जिलाधिकारियों को विकास योजना प्रस्तुत करने के दिए निर्देश
मुंबई, अगस्त (महासंवाद)
पुणे जिले के इंदापुर में मालोजीराजे भोसले का किला, हजरत चांदशाहवली बाबा की दरगाह, रत्नागिरी जिले के संगमेश्वर तालुका के कसबा में स्वराज्यरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज का स्मारक, श्री मार्लेश्वर देवस्थान आदि क्षेत्रों को ऐतिहासिक, आध्यात्मिक, पुरातात्विक विरासत है। इन क्षेत्रों का विकास करते हुए पुरातात्विक महत्व एवं ऐतिहासिक सौन्दर्य को संरक्षित किया जाना चाहिए। नये भवन का निर्माण करते समय उसे सैकड़ों वर्ष पूर्व की मूल वास्तुकला से मेल खाना चाहिए। ऐसे निर्देश देते हुए उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आज संबंधित जिलाधिकारियों को इंदापुर, चिपलून, संगमेश्वर तालुका में पर्यटन क्षेत्रों की पूरी योजना तैयार करने और प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इन विकास कार्यों के लिए निधि की कमी नहीं होने दी जाएगी, आवश्यक निधि तत्काल उपलब्ध कराई जायेगी। यह विश्वास उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने मुंबई के सह्याद्रि अतिथिगृह में हुई बैठक में व्यक्त किया।
प्रादेशिक पर्यटन विकास योजना के तहत पुणे जिले के इंदापुर और रत्नागिरी जिले के चिपलून और संगमेश्वर तालुका में ऐतिहासिक स्थानों, तीर्थस्थलों और पर्यटन क्षेत्रों के विकास को लेकर उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व राज्यमंत्री तथा विधायक दत्तात्रय भरणे, विधायक शेखर निकम, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन करीर, राज्सव विभाग के मुख्य सचिव डॉ. राजगोपाल देवरा, नगरविकास विभाग के प्रधान सचिव डॉ. एच. गोविंदराज, नियोजन विभाग के प्रधान सचिव सौरभ विजय, उपमुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आशीष शर्मा, पर्यटन विभाग की प्रधान सचिव राधिका रस्तोगी, पर्यटन संचालक डॉ. बी. एन. पाटिल, दूरदृश्य प्रणाली द्वारा पुणे के जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख, रत्नागिरी के जिलाधिकारी एम. देवेंदर सिंह, पुणे जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर. एस. चव्हाण, नगरपालिका इंदापुर के मुख्याधिकारी राम कापरे, वास्तुविशारद स्मिता तावरे, रत्नागिरी के सार्वजनिक बांधकाम विभाग के कार्यकारी अभियंता अमोल ओटवणेकर, इंदापुर के बालासाहब ढवले, भारत जामदार, आजद पठाण, ओमकार सालुंके आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
पुणे जिले के इंदापुर में मालोजीराजे भोसले के किले के साथ हजरत चांदशाहवली बाबा की दरगाह क्षेत्र का विकास, चिपलुन और संगमेश्वर तालुका में पर्यटन से संबंधित विभिन्न विकास कार्यों के लिए निधि के प्रावधान करने के बारे में सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित बैठक में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजीत पवार बोल रहे थे।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि इंदापुर शहर में छत्रपति शिवाजी महाराज के दादा मालोजीराजे भोसले के किले का संरक्षण कर पुराने मीनार, गांव वेश के साथ ही ऐतिहासिक वास्तु का संरक्षण करने के साथ किले के पास वाली हजरत चांदशाहवली बाबा की दरगाह क्षेत्र को विकसित करने का प्रस्ताव पुणे जिलाधिकारी को तुरंत प्रस्तुत करना चाहिए। इस प्रयोजन हेतु निधि उपलब्ध करायी जायेगी। यह विकास कार्य उत्तम दर्जे और गुणवत्तापूर्ण करने की सावधानी बरती जाए। विकास कार्य करते समय क्षेत्र के वास्तू का ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व संरक्षित रखा जाए, इसका ख्याल रखें। किले के क्षेत्र में यदि अतिक्रमण हो तो उसे हटाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की सूचना भी उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने दी।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आगे कहा कि कोंकण को प्रकृति का वरदान प्राप्त है, इसलिए इस क्षेत्र में पर्यटन के माध्यम से रोजगार सृजन की बहुत बड़ी संभावना है। उसे ध्यान में रखकर कोंकण के पर्यटन स्थलों का विकास किया जाना चाहिए। प्रादेशिक पर्यटन विकास योजना के तहत चिपलून तालुका में पेढ़े में सवतसडा झरना, चिपलून गुहागर बाईपास रोड पर प्राचीन बौद्ध गुफा (दगोबा की गुफा) का सौंदर्यीकरण, संगमेश्वर तालुका में मार्लेश्वर देवस्थान परिसर, कसबा में स्वराज्यरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज स्मारक, श्री टिकलेश्वर मंदिर, श्रीक्षेत्र मार्लेश्वर में आर्च ब्रिज का निर्माण, सौन्दर्यीकरण कार्य करने हेतु वास्तुकार (आर्किटेक्ट) को नियुक्त किये जाये। पर्यटकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने दिए।
