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लोकसेवा अधिकार आयोग की सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाया जाए : आयुक्त दिलीप शिंदे

पुणे, अगस्त (जिमाका)
महाराष्ट्र लोक सेवा अधिकार अधिनियम के तहत राज्य के नागरिकों के लिए पारदर्शी, गतिशील एवं समयबद्ध सेवाएँ प्राप्त करने का अधिकार मिला है। इस कानून को सख्ती से लागू करते हुए नागरिकों को घर बैठे सेवाएँ प्रदान करने जैसी नवीन पहलों के माध्यम से ऑनलाइन पद्धति से लोकसेवा अधिकार आयोग की सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाया जाए। यह निर्देश राज्य लोकसेवा अधिकार आयोग के आयुक्त दिलीप शिंदे ने दिए हैं।
विभागीय आयुक्त कार्यालय में विभाग के जिलाधिकारी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारीयों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में श्री शिंदे बोल रहे थे। बैठक में विभागीय आयुक्त सौरभ राव, विभागीय सहआयुक्त पूनम मेहता, उपायुक्त वर्षा लड्डा उंटवाल, आयोग की उप सचिव अनुराधा खानवीलकर आदि उपस्थित थे। 
श्री शिंदे ने कहा कि आयोग के तहत प्रदान की जानेवाली सेवाओं का लाभ ‘आपले सरकार’ पोर्टल के माध्यम से भी उठाया जा सकता है।
आयोग की स्थापना के बाद से पुणे विभाग में 2 करोड़ 90 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं और 2 करोड़ 74 लाख आवेदनों का निपटारा किया गया है। आवेदन मंजूरी दर लगभग 95 प्रतिशत है।
अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अधिनियम के क्रियान्वयन हेतु संबंधित जिले के जिलाधिकारी को लोकसेवा अधिकार नियंत्रक के रूप में नियुक्त किया गया है। कानून के प्रभावी कार्यान्वयन और नागरिकों को समय पर सेवाएं प्रदान करने के लिए जिलों में नए सेवा केंद्र तुरंत शुरू किए जाने चाहिए और सभी सेवाओं को ऑनलाइन करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष उपाय किए जाने चाहिए।
साप्ताहिक बाजारों, पोस्टरों, शिविरों, विज्ञापनों आदि के माध्यम से अधिनियम के प्रावधानों का प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरूकता निर्माण करना आवश्यक है। जिलाधिकारी लंबित आवेदनों पर नियमित संज्ञान लें और लोकसेवा अधिकार आयोग की वेबसाइट का लिंक  जिलाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराएं। यह निर्देश श्री शिंदे ने दिए। 
विभागीय आयुक्त श्री राव ने कहा कि जिला प्रशासन को तकनीकी कठिनाइयों को दूर कर और नागरिकों को कानून के प्रावधानों के अनुसार सभी अनुज्ञेय सेवाएं ऑनलाइन प्रदान करने का ध्यान रखना चाहिए।
बैठक में पुणे के जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख, सोलापुर के जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, सांगली के जिलाधिकारी डॉ. राजा दयानिधि, पुणे जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश चव्हाण, सातारा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज्ञानेश्वर खिलारी, कोल्हापुर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष पाटिल, सांगली जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी तृप्ति घोडमिसे, सोलापुर जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनिषा आव्हाले, सातारा अपर जिलाधिकारी जीवन गलांडे, कोल्हापुर अपर जिलाधिकारी संजय शिंदे, सांगली अपर जिलाधिकारी डॉ. स्वाति देशमुख पाटिल उपस्थित थे।

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