्योतिबा फुले क्रीड़ा संकुल है। इस परिसर में योग कक्षा, स्विमिंग पूल, फिटनेस सेंटर, आधार कार्ड केंद्र, बच्चों के लिए खिलौने और खाद्यान्न वितरण कार्यालय है। इस जगह पर हर दिन सैकड़ों नागरिक, महिलाएं और बच्चे आते हैं, लेकिन इस परिसर में प्रवेश करने के लिए जमा पानी और कीचड़ से होकर प्रवेश करना पड़ता है। प्रवेश करने के बाद नागरिकों को आधार केंद्र तक जाने के लिए दो से तीन फीट घास पर से गुजरना पड़ता है। इस परिसर में पेड़-पौधे और झाड़ियाँ उग आने के कारण यहाँ आने वाले वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और महिलाओं को साँप, बिच्छू और कीड़ों से अपनी जान हाथों में लेकर चलना पड़ता है। यहां बच्चों के कई खिलौने जर्जर हालत में हैं और झूलों के लिए लोहे के ढांचे तो हैं, लेकिन झूले ही गायब हैं। फ़िलहाल बारिश नहीं होने पर भी केंद्र के बाहर पानी जमा हो गया है और निवासियों को अंदर कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। परिसर की इस स्थिति के कारण नागरिकों की जान को खतरा पैदा हो गया है। संबंधित विभाग ने इस खेल परिसर की साफ तौर पर उपेक्षा की है।
ससाणेनगर स्थित महात्मा फुले क्रीड़ा संकुल बदहाल हो गया है। संबंधित विभाग ने इस क्रीड़ा संकुल की ओर स्पष्ट रूप से उपेक्षा की गई है। यदि संबंधित विभाग जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं करता है तो नागरिकों की ओर से क्षेत्रीय कार्यालय में घास फेंककर आंदोलन किया जाएगा। यह चेतावनी समाजसेवक व अर्जुनराव बनकर प्रतिष्ठान के प्रमुख महेंद्र बनकर ने दी है।
इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए समाजसेवक महेंद्र बनकर ने बताया कि हड़पसर ससाणेनगर स्थित डांगमाली मला में पुणे महानगरपालिका का महात्मा ज्योतिबा फुले क्रीड़ा संकुल है। इस परिसर में योग कक्षा, स्विमिंग पूल, फिटनेस सेंटर, आधार कार्ड केंद्र, बच्चों के लिए खिलौने और खाद्यान्न वितरण कार्यालय है। इस जगह पर हर दिन सैकड़ों नागरिक, महिलाएं और बच्चे आते हैं, लेकिन इस परिसर में प्रवेश करने के लिए जमा पानी और कीचड़ से होकर प्रवेश करना पड़ता है। प्रवेश करने के बाद नागरिकों को आधार केंद्र तक जाने के लिए दो से तीन फीट घास पर से गुजरना पड़ता है। इस परिसर में पेड़-पौधे और झाड़ियाँ उग आने के कारण यहाँ आने वाले वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और महिलाओं को साँप, बिच्छू और कीड़ों से अपनी जान हाथों में लेकर चलना पड़ता है। यहां बच्चों के कई खिलौने जर्जर हालत में हैं और झूलों के लिए लोहे के ढांचे तो हैं, लेकिन झूले ही गायब हैं। फ़िलहाल बारिश नहीं होने पर भी केंद्र के बाहर पानी जमा हो गया है और निवासियों को अंदर कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। परिसर की इस स्थिति के कारण नागरिकों की जान को खतरा पैदा हो गया है। संबंधित विभाग ने इस खेल परिसर की साफ तौर पर उपेक्षा की है।

0 टिप्पणियाँ