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लम्पी त्वचा रोग के प्रकोप को रोकने के लिए संपूर्ण पुणे जिला ‘नियंत्रित क्षेत्र’ घोषित

पुणे, अगस्त (जिमाका)
पुणे जिले के शिरूर, दौंड, खेड़, आंबेगांव, हवेली और मुलशी तालुका में कुछ गोजातीय जानवरों में लम्पी त्वचा रोग का संक्रमण का पता चलने के कारण निवारक उपायों की दृष्टि से संक्रामक और संचारी रोग निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 2009 के अनुसार जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने पूरे पुणे जिले को लम्पी त्वचा रोग के लिए ‘नियंत्रित क्षेत्र’ घोषित करने के आदेश जारी किए हैं।
कुछ जानवरों के लम्पी रोग के नमूने सहआयुक्त पशुपालन विभाग और रोग जांच विभाग, औंध की रिपोर्ट के अनुसार सकारात्मक पाए गए हैं, इसलिए जिलाधिकारी डॉ. देशमुख ने यह आदेश जारी कर उपायों का उल्लिखित किया है।
गाय और भैंस को छोड़कर, गोजातीय प्रजाति के अन्य सभी जानवर, जिस स्थान पर उनका पालन-पोषण किया जाता है, उस स्थान से नियंत्रण क्षेत्र में या क्षेत्र से बाहर किसी अन्य स्थान पर ले जाते एवं परिवहन करते समय कम से कम 28 दिन पहले लम्पी त्वचा रोग के लिए प्रतिबंधक गोट पॉक्स टीकाकरण करने का टीकाकरण प्रमाणपत्र अपने साथ ले जाना अनिवार्य होगा।
प्रभावित गोजातीय प्रजाति के जीवित या मृत पशु, संक्रमित गोजातीय पशुओं के संपर्क में आए किसी भी प्रकार का संदूषण (वैरण), पशु आश्रय के लिए घास या अन्य सामग्री और ऐसे जानवर की खाल या कोई भी भाग या ऐसे जानवरों से अन्य कोई भी उत्पाद को नियंत्रित क्षेत्र से बाहर ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
किसी भी गोजातीय प्रजाति के पशुओं का विपणन और बाजार में क्रय-विक्रय करते समय कम से कम 28 दिन पूर्व लम्पी चर्म रोग के लिए गोट पॉक्स निवारक टीकाकरण किया हुआ टीकाकरण प्रमाणपत्र और पशु चिकित्सा अधिकारी का एवं स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बाजार समिति में जमा करना अनिवार्य होगा।
गोजातीय प्राणियों की दौड़, मेला लगाना, प्रदर्शनी में भाग ले रहे सभी गोजातीय प्रजातियों के जानवरों का कम से कम 28 दिन पूर्व लम्पी चर्म रोग के लिए गोट पॉक्स निवारक टीकाकरण किया हुआ टीकाकरण प्रमाणपत्र और पशु चिकित्सा अधिकारी का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र आयोजक को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
प्रयोगशाला निदान क्षेत्र में जिस क्षेत्र में पशुपालक के मवेशियों में लम्पी त्वचा रोग के निष्कर्ष सकारात्मक आएंगे, ऐसी जगह से 5 कि.मी. दायरे में सभी असंक्रमित जानवरों का शीघ्र टीकाकरण करके बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए। लम्पी रोग को अन्यत्र फैलने से रोकने के लिए केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिले के सभी स्थानीय निकायों में बाह्य कीट नियंत्रण कार्यक्रम लागू किया जाना चाहिए।
लम्पी त्वचा रोग के बारे में पशुपालकों में जनजागरूकता पैदा करने के लिए ग्रामपंचायत के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये तथा निर्मूलन पशुपालन विभाग के समन्वय से रोग पर नियंत्रण किया जाये।
यह आदेश आगामी आदेश जारी होने तक लागू रहेंगे और लम्पी त्वचा रोग की स्थिति की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। आदेश में इसका भी उल्लेख किया गया है।

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