पुणे जिले के इंदापुर में मालोजीराजे भोसले का किला, हजरत चांदशाहवली बाबा की दरगाह, रत्नागिरी जिले के संगमेश्वर तालुका के कसबा में स्वराज्यरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज का स्मारक, श्री मार्लेश्वर देवस्थान आदि क्षेत्रों को ऐतिहासिक, आध्यात्मिक, पुरातात्विक विरासत है। इन क्षेत्रों का विकास करते हुए पुरातात्विक महत्व एवं ऐतिहासिक सौन्दर्य को संरक्षित किया जाना चाहिए। नये भवन का निर्माण करते समय उसे सैकड़ों वर्ष पूर्व की मूल वास्तुकला से मेल खाना चाहिए। ऐसे निर्देश देते हुए उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आज संबंधित जिलाधिकारियों को इंदापुर, चिपलून, संगमेश्वर तालुका में पर्यटन क्षेत्रों की पूरी योजना तैयार करने और प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इन विकास कार्यों के लिए निधि की कमी नहीं होने दी जाएगी, आवश्यक निधि तत्काल उपलब्ध कराई जायेगी। यह विश्वास उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने मुंबई के सह्याद्रि अतिथिगृह में हुई बैठक में व्यक्त किया।
प्रादेशिक पर्यटन विकास योजना के तहत पुणे जिले के इंदापुर और रत्नागिरी जिले के चिपलून और संगमेश्वर तालुका में ऐतिहासिक स्थानों, तीर्थस्थलों और पर्यटन क्षेत्रों के विकास को लेकर उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व राज्यमंत्री तथा विधायक दत्तात्रय भरणे, विधायक शेखर निकम, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन करीर, राज्सव विभाग के मुख्य सचिव डॉ. राजगोपाल देवरा, नगरविकास विभाग के प्रधान सचिव डॉ. एच. गोविंदराज, नियोजन विभाग के प्रधान सचिव सौरभ विजय, उपमुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आशीष शर्मा, पर्यटन विभाग की प्रधान सचिव राधिका रस्तोगी, पर्यटन संचालक डॉ. बी. एन. पाटिल, दूरदृश्य प्रणाली द्वारा पुणे के जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख, रत्नागिरी के जिलाधिकारी एम. देवेंदर सिंह, पुणे जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर. एस. चव्हाण, नगरपालिका इंदापुर के मुख्याधिकारी राम कापरे, वास्तुविशारद स्मिता तावरे, रत्नागिरी के सार्वजनिक बांधकाम विभाग के कार्यकारी अभियंता अमोल ओटवणेकर, इंदापुर के बालासाहब ढवले, भारत जामदार, आजद पठाण, ओमकार सालुंके आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
पुणे जिले के इंदापुर में मालोजीराजे भोसले के किले के साथ हजरत चांदशाहवली बाबा की दरगाह क्षेत्र का विकास, चिपलुन और संगमेश्वर तालुका में पर्यटन से संबंधित विभिन्न विकास कार्यों के लिए निधि के प्रावधान करने के बारे में सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित बैठक में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजीत पवार बोल रहे थे।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि इंदापुर शहर में छत्रपति शिवाजी महाराज के दादा मालोजीराजे भोसले के किले का संरक्षण कर पुराने मीनार, गांव वेश के साथ ही ऐतिहासिक वास्तु का संरक्षण करने के साथ किले के पास वाली हजरत चांदशाहवली बाबा की दरगाह क्षेत्र को विकसित करने का प्रस्ताव पुणे जिलाधिकारी को तुरंत प्रस्तुत करना चाहिए। इस प्रयोजन हेतु निधि उपलब्ध करायी जायेगी। यह विकास कार्य उत्तम दर्जे और गुणवत्तापूर्ण करने की सावधानी बरती जाए। विकास कार्य करते समय क्षेत्र के वास्तू का ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व संरक्षित रखा जाए, इसका ख्याल रखें। किले के क्षेत्र में यदि अतिक्रमण हो तो उसे हटाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की सूचना भी उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने दी।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आगे कहा कि कोंकण को प्रकृति का वरदान प्राप्त है, इसलिए इस क्षेत्र में पर्यटन के माध्यम से रोजगार सृजन की बहुत बड़ी संभावना है। उसे ध्यान में रखकर कोंकण के पर्यटन स्थलों का विकास किया जाना चाहिए। प्रादेशिक पर्यटन विकास योजना के तहत चिपलून तालुका में पेढ़े में सवतसडा झरना, चिपलून गुहागर बाईपास रोड पर प्राचीन बौद्ध गुफा (दगोबा की गुफा) का सौंदर्यीकरण, संगमेश्वर तालुका में मार्लेश्वर देवस्थान परिसर, कसबा में स्वराज्यरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज स्मारक, श्री टिकलेश्वर मंदिर, श्रीक्षेत्र मार्लेश्वर में आर्च ब्रिज का निर्माण, सौन्दर्यीकरण कार्य करने हेतु वास्तुकार (आर्किटेक्ट) को नियुक्त किये जाये। पर्यटकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने दिए।

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